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पहले दिन किसी भी केंद्र पर नहीं हुई गेहूं खरीद
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सीतापुर। पहली अप्रैल को किसी भी गेहूं क्रय केंद्र पर बोहनी तक नहीं हो सकी। जिले में बनाए गये 170 क्रय केंद्रों पर कोई भी किसान नहीं पहुंचा। इन केंद्रों पर अव्यवस्थाएं भी हावी दिखाई दीं। कहीं बोरे नहीं पहुंचे तो कहीं कांटा-बांट की समस्या बनी रही। कर्मचारी किसानों का इंतजार करते रहे।
शहर स्थित नवीन गल्ला मंडी में नौ क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन पर गेहूं खरीद के पहले दिन शुक्रवार को बोहनी तक नहीं हो सकी। किसानों का इंतजार होता रहा। अमर उजाला टीम ने दोपहर 12 बजे से 12.35 बजे तक गेहूं क्रय केंद्रों की पड़ताल की। 12 बजकर पांच मिनट पर एफसीआई के क्रय केंद्र पर कर्मचारी बैठे नजर आए। यहां कोई भी किसान गेहूं तौलवाने के लिए नहीं दिखा।
सवा 12 बजे खाद्य विभाग के सेंटर पर जिला खाद्य विपणन अधिकारी अरविंद दुबे सहित अन्य जिम्मेदार किसानों का इंतजार करते दिखे। केंद्र प्रभारी व्यवस्थाओं के साथ मौजूद रहे। इसी प्रकार अन्य केंद्रों पर भी किसान नहीं दिखे। बताया गया कि खरीद की तैयारी है। किसानों का इंतजार हो रहा है। मार्केटिंग निरीक्षक शांतनु मिश्रा ने भी केंद्रों का जायजा लिया।
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महमूदाबाद संवाद के अनुसार शुक्रवार को नवीन गल्ला मंडी में आधी-अधूरी तैयारी के साथ गेहूं खरीद शुरू हो गई। गेहूं खरीद के पहले दिन किसी भी क्रय केंद्र पर कोई भी किसान नहीं आया। केंद्र प्रभारी किसान का इंतजार करते हुए नजर आए। गल्ला मंडी में पेयजल की सुविधा भी ठीक नहीं है। हैंडपंप खराब पड़े हैं। नवीन गल्ला मंडी में खाद्य रसद विभाग के दो, पीसीएफ के तीन, यूपीएसएस के दो क्रय केंद्र स्थापित हैं। इसके साथ ही अन्य क्षेत्रों में खाद्य विभाग का एक, पीसीएफ के सात, यूपीएसएस का एक केंद्र हैं।
बिसवां संवाद के अनुसार तहसील क्षेत्र के ग्राम रुक्नापुर स्थित खाद्य व रसद विभाग के क्रय केंद्र पर गेहूं खरीद को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। क्रय केंद्र पर बैनर, तौल कांटा, पंखा व छन्ना लगाकर क्रय केंद्र के कर्मचारी किसानों का इंतजार करते दिखे। क्रय केंद्र प्रभारी शिवराम सिंह ने बताया कि गेहूं खरीद के लिए तैयारियां हैं। आवश्यक बोरे आ गए हैं। किसानों के आने पर गेहूं की खरीद की जाएगी। अन्य केंद्रों पर भी गेहूं बेचने के लिए किसान नहीं पहुंचे।
गेहूं क्रय केंद्रों पर किसानों से 2015 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदा जा रहा है जबकि मंडी में इससे अधिक मूल्य पर शुक्रवार को किसानों से गेहूं खरीदा गया। नीलामी 2031 रुपये प्रति क्विंटल रही। इसकी पुष्टि करते हुए मंडी सचिव ने बताया कि 2021 से 2031 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं बिका। वहीं एक आढ़ती ने बताया कि 2015 से 2021 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीद हुई। मैंगलगंज से आए किसान शिवशंकर ने बताया कि गेहूं 1850 रुपये में बेचा है। नमी होने के कारण सस्ता बिका।
शासन के कड़े निर्देशों के बाद भी गेहूं खरीद केंद्रों पर पहले दिन अव्यवस्थाएं देखने को मिलीं। मछरेहटा ब्लॉक में चार क्रय केंद्र खोले गए हैं। साधन सहकारी समिति मछरेहटा, सरकारी गल्ला गोदाम मछरेहटा, साधन सहकारी समिति हरिपालपुर, साधन सहकारी समिति अनोगी में केंद्र स्वीकृत किया गया है। इन केंद्रों पर न तो तराजू और न ही बोरे ही पहुंचे हैं। इससे तौल होना मुश्किल है। एक प्रभारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि केंद्रों पर विभाग से कोई भी व्यवस्था मुहैय्या नहीं कराई गई है। न तो कांटा मिला है और न ही गेहूं भराई के लिए बोरे ही मिले हैं।
