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आदिवासी समाज ने निर्धन जोड़े की शादी करा पेश की मिशाल
Updated Sun, 25 Feb 2018 11:36 PM IST
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दुद्धी। ब्लॉक क्षेत्र के मल्देवा गांव स्थित महारानी दुर्गावती स्मारक स्थल पर चल रहे आदिवासी महासम्मेलन का रविवार को एक निर्धन जोड़े की आदिवासी परंपरा के अनुसार कराई गई शादी के साथ समापन हो गया। महासम्मेलन में कमेटी ने अहम फैसला करते हुए एक जोड़े का शादी पूरी आदिवासी परंपरा के अनुसार कराई। जिसमें लड़की जोरूखाड़ तथा लड़का कटौंधी की बताई गई है।
दुद्धी विधायक हरिराम चेरों ने कहा कि आदिवासी भारत की ही नही दुनिया की सबसे पुरानी जाति है, जिन्होंने अपनी परंपरा संजोने की जिम्मेदारी बखूबी निभाई है। कहा आदिवासी जनजातियों को संख्या के हिसाब से आरक्षण नही मिला है, जिसकी लड़ाई लड़ी जा रही है। विधायक ने समाज के लोगों से शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की अपील की। इसके पूर्व शनिवार की रात्रि में आदिवासी गीतों कर्मा, डोमकच, कजरी, भोजपुरी सहित अन्य गीतों का लोगों ने जमकर लुत्फ उठाया। वहीं नशामुक्ति, अशिक्षा, अंधविश्वास विषय पर लघु नाटिका प्रस्तुत की गई जिसकी लोगों ने जमकर सराहना की। संयोजक फौदार सिंह, रामविचार टेकाम, बुद्धिनरायन खरवार, रामप्रसाद टेकाम, हरिप्रसाद, मीरा सिंह गोंड़, रामसागर, सुरेन्द्र पोया, अमर सिंह गोंड़, चन्द्रिका प्रसाद, मंजू सिंह, सविता सिंह, कलावती, पार्वती, आशा रावत, मुनेशर, सुरेन्द्र रंगीला, रामफल आदि मौजूद रहे। संचालन फौदार सिंह परस्ते ने किया।
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दुद्धी विधायक हरिराम चेरों ने कहा कि आदिवासी भारत की ही नही दुनिया की सबसे पुरानी जाति है, जिन्होंने अपनी परंपरा संजोने की जिम्मेदारी बखूबी निभाई है। कहा आदिवासी जनजातियों को संख्या के हिसाब से आरक्षण नही मिला है, जिसकी लड़ाई लड़ी जा रही है। विधायक ने समाज के लोगों से शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की अपील की। इसके पूर्व शनिवार की रात्रि में आदिवासी गीतों कर्मा, डोमकच, कजरी, भोजपुरी सहित अन्य गीतों का लोगों ने जमकर लुत्फ उठाया। वहीं नशामुक्ति, अशिक्षा, अंधविश्वास विषय पर लघु नाटिका प्रस्तुत की गई जिसकी लोगों ने जमकर सराहना की। संयोजक फौदार सिंह, रामविचार टेकाम, बुद्धिनरायन खरवार, रामप्रसाद टेकाम, हरिप्रसाद, मीरा सिंह गोंड़, रामसागर, सुरेन्द्र पोया, अमर सिंह गोंड़, चन्द्रिका प्रसाद, मंजू सिंह, सविता सिंह, कलावती, पार्वती, आशा रावत, मुनेशर, सुरेन्द्र रंगीला, रामफल आदि मौजूद रहे। संचालन फौदार सिंह परस्ते ने किया।
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