{"_id":"5d28cc108ebc3e6cea176111","slug":"water-lavel-increse-of-ghaghara-river-sitapur-news-lko470355837","type":"story","status":"publish","title_hn":"दायरे से बाहर निकला घाघरा का पानी, 300 बीघा फसलें जलमग्न","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दायरे से बाहर निकला घाघरा का पानी, 300 बीघा फसलें जलमग्न
विज्ञापन
सीतापुर के रेउसा क्षेत्र में बढता घाघरा नदी का जलस्तर।
- फोटो : SITAPUR
रेउसा (सीतापुर)। गांजरी इलाके में घाघरा की बेकाबू लहरें अब नदी के दायरे से बाहर निकल आई हैं। उफनाई लहरों से शुक्रवार को करीब 300 बीघा फसलें जलमग्न हो गई। नदी का पानी आबादी की ओर करीब एक किमी. तक बढ़ गया है। हालांकि अभी बाढ़ सरीखे कोई हालात नहीं हैं। लेकिन निचली जगहों पर नदी का पानी भरने लगा है।
संभावित बाढ़ को लेकर तटवर्ती गांवों के बाशिंदों की धड़कनें तेज हो गई हैं। पिछले एक सप्ताह से रुक-रुककर होने वाली बारिश के कारण घाघरा व शारदा नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इलाकाई ग्रामीणों की मानें तो नदी में ऊंची जगहों पर जहां टीले नजर आते थे वहां अब लहरें हिलोरें मारती दिखाई देने लगी हैं।
लगातार जलस्तर में इजाफे से घाघरा का पानी किनारों को पार कर आबादी की तरफ चल पड़ा है। तकरीबन एक किमी. की दूरी तक निचली जगहों पर पानी भर गया है। नदी के किनारे जिन ग्रामीणों की खेती थी उनकी फसलों पर डूबने का खतरा मंडराने लगा है। शुक्रवार को लगभग 300 बीघा फसल जलमग्न हो गई।
विज्ञापन
इसमें नगीनापुरवा के अनिल सिंह का 20 बीघा खेत, गिरधरीलाल का 30 बीघा और बिल्लरपुरवा निवासी मुन्ना का 10 तथा रामशरण का 50 बीघा सहित कई ग्रामीणों के खेत जलमग्न होने से इनकी फसलें नष्ट होने की कगार पर पहुंच गई हैं। आबादी से पानी अभी काफी दूर है। बाढ़ जैसे कोई हालात फिलहाल नहीं हैं। इसके बाद भी घाघरा का लगातार बढ़ रहा जलस्तर देखकर तटवर्ती गांवो के बाशिंदे सहमे हुए हैं।
एसडीएम ने किया दौरा
रामपुर मथुरा। बारिश के चलते घाघरा के जलस्तर में इजाफा हो रहा है। इसे लेकर एसडीएम महमूदाबाद अमित भट्ट ने शुक्रवार को तटवर्ती गांवों का दौरा किया। एसडीएम ने बताया कि अभी बाढ़ जैसे कोई हालात नहीं हैं।
शुकुल पुरवा, फतेपुरवा, अंगरौरा का भ्रमण कर एसडीएम ने ग्रामीणों से स्वयं भी सतर्क रहने को कहा। उन्होंने बताया कि कटान पीड़ितों की हर सम्भव सहायता के साथ उनके आवास की जगह के लिए भी शीघ्र व्यवस्था की जाएगी।
कटने नहीं दिया जाएगा कोल्हापुरवा
तम्बौर। लगातार हो रही बरसात से शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने पर एसडीएम लहरपुर सुरेश कुमार ने बंसतापुर तथा कोल्हापुरवा का दौरा किया। नदी के बढ़े जलस्तर को लेकर गांव के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी। नदी किनारे चल रहे कटान रोधी कार्य की धीमी रफ़्तार पर नाराजगी जताते हुए उसमें तेजी लाने के निर्देश दिए।
कार्य में लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी । बसंतापुर से कोल्हापुरवा गांव की तरफ बढ़ाई गई योजना के कार्य को बाढ़ से पूर्व जल्द ही पूरा करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कोल्हापुरवा किसी भी दशा में कटने नहीं दिया जाएगा।
विज्ञापन
संभावित बाढ़ को लेकर तटवर्ती गांवों के बाशिंदों की धड़कनें तेज हो गई हैं। पिछले एक सप्ताह से रुक-रुककर होने वाली बारिश के कारण घाघरा व शारदा नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इलाकाई ग्रामीणों की मानें तो नदी में ऊंची जगहों पर जहां टीले नजर आते थे वहां अब लहरें हिलोरें मारती दिखाई देने लगी हैं।
विज्ञापन
लगातार जलस्तर में इजाफे से घाघरा का पानी किनारों को पार कर आबादी की तरफ चल पड़ा है। तकरीबन एक किमी. की दूरी तक निचली जगहों पर पानी भर गया है। नदी के किनारे जिन ग्रामीणों की खेती थी उनकी फसलों पर डूबने का खतरा मंडराने लगा है। शुक्रवार को लगभग 300 बीघा फसल जलमग्न हो गई।
विज्ञापन
इसमें नगीनापुरवा के अनिल सिंह का 20 बीघा खेत, गिरधरीलाल का 30 बीघा और बिल्लरपुरवा निवासी मुन्ना का 10 तथा रामशरण का 50 बीघा सहित कई ग्रामीणों के खेत जलमग्न होने से इनकी फसलें नष्ट होने की कगार पर पहुंच गई हैं। आबादी से पानी अभी काफी दूर है। बाढ़ जैसे कोई हालात फिलहाल नहीं हैं। इसके बाद भी घाघरा का लगातार बढ़ रहा जलस्तर देखकर तटवर्ती गांवो के बाशिंदे सहमे हुए हैं।
एसडीएम ने किया दौरा
रामपुर मथुरा। बारिश के चलते घाघरा के जलस्तर में इजाफा हो रहा है। इसे लेकर एसडीएम महमूदाबाद अमित भट्ट ने शुक्रवार को तटवर्ती गांवों का दौरा किया। एसडीएम ने बताया कि अभी बाढ़ जैसे कोई हालात नहीं हैं।
शुकुल पुरवा, फतेपुरवा, अंगरौरा का भ्रमण कर एसडीएम ने ग्रामीणों से स्वयं भी सतर्क रहने को कहा। उन्होंने बताया कि कटान पीड़ितों की हर सम्भव सहायता के साथ उनके आवास की जगह के लिए भी शीघ्र व्यवस्था की जाएगी।
कटने नहीं दिया जाएगा कोल्हापुरवा
तम्बौर। लगातार हो रही बरसात से शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने पर एसडीएम लहरपुर सुरेश कुमार ने बंसतापुर तथा कोल्हापुरवा का दौरा किया। नदी के बढ़े जलस्तर को लेकर गांव के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी। नदी किनारे चल रहे कटान रोधी कार्य की धीमी रफ़्तार पर नाराजगी जताते हुए उसमें तेजी लाने के निर्देश दिए।
कार्य में लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी । बसंतापुर से कोल्हापुरवा गांव की तरफ बढ़ाई गई योजना के कार्य को बाढ़ से पूर्व जल्द ही पूरा करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कोल्हापुरवा किसी भी दशा में कटने नहीं दिया जाएगा।