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किशोरी से दुष्कर्म के दोषी को 10 वर्ष की कैद
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बभनी थाना क्षेत्र के एक गांव में किशोरी से दुष्कर्म के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट पंकज श्रीवास्तव की अदालत ने दोषी को दस वर्ष कैद की सजा सुनाई है। उस पर 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर नौ माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं अर्थदंड की धनराशि पीड़िता को मिलेगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, पीड़िता के पिता ने छह दिसंबर 2017 को थाने में दी तहरीर में आरोप लगाया था कि उसकी 15 वर्षीय बेटी को बभनी थाना क्षेत्र के चपकी गांव निवासी उमेश पुत्र राम प्रताप ने 21 नवंबर 2017 की बहला फुसलाकर भगा ले गया। इस तहरीर पर पुलिस ने दुष्कर्म समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर विवेचना की और कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। इसी मामले में सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषी उमेश को 10 वर्ष की कैद एवं 40 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर नौ माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अभियोजन पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता दिनेश अग्रहरि व सत्यप्रकाश त्रिपाठी एडवोकेट ने बहस की।
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अभियोजन पक्ष के मुताबिक, पीड़िता के पिता ने छह दिसंबर 2017 को थाने में दी तहरीर में आरोप लगाया था कि उसकी 15 वर्षीय बेटी को बभनी थाना क्षेत्र के चपकी गांव निवासी उमेश पुत्र राम प्रताप ने 21 नवंबर 2017 की बहला फुसलाकर भगा ले गया। इस तहरीर पर पुलिस ने दुष्कर्म समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर विवेचना की और कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। इसी मामले में सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषी उमेश को 10 वर्ष की कैद एवं 40 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर नौ माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अभियोजन पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता दिनेश अग्रहरि व सत्यप्रकाश त्रिपाठी एडवोकेट ने बहस की।
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