{"_id":"596908c04f1c1b57738b4587","slug":"101500055744-sonebhadra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"653 कोटे की दूकानों पर नहीं लगी बायोमेट्रिक मशीन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
653 कोटे की दूकानों पर नहीं लगी बायोमेट्रिक मशीन
Updated Fri, 14 Jul 2017 11:39 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
सोनभद्र। अनाज वितरण प्रणाली की दूकानों पर धांधली रोकने के लिए बायोमैट्रिक मशीन लगनी है। लेकिन अभी शासन के आदेश को पूरी तरह से लागू नहीं किया जा सका है। जिले के करीब 653 कोटे की दूकानों पर अभी तक बायोमीट्रिक मशीनें नही लगी है । सिर्फ नगरीय क्षेत्रों के 72 दूकानों पर मशीनें लगी है। इनमें से दर्जनों बायोमैट्रिक मशीनों में कार्डधारकों का फिंगर प्रिंट मैच नहीं कर रहा। इससे उपभोक्ताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बताते चलें कि सरकार ने वितरण प्रणाली की दूकानों पर हो रही घटतौली को बंद करने के लिए बायोमैट्रिक मशीनें लगाने का निर्देश दिया है। ताकि शासन की ओर से कार्डधारकों को मिली वाली सुविधाएं मुहैया हो सकें। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में 653 और नगरीय क्षेत्रों में 72 वितरण प्रणाली की दूकानें है। शासन के सख्त आदेश देने के बावजूद अभी तक ग्रामीण क्षेत्रों के एक भी कोटे की दूकानों पर बायोमैट्रिक मशीनें नहीं लगी है। इससे शासन की मंशा पर पानी फिरता नजर आ रहा है। नगरीय क्षेत्रों में लगी कई बायोमैट्रिक मशीनों में अधिकांश कार्डधारकों को फिंगर प्रिंट मैच नहीं कर रहा है। इसके अलावा अक्सर मशीन में नेटवर्क की समस्याएं रह रही है जिलापूर्ति अधिकारी राकेश कुमार तिवारी का कहना है कि प्रथम चरण में नगरीय क्षेत्र के 72 कोटे की दूकानों पर मशीनें लगाई है। द्वितीय चरण में ग्रामीण क्षेत्रों की दूकानों पर बायोमैट्रिक मशीनें लगेंगी। उन्होंने बताया कि नगरीय क्षेत्रों में 33395 कार्डधारक है, इनमें से 8315 कार्डधारकों को बायोमैट्रिक मशीन के माध्यम से वितरण किया गया है। नेटवर्क की समस्याओं को दूर करने के लिए 13 जुलाई से संबंधित कंपनी ने टूजी प्लान को थ्री जी प्लान में कनवर्ट करना शुरू कर दिया है। जिन बायोमैट्रिक मशीनों मेें खराबी है उसे ठीक करने के लिए संबंधित कंपनी के इंजीनियरों को सूचित कर दिया गया है।
बताते चलें कि सरकार ने वितरण प्रणाली की दूकानों पर हो रही घटतौली को बंद करने के लिए बायोमैट्रिक मशीनें लगाने का निर्देश दिया है। ताकि शासन की ओर से कार्डधारकों को मिली वाली सुविधाएं मुहैया हो सकें। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में 653 और नगरीय क्षेत्रों में 72 वितरण प्रणाली की दूकानें है। शासन के सख्त आदेश देने के बावजूद अभी तक ग्रामीण क्षेत्रों के एक भी कोटे की दूकानों पर बायोमैट्रिक मशीनें नहीं लगी है। इससे शासन की मंशा पर पानी फिरता नजर आ रहा है। नगरीय क्षेत्रों में लगी कई बायोमैट्रिक मशीनों में अधिकांश कार्डधारकों को फिंगर प्रिंट मैच नहीं कर रहा है। इसके अलावा अक्सर मशीन में नेटवर्क की समस्याएं रह रही है जिलापूर्ति अधिकारी राकेश कुमार तिवारी का कहना है कि प्रथम चरण में नगरीय क्षेत्र के 72 कोटे की दूकानों पर मशीनें लगाई है। द्वितीय चरण में ग्रामीण क्षेत्रों की दूकानों पर बायोमैट्रिक मशीनें लगेंगी। उन्होंने बताया कि नगरीय क्षेत्रों में 33395 कार्डधारक है, इनमें से 8315 कार्डधारकों को बायोमैट्रिक मशीन के माध्यम से वितरण किया गया है। नेटवर्क की समस्याओं को दूर करने के लिए 13 जुलाई से संबंधित कंपनी ने टूजी प्लान को थ्री जी प्लान में कनवर्ट करना शुरू कर दिया है। जिन बायोमैट्रिक मशीनों मेें खराबी है उसे ठीक करने के लिए संबंधित कंपनी के इंजीनियरों को सूचित कर दिया गया है।
विज्ञापन