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किसान कल्याण के लिए तैयार हो रही प्रशिक्षकों की पौध
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सीतापुर। किसान कल्याण मिशन के तहत किसानों को कृषि विविधिकरण, जैविक खेती, मूल्य संवर्धन व पराली प्रबंधन के लिए प्रस्तावित किसान पाठशाला के सफल आयोजन के लिए कृषि विभाग द्वारा प्रशिक्षक तैयार किए जा रहे हैं। वह किसानों की हर प्रकार से दक्ष कर सकें। अफसरों को शासन से प्रशिक्षण दिया गया है। मास्टर ट्रेनर को प्रशिक्षण वीसी के मार्फत दिया गया है। वह इसी माह दो दिन तकरीबन दो सौ अफसर-कर्मियों को प्रशिक्षण देंगे। इसकी तैयारी को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसके लिए चार स्थानों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
जिले में सैकड़ों ऐसे किसान हैं, जो कम पढ़े-लिखे हैं। साथ ही शिक्षित किसानों को भी नवीन तकनीक से खेती करने की जानकारी नहीं है। वह चुनिंदा फसलों का उत्पादन कर किसी तरह जीवन यापन कर रहे हैं। उनकी आय पर असर पड़ रहा है। फसल की लागत बढ़ रही है। शासन किसानों की सभी प्रकार की समस्याओं का समाधान करने के लिए प्रयासरत है। इसी के तहत किसान कल्याण मिशन के तहत प्रशिक्षक तैयार करने के निर्देश हैं।
पहले चरण में कृषि विभाग एवं उससे संबंधित विभागीय अफसरों को प्रशिक्षण देकर मास्टर ट्रेनर की जिम्मेदारी दी गई है। यही अफसर जिला स्तरीय ट्रेनर्स प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेंगे। छह सितंबर को एक गेस्ट हाउस में एवं आठ सितंबर को कृषि विज्ञान केन्द्र कटिया, अंबरपुर एवं उप कृषि निदेशक दफ्तर सभागार में तकरीबन दो सौ जिम्मेदारों को ट्रेनिंग दी जाएगी।
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जानकारी देते हुए उप कृषि निदेशक अरविंद मोहन मिश्रा ने बताया दो दिन किसान पाठशाला केंद्र प्रभारियों ट्रेनर्स के दो बार प्रशिक्षण के लिए तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसमें कृषि वैज्ञानिक भी प्रतिभाग करेंगे। किसान कल्याण मिशन के तहत कृषि विविधिकरण, जैविक खेती, मूल्य संवर्धन व पराली प्रबंधन के लिए प्रस्तावित किसान पाठशाला के आयोजन के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम किया जा रहा है। 360 गांवों में किसान पाठशाला का आयोजन संबंधित परिषदीय स्कूल में विद्यालय की छुट्टी के बाद किया जाएगा। जिसमें किसानों को सभी प्रकार की जानकारी दी जाएगी।
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जिले में सैकड़ों ऐसे किसान हैं, जो कम पढ़े-लिखे हैं। साथ ही शिक्षित किसानों को भी नवीन तकनीक से खेती करने की जानकारी नहीं है। वह चुनिंदा फसलों का उत्पादन कर किसी तरह जीवन यापन कर रहे हैं। उनकी आय पर असर पड़ रहा है। फसल की लागत बढ़ रही है। शासन किसानों की सभी प्रकार की समस्याओं का समाधान करने के लिए प्रयासरत है। इसी के तहत किसान कल्याण मिशन के तहत प्रशिक्षक तैयार करने के निर्देश हैं।
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पहले चरण में कृषि विभाग एवं उससे संबंधित विभागीय अफसरों को प्रशिक्षण देकर मास्टर ट्रेनर की जिम्मेदारी दी गई है। यही अफसर जिला स्तरीय ट्रेनर्स प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेंगे। छह सितंबर को एक गेस्ट हाउस में एवं आठ सितंबर को कृषि विज्ञान केन्द्र कटिया, अंबरपुर एवं उप कृषि निदेशक दफ्तर सभागार में तकरीबन दो सौ जिम्मेदारों को ट्रेनिंग दी जाएगी।
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जानकारी देते हुए उप कृषि निदेशक अरविंद मोहन मिश्रा ने बताया दो दिन किसान पाठशाला केंद्र प्रभारियों ट्रेनर्स के दो बार प्रशिक्षण के लिए तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसमें कृषि वैज्ञानिक भी प्रतिभाग करेंगे। किसान कल्याण मिशन के तहत कृषि विविधिकरण, जैविक खेती, मूल्य संवर्धन व पराली प्रबंधन के लिए प्रस्तावित किसान पाठशाला के आयोजन के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम किया जा रहा है। 360 गांवों में किसान पाठशाला का आयोजन संबंधित परिषदीय स्कूल में विद्यालय की छुट्टी के बाद किया जाएगा। जिसमें किसानों को सभी प्रकार की जानकारी दी जाएगी।