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Sitapur News: महिलाओं ने बनाए मोटे अनाज के व्यंजन
Thu, 28 Sep 2023 08:59 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Thu, 28 Sep 2023 08:59 PM IST
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सीतापुर। मिश्रिख के ग्राम कुंवारापुर में कृषि विज्ञान केंद्र कटिया की ओर से मोटे अनाजों (श्री अन्न) पर आधारित व्यंजन प्रतियोगिता हुई। इसमें 38 महिलाओं ने मोटे अनाजों से विभिन्न व्यंजन बनाए। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान सांवा और काकुन की कचौड़ी ने प्राप्त किया।
प्रतियोगिता में प्रथम स्थान सांवा और काकुन के कचौड़ी को मिला। इसे तैयार करने वाली उमा बताती हैं कि इस कचौड़ी को बरसात के सीजन में खूब पसंद किया जाता है। ये खाने में बहुत स्वादिष्ट होती है। सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद होती हैं।
दूसरा स्थान मक्के के पुवा को मिला। इसे सोमवती ने तैयार किया। उनका मानना है कि मक्के के पुवा गेहूं के आटे के पुआ की तुलना में ज्यादा स्वादिष्ट और स्वास्थ्यवर्धक होते हैं। तीसरा स्थान काकुन की तहेड़ी ने प्राप्त किया। इसको तैयार करने वाली गुड़िया पांडेय बताती हैं कि काकुन की तहेड़ी न सिर्फ स्वाद में उत्तम होती है बल्कि सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद मानी जाती है।
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पोषण सुरक्षा के लिए मोटा अनाज है बेहतर विकल्प
प्रतियोगिता समन्वयक व वैज्ञानिक डॉ. रीमा ने बताया कि पोषण सुरक्षा के लिए मोटा अनाज एक बेहतर विकल्प है। इसके फायदों को देखते हुए इन्हें सुपर फूड भी कहा जाने लगा है। केंद्र के अध्यक्ष डाॅ. दया शंकर श्रीवास्तव ने बताया कि श्री अन्न दुनिया में सबसे पुराने खेती वाले अनाजों में से एक है। मोटे अनाजों के पोषक तत्वों और बाजार से जुड़ी संभावनाओं पर चर्चा की। केवीके फसलों के बीज किसानों को उपलब्ध करा रहा है। प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पाने वाले प्रतियोगियों को पुरस्कृत करने के साथ ही प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
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प्रतियोगिता में प्रथम स्थान सांवा और काकुन के कचौड़ी को मिला। इसे तैयार करने वाली उमा बताती हैं कि इस कचौड़ी को बरसात के सीजन में खूब पसंद किया जाता है। ये खाने में बहुत स्वादिष्ट होती है। सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद होती हैं।
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दूसरा स्थान मक्के के पुवा को मिला। इसे सोमवती ने तैयार किया। उनका मानना है कि मक्के के पुवा गेहूं के आटे के पुआ की तुलना में ज्यादा स्वादिष्ट और स्वास्थ्यवर्धक होते हैं। तीसरा स्थान काकुन की तहेड़ी ने प्राप्त किया। इसको तैयार करने वाली गुड़िया पांडेय बताती हैं कि काकुन की तहेड़ी न सिर्फ स्वाद में उत्तम होती है बल्कि सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद मानी जाती है।
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पोषण सुरक्षा के लिए मोटा अनाज है बेहतर विकल्प
प्रतियोगिता समन्वयक व वैज्ञानिक डॉ. रीमा ने बताया कि पोषण सुरक्षा के लिए मोटा अनाज एक बेहतर विकल्प है। इसके फायदों को देखते हुए इन्हें सुपर फूड भी कहा जाने लगा है। केंद्र के अध्यक्ष डाॅ. दया शंकर श्रीवास्तव ने बताया कि श्री अन्न दुनिया में सबसे पुराने खेती वाले अनाजों में से एक है। मोटे अनाजों के पोषक तत्वों और बाजार से जुड़ी संभावनाओं पर चर्चा की। केवीके फसलों के बीज किसानों को उपलब्ध करा रहा है। प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पाने वाले प्रतियोगियों को पुरस्कृत करने के साथ ही प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।