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Sitapur News: 60 से अधिक गांवों में घुसा बाढ़ का पानी, जनजीवन बेहाल
Mon, 07 Sep 2026 11:54 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Mon, 07 Sep 2026 11:54 PM IST
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गांव में बाढ़
सीतापुर। गिरिजापुरी के तीनों बैराजों से लगातार छोड़े जा रहे लाखों क्यूसेक पानी से जिले के गांजर क्षेत्र में बाढ़ के हालात बिगड़ते जा रहे हैं। सोमवार को शारदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 11 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। वहीं, सरयू का जलस्तर 118.80 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 20 सेंटीमीटर नीचे है। दोनों नदियों का पानी खेतों और गांवों तक पहुंचने से लहरपुर, रेउसा और रामपुर मथुरा क्षेत्र के 60 से अधिक गांव प्रभावित हैं। करीब 55 हजार की आबादी बाढ़ से प्रभावित बताई जा रही है।
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता विशाल पोरवाल के अनुसार, सोमवार को गिरिजापुरी के मीटर गेज पर शारदा का जलस्तर 135.60 मीटर रहा, जबकि खतरे का निशान 135.49 मीटर है। सरयू का जलस्तर रामपुर मथुरा क्षेत्र के अंगरौरा में 118.80 मीटर दर्ज किया गया। सोमवार को बैराजों से 4.94 लाख क्यूसेक पानी नदियों में छोड़ा गया।
शारदा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने पर जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर ने तटवर्ती क्षेत्रों में हाई अलर्ट जारी किया है। लहरपुर, बिसवां और महमूदाबाद तहसील प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर निगरानी कर रही हैं। जरूरत के अनुसार राहत-बचाव कार्य के साथ बाढ़ पीड़ितों को भोजन के पैकेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
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लहरपुर क्षेत्र के भदफर और आसपास के गांवों में घरों, स्कूलों और रास्तों पर पानी भर गया है। भदफर के कंपोजिट विद्यालय और मंझरी पासिन गांव के स्कूल में भी पानी पहुंच गया। हाईवे से भदफर होते हुए चंदवासोत-नई बस्ती-टिकौना मार्ग पर करीब डेढ़ फीट पानी बह रहा है। बसंतापुर में करीब 10 घरों में पानी भर गया है। लखनीपुर में नदी और आबादी के बीच महज आठ मीटर दूरी बची है। कई गांवों में सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई है।
रामपुर मथुरा क्षेत्र के लोधनपुरवा, नगेशरपुरवा, बुचाऊपुरवा, अखरी, अगरौरा और प्यारेपुरवा समेत करीब 20 गांव सरयू की बाढ़ से प्रभावित हैं। प्यारेपुर में कई घरों में पानी भर गया है, जबकि कुछ ग्रामीणों को तटबंध पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। अखरी के कंपोजिट विद्यालय में भी पानी भर गया है। कई गांवों के संपर्क मार्ग डूबने से लोगों का आवागमन प्रभावित है।
तहसीलदार लहरपुर मनीष त्रिपाठी ने बताया कि नाउनपुरवा में नाव लगाई गई है और भदफर के लिए भी नाव की व्यवस्था की जा रही है। प्रभावित गांवों में भोजन के पैकेट वितरित किए जा रहे हैं।
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सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता विशाल पोरवाल के अनुसार, सोमवार को गिरिजापुरी के मीटर गेज पर शारदा का जलस्तर 135.60 मीटर रहा, जबकि खतरे का निशान 135.49 मीटर है। सरयू का जलस्तर रामपुर मथुरा क्षेत्र के अंगरौरा में 118.80 मीटर दर्ज किया गया। सोमवार को बैराजों से 4.94 लाख क्यूसेक पानी नदियों में छोड़ा गया।
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शारदा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने पर जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर ने तटवर्ती क्षेत्रों में हाई अलर्ट जारी किया है। लहरपुर, बिसवां और महमूदाबाद तहसील प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर निगरानी कर रही हैं। जरूरत के अनुसार राहत-बचाव कार्य के साथ बाढ़ पीड़ितों को भोजन के पैकेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
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लहरपुर क्षेत्र के भदफर और आसपास के गांवों में घरों, स्कूलों और रास्तों पर पानी भर गया है। भदफर के कंपोजिट विद्यालय और मंझरी पासिन गांव के स्कूल में भी पानी पहुंच गया। हाईवे से भदफर होते हुए चंदवासोत-नई बस्ती-टिकौना मार्ग पर करीब डेढ़ फीट पानी बह रहा है। बसंतापुर में करीब 10 घरों में पानी भर गया है। लखनीपुर में नदी और आबादी के बीच महज आठ मीटर दूरी बची है। कई गांवों में सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई है।
रामपुर मथुरा क्षेत्र के लोधनपुरवा, नगेशरपुरवा, बुचाऊपुरवा, अखरी, अगरौरा और प्यारेपुरवा समेत करीब 20 गांव सरयू की बाढ़ से प्रभावित हैं। प्यारेपुर में कई घरों में पानी भर गया है, जबकि कुछ ग्रामीणों को तटबंध पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। अखरी के कंपोजिट विद्यालय में भी पानी भर गया है। कई गांवों के संपर्क मार्ग डूबने से लोगों का आवागमन प्रभावित है।
तहसीलदार लहरपुर मनीष त्रिपाठी ने बताया कि नाउनपुरवा में नाव लगाई गई है और भदफर के लिए भी नाव की व्यवस्था की जा रही है। प्रभावित गांवों में भोजन के पैकेट वितरित किए जा रहे हैं।

गांव में बाढ़

गांव में बाढ़

गांव में बाढ़