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पढ़ाई में मन न लगने पर मदरसे से भागे दो छात्र
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महमूदाबाद (सीतापुर) कोतवाली बिसवां इलाके के एक मदरसे से भागे दो छात्र गश्त के दौरान महमूदाबाद पुलिस को मिल गए। पुलिस ने दोनों बच्चों को उनके परिवार के हवाले कर दिया। पढ़ाई में मन नहीं लगने की वजह से दोनों मदरसे से भागे थे। बच्चों को पाकर परिवार के लोग गदगद हो गए हैं।
इंस्पेेक्टर महमूदाबाद अनिल कुमार पांडेय ने बताया कि सोमवार रात पुलिस इलाके में गश्त पर थी। इस बीच मोहल्ला केथीटोला के पास दो नाबालिग बालक दिखे। पुलिस ने उन्हें रोककर पूछताछ की। दोनों ने पुलिस को अपना नाम सबील, साबान निवासी मजिगवा थाना सदरपुर बताया। बच्चों ने बताया कि कोतवाली बिसवां के भगवानपुर स्थित अनवारुल उलूम मदरसा में नाजिरा की पढ़ाई करते हैं, लेकिन उनका मन पढ़ने में नहीं लगता है। इस वजह से वह मदरसा से भागे।
सिपाही कुलदीप दोनों बालकों को अपने साथ लेकर कोतवाली आए। इसके बाद पूरे मामले से बालकों के परिजनों को अवगत कराया गया। मंगलवार सुबह छात्रों के पिता कोतवाली पहुंचे। पुलिस ने कागजी कार्रवाई का कोरम पूरा करते हुए बच्चों को उनके पिता के हवाले कर दिया। मदरसे से लापता बालकों को पाकर परिजन काफी खुश थे। उन्होंने इस सराहनीय कार्य के लिए पुलिस की तारीफ की। बच्चों के अभिभावकों ने बताया कि सुबह पांच बजे दोनों बालक मदरसे से भागे थे। इसकी सूचना मिलने के बाद वह लोग बच्चों की तलाश में भटक रहे थे।
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इंस्पेेक्टर महमूदाबाद अनिल कुमार पांडेय ने बताया कि सोमवार रात पुलिस इलाके में गश्त पर थी। इस बीच मोहल्ला केथीटोला के पास दो नाबालिग बालक दिखे। पुलिस ने उन्हें रोककर पूछताछ की। दोनों ने पुलिस को अपना नाम सबील, साबान निवासी मजिगवा थाना सदरपुर बताया। बच्चों ने बताया कि कोतवाली बिसवां के भगवानपुर स्थित अनवारुल उलूम मदरसा में नाजिरा की पढ़ाई करते हैं, लेकिन उनका मन पढ़ने में नहीं लगता है। इस वजह से वह मदरसा से भागे।
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सिपाही कुलदीप दोनों बालकों को अपने साथ लेकर कोतवाली आए। इसके बाद पूरे मामले से बालकों के परिजनों को अवगत कराया गया। मंगलवार सुबह छात्रों के पिता कोतवाली पहुंचे। पुलिस ने कागजी कार्रवाई का कोरम पूरा करते हुए बच्चों को उनके पिता के हवाले कर दिया। मदरसे से लापता बालकों को पाकर परिजन काफी खुश थे। उन्होंने इस सराहनीय कार्य के लिए पुलिस की तारीफ की। बच्चों के अभिभावकों ने बताया कि सुबह पांच बजे दोनों बालक मदरसे से भागे थे। इसकी सूचना मिलने के बाद वह लोग बच्चों की तलाश में भटक रहे थे।
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