{"_id":"5e34690a8ebc3e4afe31421e","slug":"vrs-in-bsnl-sitapur-news-lko5059598158","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक साथ 47 अफसर-कर्मचारियों ने बीएसएनएल को किया बॉय-बॉय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक साथ 47 अफसर-कर्मचारियों ने बीएसएनएल को किया बॉय-बॉय
विज्ञापन
सीतापुर। भारत संचार निगम लिमिटेड के 47 अधिकारियों और कर्मचारियों ने शुक्रवार को निगम को अलविदा कर दिया। सभी ने समय से पूर्व रिटायरमेंट ले लिया। केंद्र सरकार के आदेश पर इन्होंने वीआरएस के लिए एक साथ आवेदन किया था। जिसे बीएसएनएल मुख्यालय ने मंजूरी दे दी। शुक्रवार को सेवानिवृत्ति लेने वाले कर्मचारियों ने आम दिनों की तरह कामकाज करके निगम से अलविदा ली।
काफी समय से बदहाल चल रहे बीएसएनएल ने 50 साल से अधिक उम्र के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) योजना शुरू की थी। चार नवंबर से शुरू इस योजना में वीआरएस के लिए तीन दिसंबर तक आवेदन मांगे गए थे। जिसमें सीतापुर जिले में तैनात कर्मचारियों ने भी आवेदन किया था।
शुक्रवार को बीएसएनएल के जिला प्रबंधक समेत 47 कर्मचारियों और अधिकारियों के काम का आखिरी दिन था। सभी ने रोजाना की तरह पटल पर बैठ कर कामकाज निपटा कर सेवाकाल के अंतिम दिन की याद संजोई। शाम पांच बजे कार्यालय समय खत्म होने पर सभी ने अलविदा ली।
विज्ञापन
टीडीएम हसन रशीद, डीई वीरेंद्र बाबू, सीईओ संतोष कुमार सिंह, उपमंडल अभियंता मनोज धस्माना, रामचंद्र वर्मा, अवर दूरसंचार अधिकारी अरुण कुमार मिश्र, विश्वनाथ मौर्य, कार्यालय सहायक श्रीपाल, श्याम बिहारी मिश्रा, रामकिशोर, रमेश चंद्र, रामपाल, अवर अभियंता प्यारेलाल स्वर्णकार, रामलाल, अहिबरन लाल व साबित खान। इनके अलावा 26 टेलीकॉम टेक्नीशियन व 10 सहायक टेलीकॉम टेक्नीशियन शामिल हैं।
भारत संचार निगम लिमिटेड की ओर से शुक्रवार को एक गेस्ट हाउस में आयोजित समारोह में निगम के 51 अधिकारियों- कर्मचारियों को विदाई दी गई। इसमें जिला प्रबंधक समेत 47 स्वैच्छिक सेवानिवृत्त एवं चार कर्मचारी सामान्य रिटायरमेंट शामिल हैं। समारोह में बीएसएनएल के जिला प्रबंधक हसन रशीद ने कहा कि टेलीकॉम टेक्नोलॉजी दुनिया की सबसे तेज बदलती हुई तकनीक है। इस चुनौतीपूर्ण समय में बीएसएनएल को भी मुश्किलें आएंगी। काफी संख्या में कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने का भी असर पड़ेगा। कार्यक्रम का संचालन अवर दूरसंचार अधिकारी अवनीश पाल व अनुपम पोरवाल ने किया।
बीएसएनएल के जिला प्रबंधक हसन रशीद ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्त लेते हुए अपना चार्ज नए जिला प्रबंधक मुकेश कुमार गुप्ता को सौंप दिया है। चार्ज संभालने के बाद उन्होंने निगम के सभी कर्मचारियों से सहयोग मांगा। कहा, सभी लोग पूरी तन्मयता के साथ काम करके निगम की सेवाएं बेहतर बनाएं।
विज्ञापन
काफी समय से बदहाल चल रहे बीएसएनएल ने 50 साल से अधिक उम्र के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) योजना शुरू की थी। चार नवंबर से शुरू इस योजना में वीआरएस के लिए तीन दिसंबर तक आवेदन मांगे गए थे। जिसमें सीतापुर जिले में तैनात कर्मचारियों ने भी आवेदन किया था।
विज्ञापन
शुक्रवार को बीएसएनएल के जिला प्रबंधक समेत 47 कर्मचारियों और अधिकारियों के काम का आखिरी दिन था। सभी ने रोजाना की तरह पटल पर बैठ कर कामकाज निपटा कर सेवाकाल के अंतिम दिन की याद संजोई। शाम पांच बजे कार्यालय समय खत्म होने पर सभी ने अलविदा ली।
विज्ञापन
टीडीएम हसन रशीद, डीई वीरेंद्र बाबू, सीईओ संतोष कुमार सिंह, उपमंडल अभियंता मनोज धस्माना, रामचंद्र वर्मा, अवर दूरसंचार अधिकारी अरुण कुमार मिश्र, विश्वनाथ मौर्य, कार्यालय सहायक श्रीपाल, श्याम बिहारी मिश्रा, रामकिशोर, रमेश चंद्र, रामपाल, अवर अभियंता प्यारेलाल स्वर्णकार, रामलाल, अहिबरन लाल व साबित खान। इनके अलावा 26 टेलीकॉम टेक्नीशियन व 10 सहायक टेलीकॉम टेक्नीशियन शामिल हैं।
भारत संचार निगम लिमिटेड की ओर से शुक्रवार को एक गेस्ट हाउस में आयोजित समारोह में निगम के 51 अधिकारियों- कर्मचारियों को विदाई दी गई। इसमें जिला प्रबंधक समेत 47 स्वैच्छिक सेवानिवृत्त एवं चार कर्मचारी सामान्य रिटायरमेंट शामिल हैं। समारोह में बीएसएनएल के जिला प्रबंधक हसन रशीद ने कहा कि टेलीकॉम टेक्नोलॉजी दुनिया की सबसे तेज बदलती हुई तकनीक है। इस चुनौतीपूर्ण समय में बीएसएनएल को भी मुश्किलें आएंगी। काफी संख्या में कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने का भी असर पड़ेगा। कार्यक्रम का संचालन अवर दूरसंचार अधिकारी अवनीश पाल व अनुपम पोरवाल ने किया।
बीएसएनएल के जिला प्रबंधक हसन रशीद ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्त लेते हुए अपना चार्ज नए जिला प्रबंधक मुकेश कुमार गुप्ता को सौंप दिया है। चार्ज संभालने के बाद उन्होंने निगम के सभी कर्मचारियों से सहयोग मांगा। कहा, सभी लोग पूरी तन्मयता के साथ काम करके निगम की सेवाएं बेहतर बनाएं।