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बारिश से मौसम हुआ सुहाना, गर्मी से राहत
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सीतापुर। बारिश का दौर दूसरे दिन रविवार को भी जारी रहा। जिले के कई हिस्सों में झमाझम बारिश हुई। इससे मौसम खुशगवार बना रहा। अधिकतम पारा 33 डिग्री दर्ज किया गया। अगले दो-तीन दिनों तक बदली छाई रहने और बारिश के आसार हैं।
जिले में शुक्रवार रात करीब दस बजे मौसम ने करवट बदली थी। इसके बाद मेघों ने झूमकर बरसना शुरू कर दिया। देर से सही लेकिन मानसून ने दस्तक दी तो हर कोई खुशी से झूम उठा। रात भर रुक-रुककर बारिश होने का सिलसिला शनिवार को भी चलता रहा। शनिवार दोपहर बाद बारिश थम गई लेकिन बदली छाई रही।
रविवार सुबह कुछ देर के लिए आसमान साफ होने पर सूर्यदेव ने दर्शन दिए। अगले ही पहर बादलों की आवाजाही फिर शुरू हो गई। दोपहर करीब तीन बजे शहर व आसपास के इलाकों में मेघों ने एक बार फिर बरसना शुरू कर दिया। झमाझम बारिश से किसान भी बेहद खुश हैं।
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अब खरीफ फसलों की बोआई गति पकड़ेगी। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार रविवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। अगले दो-तीन दिनों तक बदली व बारिश का सिलसिला जारी रहने के आसार हैं।
किसानों के संजीवनी बनी बारिश
बादल झूमकर बरसे तो धान की रोपाई के अलावा अन्य फसलों की बोआई ने गति पकड़ ली है। कृषि विभाग ने खरीफ की खेती के लिए जिले में करीब पौने तीन लाख हेक्टेयर का क्षेत्रफल निर्धारित किया है।
इसमें धान की बोआई का लक्ष्य डेढ़ लाख हेक्टेयर है। किसान ज्ञान सिंह व विजय ने बताया कि यह पानी नहीं किसानों के लिए अमृत बरसा है।
खेतों में पानी लगाने के लिए पंपिग सेट का सहारा लेने पर हजारों रुपये का डीजल फुंक जाता। बारिश से यह खर्च बच गया है।
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जिले में शुक्रवार रात करीब दस बजे मौसम ने करवट बदली थी। इसके बाद मेघों ने झूमकर बरसना शुरू कर दिया। देर से सही लेकिन मानसून ने दस्तक दी तो हर कोई खुशी से झूम उठा। रात भर रुक-रुककर बारिश होने का सिलसिला शनिवार को भी चलता रहा। शनिवार दोपहर बाद बारिश थम गई लेकिन बदली छाई रही।
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रविवार सुबह कुछ देर के लिए आसमान साफ होने पर सूर्यदेव ने दर्शन दिए। अगले ही पहर बादलों की आवाजाही फिर शुरू हो गई। दोपहर करीब तीन बजे शहर व आसपास के इलाकों में मेघों ने एक बार फिर बरसना शुरू कर दिया। झमाझम बारिश से किसान भी बेहद खुश हैं।
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अब खरीफ फसलों की बोआई गति पकड़ेगी। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार रविवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। अगले दो-तीन दिनों तक बदली व बारिश का सिलसिला जारी रहने के आसार हैं।
किसानों के संजीवनी बनी बारिश
बादल झूमकर बरसे तो धान की रोपाई के अलावा अन्य फसलों की बोआई ने गति पकड़ ली है। कृषि विभाग ने खरीफ की खेती के लिए जिले में करीब पौने तीन लाख हेक्टेयर का क्षेत्रफल निर्धारित किया है।
इसमें धान की बोआई का लक्ष्य डेढ़ लाख हेक्टेयर है। किसान ज्ञान सिंह व विजय ने बताया कि यह पानी नहीं किसानों के लिए अमृत बरसा है।
खेतों में पानी लगाने के लिए पंपिग सेट का सहारा लेने पर हजारों रुपये का डीजल फुंक जाता। बारिश से यह खर्च बच गया है।