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Sitapur News: डेंगू से युवक की मौत, तीन मरीज और मिले
Wed, 08 Nov 2023 09:18 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Wed, 08 Nov 2023 09:18 PM IST
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सीतापुर/लहरपुर। लहरपुर के एक युवक की मंगलवार रात डेंगू से मौत हो गई। उसका लखनऊ के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। वहीं जिला अस्पताल में हुई एलाइजा जांच में तीन मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। अस्पताल में बने डेंगू वार्ड में इस समय 21 मरीज भर्ती हैं।
लहरपुर के ग्राम नबीनगर निवासी मोहित (24) को काफी दिनों से बुखार आ रहा था। पहले सीतापुर में इलाज करवाया, लेकिन दवा से कोई फायदा नहीं हुआ। परिजनों ने एक नवंबर को लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के दौरान हुई जांच में वह डेंगू से संक्रमित मिले। दवाओं से कोई खास फायदा नहीं हो रहा था। प्लेटलेट्स लगातार गिरती जा रही थीं।
मंगलवार रात मोहित ने दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही घर में शोक की लहर दौड़ गई। उधर, डेंगू का कहर कम नहीं हो रहा है। जिला अस्पताल की ओपीडी में बुधवार को 80 मरीजों की डेंगू की जांच की गई। एलाइजा टेस्ट में तीन मरीज डेंगू पॉजिटिव मिले। डेंगू वार्ड में भर्ती कर इन मरीजों का इलाज शुरू करा दिया गया है। सीएमएस डॉ. आरके सिंह ने बताया कि डेंगू वार्ड में इस समय 21 मरीज भर्ती हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम 24 घंटे इनकी निगरानी कर रही है।
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शासन को फिर भेजा पत्र
जिला अस्पताल के ब्लड सेंटर में कंपोनेंट सेपरेटर लगा हुआ है। लेकिन खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की तरफ से लाइसेंस के अभाव में यह बंद पड़ा है। अगर यह चालू हो जाए तो मरीजों को प्लेटलेट्स की सुविधा मिलने लगे। सीएमएस ने दो बार इस मुद्दे को लेकर शासन को पत्र भी लिखा है। सीएमएस डॉ. आरके सिंह ने बताया कि फिर से पत्र शासन को भेजा गया है। उम्मीद है जल्द ही लाइसेंस मिल जाएगा। कंपोनेंट सेपरेटर शुरू हो जाने से मरीजों को राहत मिलेगी।
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लहरपुर के ग्राम नबीनगर निवासी मोहित (24) को काफी दिनों से बुखार आ रहा था। पहले सीतापुर में इलाज करवाया, लेकिन दवा से कोई फायदा नहीं हुआ। परिजनों ने एक नवंबर को लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के दौरान हुई जांच में वह डेंगू से संक्रमित मिले। दवाओं से कोई खास फायदा नहीं हो रहा था। प्लेटलेट्स लगातार गिरती जा रही थीं।
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मंगलवार रात मोहित ने दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही घर में शोक की लहर दौड़ गई। उधर, डेंगू का कहर कम नहीं हो रहा है। जिला अस्पताल की ओपीडी में बुधवार को 80 मरीजों की डेंगू की जांच की गई। एलाइजा टेस्ट में तीन मरीज डेंगू पॉजिटिव मिले। डेंगू वार्ड में भर्ती कर इन मरीजों का इलाज शुरू करा दिया गया है। सीएमएस डॉ. आरके सिंह ने बताया कि डेंगू वार्ड में इस समय 21 मरीज भर्ती हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम 24 घंटे इनकी निगरानी कर रही है।
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शासन को फिर भेजा पत्र
जिला अस्पताल के ब्लड सेंटर में कंपोनेंट सेपरेटर लगा हुआ है। लेकिन खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की तरफ से लाइसेंस के अभाव में यह बंद पड़ा है। अगर यह चालू हो जाए तो मरीजों को प्लेटलेट्स की सुविधा मिलने लगे। सीएमएस ने दो बार इस मुद्दे को लेकर शासन को पत्र भी लिखा है। सीएमएस डॉ. आरके सिंह ने बताया कि फिर से पत्र शासन को भेजा गया है। उम्मीद है जल्द ही लाइसेंस मिल जाएगा। कंपोनेंट सेपरेटर शुरू हो जाने से मरीजों को राहत मिलेगी।