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Sitapur News: 26 क्रय केंद्रों पर तौल ठप, गन्ना किसान परेशान
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सीतापुर/तंबौर। अवध शुगर मिल हरगांव का पेराई सत्र शुरू होने के 13 दिन बाद भी 26 गन्ना क्रय केंद्रों पर तौल नहीं शुरू हो पाई है। गोबरहिया पुल जर्जर होने से भारी वाहनों का आवागमन ठप और मतुआ-मुगलपुर का रास्ता बदहाल होने से ठेकेदारों के गन्ना ढुलाई से इंकार करने पर यह समस्या खड़ी हो गई है। तौल नहीं होने से लगभग 15 हजार गन्ना किसान परेशान है। गुड़ बेल पर गन्ना बेचने से दाम कम मिल रहे हैं।
जिले के हरगांव स्थित अवध शुगर मिल का पेराई सत्र 10 नवंबर से शुरू हो चुका है। इस मिल के दायरे में आने वाले तंबौर, मतुआ, सोनसरी, गड़ौसा, सुल्तानापुर, रिहार, सुमली, सोहरिया, छतांगुर, औरंगाबाद, चंदीभानपुर सहित 26 गन्ना क्रय केंद्र दो हफ्ते पहले स्थापित कर दिए गए थे। मगर इन 26 क्रय केंद्रों पर तौल अब तक चालू नहीं हो पाई है। तंबौर क्षेत्र से हरगांव जाने के लिए मतुआ के आगे गोबरहिया पुल से होकर गुजरना पड़ता है। यह पुल जर्जर होने से प्रशासन द्वारा इस पर दीवार बनवाकर भारी वाहनों के आवागमन प्रतिबंधित कर दिया गया है।
यह रास्ता बाधित होने से गत वर्ष मतुआ वाया मुगलपुर होते हुए गन्ना ढुलाई की गई थी। इस बार भारी बारिश में यह मार्ग भी बदहाल हो गया है। ठेकेदारों का कहना है कि गन्ना भरे वाहनों का इस खस्ताहाल मार्ग पर निकालना खतरे से खाली नहीं है। ठेकेदारों ने ढुलाई से इंकार कर दिया। लिहाजा, मिल प्रबंधन द्वारा तंबौर क्षेत्र के 26 क्रय केंद्रों पर तौल शुरू नहीं कराई गई है। मिल चलने के दो सप्ताह बाद तक तौल प्रारंभ नहीं होने से लगभग 150 गांवों के 15 हजार सट्टा धारक हलकान हैं। खेत खाली नहीं होने से रबी फसलों की बुआई पिछड़ रही है।
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किसान अगर खेत खाली करने को गन्ना गुड़ बेलों पर बेचे तो उन्हें दाम कम मिलेंगे, दूसरे मिल में पर्ची पर आपूर्ति घटने से अगले साल पर्चियां कम हो जाएंगी। लिहाजा गन्ना किसान समझ नहीं पा रहे कि आखिर वह क्या करें। दोनों ही तरह से नुकसान गन्ना किसानों का है।
अवध शुगर मिल हरगांव के सहायक प्रबंधक गन्ना शिवकुमार पाल ने कहा कि जब तक रास्ता ठीक नहीं होता ठेकेदार गन्ना ढुलाई के लिए तैयार नहीं हो रहे हैं। उच्चाधिकारियों ने प्रशासन से बात की है, जल्द ही कोई समाधान निकालकर तौल शुरू करवाई जाएगी।
किसान बोले, हर तरफ से उनका ही नुकसान
तंबौर निवासी गन्ना किसान विजय प्रताप वर्मा ने बताया कि उनका सट्टा हरगांव मिल में है। क्रय केंद्र पर अभी तक तौल न शुरू होने से खेत खाली नहीं हो पाया है। अगर दो तीन दिन में तौल शुरू नहीं हुई तो रबी फसल की बुआई कैसे हो पाएगी। सिकरोहर निवासी दिनेश शुक्ला ने बताया कि किसान का हर तरफ से नुकसान है। गुड़ बेल पर गन्ना बेचेंगे तो दाम कम मिलेंगे। गन्ना पर्चियों पर सप्लाई कम हुई तो अगले साल सट्टे में पर्चियां कम बनेंगी। बिस्वानखुर्द निवासी संजय सिंह ने बताया कि अभी तक तौल शुरू नहीं हुई तो भुगतान कैसे मिलेगा।
2021 से बंद है गोबरहिया पुल
तंबौर-लहरपुर मार्ग पर गोबरहिया नदी पर बना पुल वर्ष 2021 की बाढ़ के दौरान क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद पुल पर दीवार बनवाकर आवागमन प्रतिबंधित कर दिया गया। इसके बाद तंबौर से लहरपुर व सीतापुर जाने वाले वाहन मतुआ वाया मुगलपुर, पिडुरिया मार्ग पर चलने लगे। इस साल अक्तूबर में कई दिनों तक हुई लगातार बारिश से यह सड़क भी जगह-जगह कट गई।
लगभग एक माह तक तंबौर से लहरपुर आवागमन पूरी तरह बंद रहा। बाद में प्रशासन ने सड़क की मरम्मत करवाई और आवागमन बहाल किया। भारी वाहन खासकर गन्ना लदे ट्रकों का इस मार्ग पर निकलना अब भी मुश्किल है। ठेकेदार जोखिम नहीं उठाना चाहते हैं।
सीएम तक पहुंच चुकी है समस्या
