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ओवरलोडिंग रोकने में फेल हुआ जिला प्रशासन
Updated Fri, 16 Mar 2018 11:51 PM IST
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सोनभद्र। जिला प्रशासन और परिवहन महकमा ओवरलोडिंग रोकने में विफल साबित हो रहा है। ओवरलोड और बिना परमिट के वाहनों के गुजरने की लगातार मिल रही शिकायतों को देखते हुए डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर डीके त्रिपाठी ने जिले में तीन दिनों के लिए विशेष चेकिंग अभियान शुरू कराया है। मिर्जापुर के एआरटीओ के साथ ही जनपद के तीनों एआरटीओ को हर हाल में ओवरलोड वाहनों को रोकने के निर्देश दिए हैं। गुरुवार की अर्धरात्रि से वाहन जांच अभियान शुरू भी हो गया है। यह अभियान 18 मार्च तक जारी रहेगा।
डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर डीके त्रिपाठी ने बताया कि सोनभद्र के परिवहन विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत से ओवरलोड वाहनों के गुजरने की लगातार शिकायतें मिल रही हैं। शिकायत को लेकर उन्होंने तीन दिनों के लिए जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। बताया कि सोनभद्र के अलावा मिर्जापुर के एआरटीओ को भी भेजा गया है। ओवरलोड पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हुआ तो न सिर्फ अभियान को आगे बढ़ाया जाएगा बल्कि सोनभद्र के दोनों एआरटीओ प्रवर्तन के खिलाफ शासन को लिखा जाएगा। बताते चलें अमर उजाला ने ओवरलोड वाहन पास कराने और स्कैन परिमट पर गिट्टी बालू परिवहन करने का खुलासा किया था। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद सोनभद्र में लगातार अभियान चला था। अपर ट्रांसपोर्ट कमिश्नर वीके सिंह और डिप्टी ट्रांसपोर्टर कमिश्नर डीके त्रिपाठी भी लगातार नजर बनाए हुए थे। सख्ती के बाद ओवरलोड पर काफी हद तक लगाम लगा था मगर अब फिर से ओवरलोडिंग शुरू हो गई है।
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डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर डीके त्रिपाठी ने बताया कि सोनभद्र के परिवहन विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत से ओवरलोड वाहनों के गुजरने की लगातार शिकायतें मिल रही हैं। शिकायत को लेकर उन्होंने तीन दिनों के लिए जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। बताया कि सोनभद्र के अलावा मिर्जापुर के एआरटीओ को भी भेजा गया है। ओवरलोड पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हुआ तो न सिर्फ अभियान को आगे बढ़ाया जाएगा बल्कि सोनभद्र के दोनों एआरटीओ प्रवर्तन के खिलाफ शासन को लिखा जाएगा। बताते चलें अमर उजाला ने ओवरलोड वाहन पास कराने और स्कैन परिमट पर गिट्टी बालू परिवहन करने का खुलासा किया था। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद सोनभद्र में लगातार अभियान चला था। अपर ट्रांसपोर्ट कमिश्नर वीके सिंह और डिप्टी ट्रांसपोर्टर कमिश्नर डीके त्रिपाठी भी लगातार नजर बनाए हुए थे। सख्ती के बाद ओवरलोड पर काफी हद तक लगाम लगा था मगर अब फिर से ओवरलोडिंग शुरू हो गई है।
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