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Sitapur News: पानी घटा, अब समस्याओं की बाढ़

Sat, 22 Jul 2023 11:27 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर Updated Sat, 22 Jul 2023 11:27 PM IST
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Water decreased, now flood of problems
रामपुर मथुरा/सीतापुर। सरयू के जलस्तर में लगातार दूसरे दिन भी कमी आने से तटवर्ती गांवों के लोगाें ने राहत की सांस ली है। शनिवार को पानी 30 सेमी. घट गया। जलस्तर 118.40 मीटर दर्ज किया गया। नदी अब खतरे के निशान से 60 सेमी. नीचे बह रही है।
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फिलहाल तराई क्षेत्र के गांवों में बाढ़ का खतरा टल गया है। हालांकि पानी घटने के बाद भी लोगों की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं। रास्तों पर कीचड़ से आवागमन में दिक्कतें हो रही हैं। संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ गया है। शनिवार को बैराजों से 2,73,000 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया।
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सरयू गुरुवार को खतरे के निशान पर पहुंच गई थी। इससे तटवर्ती गांवों में पानी भरने लगा था। खेतों से लेकर रास्ते तक बाढ़ के पानी में डूब गए थे। हालात बिगड़ते देख ग्रामीणों ने पलायन शुरू कर दिया था। हालांकि शुक्रवार को जलस्तर में 30 सेमी. की कमी आने से गांवों में भरा पानी कम पड़ने लगा।
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शनिवार को सरयू का जलस्तर 30 सेमी. और कम हो गया। इससे घरों व सड़कों पर बह रहा पानी तो कम हो गया पर समस्याएं बढ़ गईं। अंगरौरा के रामनरेश बे बताया कि सड़क व घरों में पानी घटने के बाद अब कीचड़ हो गया है। जो अभी तक सूख नहीं पाया है।
प्रमोद कुमार ने बताया कि घर के आसपास के गड्ढों में पानी भर जाने से पशुओं के उठने-बैठने की जगह नहीं बची है। बाबाकुटी निवासी प्यारे ने बताया कि पानी का बहाव घरों व सड़कों पर नहीं है, लेकिन जलस्तर कम होने पर कटान तेज हो जाती है। अब कटान का खतरा बढ़ गया है। इसके अलावा कई लोगो के खेतों में लगी फसलें अभी पानी में डूबी हुईं हैं। इससे फसलों के नुकसान की संभावना बनी हुई है।



किस बैराज से छोड़ा गया कितना पानी

घाघरा बैराज- 1,28,600 क्यूसेक

शारदा बैराज- 84,285 क्यूसेक

बनबसा बैराज- 60,126 क्यूसेक



थमी नहीं कटान

बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में कटान थम नहीं रही है। अखरी, शंकरपुरवा और बाबाकुटी के पास शनिवार को धीमी गति से कटान जारी रही। ग्रामीणों के मुताबिक पानी घटने पर कटान तेज होती है। इससे उनकी चिंता बढ़ गई है।




लोगाें को किया जा रहा जागरूक

अखरी में जन चौपाल लगाकर लोगों को बाढ़ से निपटने के लिए जागरूक किया गया है। सीएचसी अधीक्षक व पशु चिकित्साधिकारी को भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में कैंप लगाकर परीक्षण व दवाएं वितरित करने के निर्देश दिए गए हैं।

-दीक्षा शुक्ला, नायब तहसीलदार महमूदाबाद
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