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Sitapur News: पिपरझला गांव में दिखा बाघ, इलाके में दहशत
Sun, 29 Jun 2025 11:56 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Sun, 29 Jun 2025 11:56 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी महोली (सीतापुर)। कठिना नदी की तलहटी से निकलकर आया एक बाघ पिपरझला गांव के निकट पहुंच गया। बाघ ने बकरी का शिकार किया है। जांच में पगचिह्न बाघ के मिले हैं। वन विभाग की टीम ने कॉम्बिंग कर ग्रामीणों को सतर्क किया है।
रविवार सुबह करीब 10 बजे क्षेत्र के पिपरझला गांव के निकट बाघ ने नहर के पास बकरी का शिकार किया। बताया जाता है कि संजय की बेटी मोहिनी गांव के निकट खेतों में बकरियां चरा रही थी। मोहिनी के मुताबिक इसी दौरान अचानक प्रमोद वाजपेयी के गन्ने के खेत से बाघ निकला और बकरी को दबोचकर गन्ने के खेत में खींच ले गया।
बाघ को देखकर बदहवास मोहिनी ने घर पहुंचकर परिजनों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद ग्रामीण इकठ्ठा होकर मौके पर पहुंचे। पगचिह्न देखकर वन विभाग को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने पगचिह्नों की पहचान कर बाघ होने की पुष्टि की है। क्षेत्रीय वनाधिकारी कल्पेश्वर नाथ ने बताया कि पगचिह्न बाघ के ही हैं। कॉम्बिंग कर लोगों को सतर्क किया जा रहा है कि वह खेत के आसपास झुंड में ही जाए। बच्चों को अंधेरे में बाहर न निकलने दें।
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जंगली जानवर के हमले में मवेशी की मौत
इमलिया सुल्तानपुर(सीतापुर)। क्षेत्र में जंगली जानवर ने भैंस के बच्चे पर हमला कर उसे मार डाला। ग्रामीण बाघ होने का दावा कर रहे हैं। खेत में मिले पगचिह्न के आधार पर वन विभाग सियार व तेंदुआ होने की आशंका जता रहा है। ग्रामीणों में दहशत है।
वन रेंज हरगांव के ऐलिया गांव के पश्चिम में बब्लू के हाते में भैंस का बच्चा बंधा था। शनिवार रात जंगली जानवर ने घुसकर हमला कर दिया। बच्चे का पिछला हिस्सा क्षत-विक्षत हो गया। इससे उसकी मौत हो गई। जंगली जानवर चारों ओर बनी बाउंड्रीवाॅॅल को कूदकर अंदर दाखिल हुआ है।
वन रेंज सीतापुर के नौवा महमूदपुर में रविवार को विपुल सिंह के नलकूप व खेत में पगचिह्न मिले हैं। ग्रामीणों का दावा है कि ये पगचिह्न बाघ के हैं। इससे ग्रामीणों में दहशत फैली हुई है। जबकि इससे पहले ढोलई कला गांव के पश्चिम में बीते शनिवार को भैंस चराने गए प्रमोद पाल ने दावा किया कि उनकी भैंस के बच्चे पर बाघ ने हमला कर घायल कर दिया है। वन विभाग की टीम ने घावों को देखा व खेतों में कॉम्बिंग शुरू कर दी है। हालांकि बाघ के हमले को अधिकारी नकार रहे हैं।
बाघ के नहीं हैं पगचिह्न
डिप्टी वन रेंजर मुशीर अहमद ने बताया कि पगचिह्नों का आकार छोटा है। इस आधार पर कहा जा सकता है कि ये पगचिह्न बाघ के नहीं हैं। टीम रोजाना कॉम्बिंग भी कर रही है। हमला करने वाला जानवर सियार या तेंदुआ हो सकता है।
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रविवार सुबह करीब 10 बजे क्षेत्र के पिपरझला गांव के निकट बाघ ने नहर के पास बकरी का शिकार किया। बताया जाता है कि संजय की बेटी मोहिनी गांव के निकट खेतों में बकरियां चरा रही थी। मोहिनी के मुताबिक इसी दौरान अचानक प्रमोद वाजपेयी के गन्ने के खेत से बाघ निकला और बकरी को दबोचकर गन्ने के खेत में खींच ले गया।
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बाघ को देखकर बदहवास मोहिनी ने घर पहुंचकर परिजनों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद ग्रामीण इकठ्ठा होकर मौके पर पहुंचे। पगचिह्न देखकर वन विभाग को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने पगचिह्नों की पहचान कर बाघ होने की पुष्टि की है। क्षेत्रीय वनाधिकारी कल्पेश्वर नाथ ने बताया कि पगचिह्न बाघ के ही हैं। कॉम्बिंग कर लोगों को सतर्क किया जा रहा है कि वह खेत के आसपास झुंड में ही जाए। बच्चों को अंधेरे में बाहर न निकलने दें।
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जंगली जानवर के हमले में मवेशी की मौत
इमलिया सुल्तानपुर(सीतापुर)। क्षेत्र में जंगली जानवर ने भैंस के बच्चे पर हमला कर उसे मार डाला। ग्रामीण बाघ होने का दावा कर रहे हैं। खेत में मिले पगचिह्न के आधार पर वन विभाग सियार व तेंदुआ होने की आशंका जता रहा है। ग्रामीणों में दहशत है।
वन रेंज हरगांव के ऐलिया गांव के पश्चिम में बब्लू के हाते में भैंस का बच्चा बंधा था। शनिवार रात जंगली जानवर ने घुसकर हमला कर दिया। बच्चे का पिछला हिस्सा क्षत-विक्षत हो गया। इससे उसकी मौत हो गई। जंगली जानवर चारों ओर बनी बाउंड्रीवाॅॅल को कूदकर अंदर दाखिल हुआ है।
वन रेंज सीतापुर के नौवा महमूदपुर में रविवार को विपुल सिंह के नलकूप व खेत में पगचिह्न मिले हैं। ग्रामीणों का दावा है कि ये पगचिह्न बाघ के हैं। इससे ग्रामीणों में दहशत फैली हुई है। जबकि इससे पहले ढोलई कला गांव के पश्चिम में बीते शनिवार को भैंस चराने गए प्रमोद पाल ने दावा किया कि उनकी भैंस के बच्चे पर बाघ ने हमला कर घायल कर दिया है। वन विभाग की टीम ने घावों को देखा व खेतों में कॉम्बिंग शुरू कर दी है। हालांकि बाघ के हमले को अधिकारी नकार रहे हैं।
बाघ के नहीं हैं पगचिह्न
डिप्टी वन रेंजर मुशीर अहमद ने बताया कि पगचिह्नों का आकार छोटा है। इस आधार पर कहा जा सकता है कि ये पगचिह्न बाघ के नहीं हैं। टीम रोजाना कॉम्बिंग भी कर रही है। हमला करने वाला जानवर सियार या तेंदुआ हो सकता है।