शहर स्थित नवीन गल्ला मंडी में स्थापित किए गये नौ क्रय केंद्रों पर दोपहर बाद तक सन्नाटा पसरा रहा। यहां किसान नहीं दिखाई दिए। क्रय केंद्र प्रभारी उनका इंतजार करते रहे। जिला खाद्य विपणन अधिकारी अरविंद दुुबे ने केंद्रों की व्यवस्थाएं देखी। पहले दिन गेेेहूं खरीद की बोहनी तक नहीं हो सकी। आढ़तों पर भी कम ही किसान गेहूं बेचने के लिए आए। एक आढ़ती ने बताया कि इस बार गेहूं पकने में देरी हुई है। इसीलिए मंडी में आवक कम है। उम्मीद जताई जा रही है कि चार-पांच दिन बाद आवक बढ़ेगी।
कारागार राज्यमंत्री सुरेश राही ने शुक्रवार को नवीन गल्ला मंडी के सात क्रय केंद्रों का औचक मुआयना किया। उन्होंने केंद्रों पर जाकर शासन की ओर से उपलब्ध कराई जाने वाली व्यवस्थाओं को देखा। क्रय केंद्र प्रभारियों को किसानों को सभी सुविधाएं देने के साथ सुचारु रूप से खरीद करने के निर्देश दिए। मंडी सचिव से कहा कि किसानों को गेहूं बेचने के लिए जागरूक किया जाए। शासन के निर्देशों का व्यापक रूप से प्रचार-प्रसार कराएं। सचिव देवेंद्र प्रताप ने बताया कि क्रय केंद्रों पर शुद्ध पेयजल के लिए घड़ेे रखवाए गये हैं। प्रचार के लिए होर्डिंग लगवाई गई है।
सभी क्रय केंद्र प्रभारियों को सुचारु रूप से गेहूं खरीदने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों को निर्देशानुसार सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। पहले दिन खरीद नहीं हुई है। पहले स्वीकृत किए गये सभी क्रय केंद्रों को ई-पॉश मशीन सहित अन्य व्यवस्था उपलब्ध कराई जा चुकी है।
-अरविंद कुमार दुबे, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
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शहर स्थित नवीन गल्ला मंडी में नौ क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन पर गेहूं खरीद के पहले दिन शुक्रवार को बोहनी तक नहीं हो सकी। किसानों का इंतजार होता रहा। अमर उजाला टीम ने दोपहर 12 बजे से 12.35 बजे तक गेहूं क्रय केंद्रों की पड़ताल की। 12 बजकर पांच मिनट पर एफसीआई के क्रय केंद्र पर कर्मचारी बैठे नजर आए। यहां कोई भी किसान गेहूं तौलवाने के लिए नहीं दिखा।
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सवा 12 बजे खाद्य विभाग के सेंटर पर जिला खाद्य विपणन अधिकारी अरविंद दुबे सहित अन्य जिम्मेदार किसानों का इंतजार करते दिखे। केंद्र प्रभारी व्यवस्थाओं के साथ मौजूद रहे। इसी प्रकार अन्य केंद्रों पर भी किसान नहीं दिखे। बताया गया कि खरीद की तैयारी है। किसानों का इंतजार हो रहा है। मार्केटिंग निरीक्षक शांतनु मिश्रा ने भी केंद्रों का जायजा लिया।
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महमूदाबाद संवाद के अनुसार शुक्रवार को नवीन गल्ला मंडी में आधी-अधूरी तैयारी के साथ गेहूं खरीद शुरू हो गई। गेहूं खरीद के पहले दिन किसी भी क्रय केंद्र पर कोई भी किसान नहीं आया। केंद्र प्रभारी किसान का इंतजार करते हुए नजर आए। गल्ला मंडी में पेयजल की सुविधा भी ठीक नहीं है। हैंडपंप खराब पड़े हैं। नवीन गल्ला मंडी में खाद्य रसद विभाग के दो, पीसीएफ के तीन, यूपीएसएस के दो क्रय केंद्र स्थापित हैं। इसके साथ ही अन्य क्षेत्रों में खाद्य विभाग का एक, पीसीएफ के सात, यूपीएसएस का एक केंद्र हैं।