गोबरहिया पुल का निर्माण कराने की मांग समय-समय पर विभिन्न राजनैतिक व गैर राजनैतिक संगठनों की ओर से उठाई जाती रही है। जनप्रतिनिधि भी पुल निर्माण का मुद्दा उठा चुके हैं। सांसद सीतापुर राजेश वर्मा इस मुद्दे को लेकर लोक निर्माण मंत्री जितिन प्रसाद व हाल में ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिल चुके हैं। गोबरहिया पुल बनवाए जाने का आश्वासन भी सीएम ने दिया है। पर पुल निर्माण में अभी वक्त लगेगा।
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जिले के हरगांव स्थित अवध शुगर मिल का पेराई सत्र 10 नवंबर से शुरू हो चुका है। इस मिल के दायरे में आने वाले तंबौर, मतुआ, सोनसरी, गड़ौसा, सुल्तानापुर, रिहार, सुमली, सोहरिया, छतांगुर, औरंगाबाद, चंदीभानपुर सहित 26 गन्ना क्रय केंद्र दो हफ्ते पहले स्थापित कर दिए गए थे। मगर इन 26 क्रय केंद्रों पर तौल अब तक चालू नहीं हो पाई है। तंबौर क्षेत्र से हरगांव जाने के लिए मतुआ के आगे गोबरहिया पुल से होकर गुजरना पड़ता है। यह पुल जर्जर होने से प्रशासन द्वारा इस पर दीवार बनवाकर भारी वाहनों के आवागमन प्रतिबंधित कर दिया गया है।
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यह रास्ता बाधित होने से गत वर्ष मतुआ वाया मुगलपुर होते हुए गन्ना ढुलाई की गई थी। इस बार भारी बारिश में यह मार्ग भी बदहाल हो गया है। ठेकेदारों का कहना है कि गन्ना भरे वाहनों का इस खस्ताहाल मार्ग पर निकालना खतरे से खाली नहीं है। ठेकेदारों ने ढुलाई से इंकार कर दिया। लिहाजा, मिल प्रबंधन द्वारा तंबौर क्षेत्र के 26 क्रय केंद्रों पर तौल शुरू नहीं कराई गई है। मिल चलने के दो सप्ताह बाद तक तौल प्रारंभ नहीं होने से लगभग 150 गांवों के 15 हजार सट्टा धारक हलकान हैं। खेत खाली नहीं होने से रबी फसलों की बुआई पिछड़ रही है।
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किसान अगर खेत खाली करने को गन्ना गुड़ बेलों पर बेचे तो उन्हें दाम कम मिलेंगे, दूसरे मिल में पर्ची पर आपूर्ति घटने से अगले साल पर्चियां कम हो जाएंगी। लिहाजा गन्ना किसान समझ नहीं पा रहे कि आखिर वह क्या करें। दोनों ही तरह से नुकसान गन्ना किसानों का है।
अवध शुगर मिल हरगांव के सहायक प्रबंधक गन्ना शिवकुमार पाल ने कहा कि जब तक रास्ता ठीक नहीं होता ठेकेदार गन्ना ढुलाई के लिए तैयार नहीं हो रहे हैं। उच्चाधिकारियों ने प्रशासन से बात की है, जल्द ही कोई समाधान निकालकर तौल शुरू करवाई जाएगी।
किसान बोले, हर तरफ से उनका ही नुकसान
तंबौर निवासी गन्ना किसान विजय प्रताप वर्मा ने बताया कि उनका सट्टा हरगांव मिल में है। क्रय केंद्र पर अभी तक तौल न शुरू होने से खेत खाली नहीं हो पाया है। अगर दो तीन दिन में तौल शुरू नहीं हुई तो रबी फसल की बुआई कैसे हो पाएगी। सिकरोहर निवासी दिनेश शुक्ला ने बताया कि किसान का हर तरफ से नुकसान है। गुड़ बेल पर गन्ना बेचेंगे तो दाम कम मिलेंगे। गन्ना पर्चियों पर सप्लाई कम हुई तो अगले साल सट्टे में पर्चियां कम बनेंगी। बिस्वानखुर्द निवासी संजय सिंह ने बताया कि अभी तक तौल शुरू नहीं हुई तो भुगतान कैसे मिलेगा।
2021 से बंद है गोबरहिया पुल
तंबौर-लहरपुर मार्ग पर गोबरहिया नदी पर बना पुल वर्ष 2021 की बाढ़ के दौरान क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद पुल पर दीवार बनवाकर आवागमन प्रतिबंधित कर दिया गया। इसके बाद तंबौर से लहरपुर व सीतापुर जाने वाले वाहन मतुआ वाया मुगलपुर, पिडुरिया मार्ग पर चलने लगे। इस साल अक्तूबर में कई दिनों तक हुई लगातार बारिश से यह सड़क भी जगह-जगह कट गई।
लगभग एक माह तक तंबौर से लहरपुर आवागमन पूरी तरह बंद रहा। बाद में प्रशासन ने सड़क की मरम्मत करवाई और आवागमन बहाल किया। भारी वाहन खासकर गन्ना लदे ट्रकों का इस मार्ग पर निकलना अब भी मुश्किल है। ठेकेदार जोखिम नहीं उठाना चाहते हैं।
सीएम तक पहुंच चुकी है समस्या
गोबरहिया पुल का निर्माण कराने की मांग समय-समय पर विभिन्न राजनैतिक व गैर राजनैतिक संगठनों की ओर से उठाई जाती रही है। जनप्रतिनिधि भी पुल निर्माण का मुद्दा उठा चुके हैं। सांसद सीतापुर राजेश वर्मा इस मुद्दे को लेकर लोक निर्माण मंत्री जितिन प्रसाद व हाल में ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिल चुके हैं। गोबरहिया पुल बनवाए जाने का आश्वासन भी सीएम ने दिया है। पर पुल निर्माण में अभी वक्त लगेगा।