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गड़बड़झाला : पति-पत्नी दोनों ले रहे किसान सम्मान निधि
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सीतापुर। किसान सम्मान निधि योजना में गड़बड़झाला सामने आया है। इसमें 2018 ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें पति-पत्नी दोनों किसान किसान सम्मान निधि प्राप्त कर रहे हैं। किसानों की फैमिली आईडी की पड़ताल से इसका खुलासा हुआ है। इसकी सूची कृषि विभाग को भेजी गई है। शासन के हस्तक्षेप के बाद विभाग की ओर से 114 जिम्मेदारों से इसका सत्यापन कराया जा रहा है। इसकी रिपोर्ट मिलने के बाद ही नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जिले में तकरीबन सात लाख पीएम किसान सम्मान निधि के लाभार्थी हैं। इनकी फॉर्मर रजिस्ट्री बनाने का कार्य चल रहा है। इसमें उनकी खेती संग परिवार और पता आदि का लेखा-जोखा रहेगा। फॉर्मर आईडी और आधार से शासन स्तर पर जिले के 2018 दंपतियों की सूची तैयार की गई है, जिनके द्वारा किसान सम्मान निधि का दोहरा लाभ लिया जा रहा है। कृषि निदेशालय से दंपतियों की भेजी गई सूची का परीक्षण कर 114 कार्मिकों को इसके सत्यापन की जिम्मेदारी दी गई है। वह संबंधित किसानों के घर जाकर सत्यापन करेंगे। इसके बाद रिपोर्ट उपलब्ध कराएंगे। यदि जांच में पति और पत्नी दोनों किसान सम्मान निधि लेते पाए गए तो एक सदस्य की सम्मान निधि रोकने के साथ वसूली भी हो सकती है। इसके लिए उन्हें नोटिस भेजा जाएगा। जानकार सूत्रों का कहना है कि पत्नी की सम्मान निधि जारी रह सकती है और पति की रोकी जाएगी।
सदर तहसील के हैं सर्वाधिक दंपती
जिले में सात तहसील हैं। शासन से किसान सम्मान निधि लेने वाले जिन दंपतियों की सूची उपलब्ध कराई गई है, उनमें सर्वाधिक 1727 दंपती सदर तहसील के हैं। मिश्रिख के 53, महमूदाबाद के 34, महोली के 31, लहरपुर के 54, बिसवां के 38 और तहसील सिधौली के 19 दंपती हैं। अन्य दंपती भी हैं।
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दूसरे जिलों के 21 दंपती भी ले रहे लाभ
जिले के 21 दंपती ऐसे हैं जो दूसरे जिलों में निवास करते हुए किसान सम्मान निधि ले रहे हैं। इनकी जमीन सीतापुर में है। यह दंंपती लखनऊ, लखीमपुर-खीरी, हरदोई, फरुखाबाद, बाराबंकी के पते पर निवास कर रहे हैं।
छह साल से मिल रही है सम्मान निधि
पीएम किसान सम्मान निधि की शुरुआत 2019 में की गई थी। इसका उद्देश्य देश के छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहायता देना है। योजना का लाभ परिवार के उसी सदस्य को मिलता है, जिसके नाम कृषि भूमि दस्तावेजों में दर्ज है। एक परिवार में किसान पति व पत्नी दोंनो एक साथ योजना का लाभ नहीं ले सकते हैं।
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जिले में तकरीबन सात लाख पीएम किसान सम्मान निधि के लाभार्थी हैं। इनकी फॉर्मर रजिस्ट्री बनाने का कार्य चल रहा है। इसमें उनकी खेती संग परिवार और पता आदि का लेखा-जोखा रहेगा। फॉर्मर आईडी और आधार से शासन स्तर पर जिले के 2018 दंपतियों की सूची तैयार की गई है, जिनके द्वारा किसान सम्मान निधि का दोहरा लाभ लिया जा रहा है। कृषि निदेशालय से दंपतियों की भेजी गई सूची का परीक्षण कर 114 कार्मिकों को इसके सत्यापन की जिम्मेदारी दी गई है। वह संबंधित किसानों के घर जाकर सत्यापन करेंगे। इसके बाद रिपोर्ट उपलब्ध कराएंगे। यदि जांच में पति और पत्नी दोनों किसान सम्मान निधि लेते पाए गए तो एक सदस्य की सम्मान निधि रोकने के साथ वसूली भी हो सकती है। इसके लिए उन्हें नोटिस भेजा जाएगा। जानकार सूत्रों का कहना है कि पत्नी की सम्मान निधि जारी रह सकती है और पति की रोकी जाएगी।
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सदर तहसील के हैं सर्वाधिक दंपती
जिले में सात तहसील हैं। शासन से किसान सम्मान निधि लेने वाले जिन दंपतियों की सूची उपलब्ध कराई गई है, उनमें सर्वाधिक 1727 दंपती सदर तहसील के हैं। मिश्रिख के 53, महमूदाबाद के 34, महोली के 31, लहरपुर के 54, बिसवां के 38 और तहसील सिधौली के 19 दंपती हैं। अन्य दंपती भी हैं।
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दूसरे जिलों के 21 दंपती भी ले रहे लाभ
जिले के 21 दंपती ऐसे हैं जो दूसरे जिलों में निवास करते हुए किसान सम्मान निधि ले रहे हैं। इनकी जमीन सीतापुर में है। यह दंंपती लखनऊ, लखीमपुर-खीरी, हरदोई, फरुखाबाद, बाराबंकी के पते पर निवास कर रहे हैं।
छह साल से मिल रही है सम्मान निधि
पीएम किसान सम्मान निधि की शुरुआत 2019 में की गई थी। इसका उद्देश्य देश के छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहायता देना है। योजना का लाभ परिवार के उसी सदस्य को मिलता है, जिसके नाम कृषि भूमि दस्तावेजों में दर्ज है। एक परिवार में किसान पति व पत्नी दोंनो एक साथ योजना का लाभ नहीं ले सकते हैं।