बिसवां संवाद के अनुसार तहसील क्षेत्र के ग्राम रुक्नापुर स्थित खाद्य व रसद विभाग के क्रय केंद्र पर गेहूं खरीद को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। क्रय केंद्र पर बैनर, तौल कांटा, पंखा व छन्ना लगाकर क्रय केंद्र के कर्मचारी किसानों का इंतजार करते दिखे। क्रय केंद्र प्रभारी शिवराम सिंह ने बताया कि गेहूं खरीद के लिए तैयारियां हैं। आवश्यक बोरे आ गए हैं। किसानों के आने पर गेहूं की खरीद की जाएगी। अन्य केंद्रों पर भी गेहूं बेचने के लिए किसान नहीं पहुंचे।
गेहूं क्रय केंद्रों पर किसानों से 2015 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदा जा रहा है जबकि मंडी में इससे अधिक मूल्य पर शुक्रवार को किसानों से गेहूं खरीदा गया। नीलामी 2031 रुपये प्रति क्विंटल रही। इसकी पुष्टि करते हुए मंडी सचिव ने बताया कि 2021 से 2031 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं बिका। वहीं एक आढ़ती ने बताया कि 2015 से 2021 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीद हुई। मैंगलगंज से आए किसान शिवशंकर ने बताया कि गेहूं 1850 रुपये में बेचा है। नमी होने के कारण सस्ता बिका।
शासन के कड़े निर्देशों के बाद भी गेहूं खरीद केंद्रों पर पहले दिन अव्यवस्थाएं देखने को मिलीं। मछरेहटा ब्लॉक में चार क्रय केंद्र खोले गए हैं। साधन सहकारी समिति मछरेहटा, सरकारी गल्ला गोदाम मछरेहटा, साधन सहकारी समिति हरिपालपुर, साधन सहकारी समिति अनोगी में केंद्र स्वीकृत किया गया है। इन केंद्रों पर न तो तराजू और न ही बोरे ही पहुंचे हैं। इससे तौल होना मुश्किल है। एक प्रभारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि केंद्रों पर विभाग से कोई भी व्यवस्था मुहैय्या नहीं कराई गई है। न तो कांटा मिला है और न ही गेहूं भराई के लिए बोरे ही मिले हैं।
शहर स्थित नवीन गल्ला मंडी में स्थापित किए गये नौ क्रय केंद्रों पर दोपहर बाद तक सन्नाटा पसरा रहा। यहां किसान नहीं दिखाई दिए। क्रय केंद्र प्रभारी उनका इंतजार करते रहे। जिला खाद्य विपणन अधिकारी अरविंद दुुबे ने केंद्रों की व्यवस्थाएं देखी। पहले दिन गेेेहूं खरीद की बोहनी तक नहीं हो सकी। आढ़तों पर भी कम ही किसान गेहूं बेचने के लिए आए। एक आढ़ती ने बताया कि इस बार गेहूं पकने में देरी हुई है। इसीलिए मंडी में आवक कम है। उम्मीद जताई जा रही है कि चार-पांच दिन बाद आवक बढ़ेगी।
कारागार राज्यमंत्री सुरेश राही ने शुक्रवार को नवीन गल्ला मंडी के सात क्रय केंद्रों का औचक मुआयना किया। उन्होंने केंद्रों पर जाकर शासन की ओर से उपलब्ध कराई जाने वाली व्यवस्थाओं को देखा। क्रय केंद्र प्रभारियों को किसानों को सभी सुविधाएं देने के साथ सुचारु रूप से खरीद करने के निर्देश दिए। मंडी सचिव से कहा कि किसानों को गेहूं बेचने के लिए जागरूक किया जाए। शासन के निर्देशों का व्यापक रूप से प्रचार-प्रसार कराएं। सचिव देवेंद्र प्रताप ने बताया कि क्रय केंद्रों पर शुद्ध पेयजल के लिए घड़ेे रखवाए गये हैं। प्रचार के लिए होर्डिंग लगवाई गई है।
सभी क्रय केंद्र प्रभारियों को सुचारु रूप से गेहूं खरीदने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों को निर्देशानुसार सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। पहले दिन खरीद नहीं हुई है। पहले स्वीकृत किए गये सभी क्रय केंद्रों को ई-पॉश मशीन सहित अन्य व्यवस्था उपलब्ध कराई जा चुकी है।
-अरविंद कुमार दुबे, जिला खाद्य विपणन अधिकारी