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Sitapur News: बाघ ने एक और मवेशी को बनाया शिकार
Sat, 04 Jan 2025 12:17 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Sat, 04 Jan 2025 12:17 AM IST
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बाघ के पगचिह्नों की तलाश करते वनकर्मी।
इमलिया सुल्तानपुर(सीतापुर)। इमलिया सुल्तानपुर इलाके में बाघ की दहशत बरकरार है। पिंजरे से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर बाघ ने शुक्रवार को एक और मवेशी को शिकार बनाया लेकिन वह पिंजरे के पास तक नहीं आया। ग्रामीणों ने बाघ को शिकार करते हुए देखा तो वे भाग खड़े हुए। वन विभाग की टीम ने गांव के आसपास पगचिह्न देखकर कॉम्बिंग शुरू कर दी है।
बाघ को पकड़ने के लिए वन विभाग ने ढोलई में पिंजरा लगाया है जिसमें एक बकरी को बांधा गया था। मगर बाघ पिंजरे के पास तक नहीं फटका। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के किनारे नए पगचिह्न मिले हैं। पिंजरे से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर नदी पार करके फकरपुर गांव में गन्ने के खेत में एक मवेशी के अवशेष मिले।
ग्रामीण अमित ने बताया कि वह और एक नौकर पानी की टंकी के पश्चिम गन्ने का खेत देखने गए थे तभी देखा कि बाघ मवेशी को खा रहा था। जब तक कुछ समझ पाते बाघ गन्ने के खेत में घुस गया।
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सूचना पाकर गांव के लोग मौके पर जमा हो गए। गन्ने के खेत को चारों तरफ से घेरकर वन विभाग को सूचना दी। मौके पर आई वन विभाग की टीम ने मवेशी के अवशेष की जांच की।
सिहानीपारा गांव के पास बाघ दिखने से दहशत
झरेखापुर(सीतापुर)। क्षेत्र के एक गांव के बाहर गन्ने के खेत के पास शुक्रवार शाम ग्रामीणों ने बाघ को देखने का दावा किया। इससे गांवों में दहशत का माहौल है। सूचना के बाद भी वन विभाग की टीम गांव में नहीं पहुंची। इससे लोगों में नाराजगी है।
कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के सिहानीपारा गांव के पास शुक्रवार शाम गन्ने के खेत में ग्रामीणों ने बाघ देखे जाने का दावा किया। इसके बाद समूचे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सिहानीपारा निवासी दिनेश व मनोज ने बताया कि बाघ देखे जाने के बाद गांव में डर का माहौल बना हुआ है। वन विभाग को भी सूचना दी गई लेकिन कोई भी जिम्मेदार मौके पर नहीं पहुंचा। वन क्षेत्राधिकारी सुयश श्रीवास्तव ने बताया कि ग्रामीणों से जंगली जानवर देखे जाने की सूचना मिली है। ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। शनिवार सुबह टीम भेजकर मुआयना किया जाएगा।
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बाघ को पकड़ने के लिए वन विभाग ने ढोलई में पिंजरा लगाया है जिसमें एक बकरी को बांधा गया था। मगर बाघ पिंजरे के पास तक नहीं फटका। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के किनारे नए पगचिह्न मिले हैं। पिंजरे से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर नदी पार करके फकरपुर गांव में गन्ने के खेत में एक मवेशी के अवशेष मिले।
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ग्रामीण अमित ने बताया कि वह और एक नौकर पानी की टंकी के पश्चिम गन्ने का खेत देखने गए थे तभी देखा कि बाघ मवेशी को खा रहा था। जब तक कुछ समझ पाते बाघ गन्ने के खेत में घुस गया।
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सूचना पाकर गांव के लोग मौके पर जमा हो गए। गन्ने के खेत को चारों तरफ से घेरकर वन विभाग को सूचना दी। मौके पर आई वन विभाग की टीम ने मवेशी के अवशेष की जांच की।
सिहानीपारा गांव के पास बाघ दिखने से दहशत
झरेखापुर(सीतापुर)। क्षेत्र के एक गांव के बाहर गन्ने के खेत के पास शुक्रवार शाम ग्रामीणों ने बाघ को देखने का दावा किया। इससे गांवों में दहशत का माहौल है। सूचना के बाद भी वन विभाग की टीम गांव में नहीं पहुंची। इससे लोगों में नाराजगी है।
कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के सिहानीपारा गांव के पास शुक्रवार शाम गन्ने के खेत में ग्रामीणों ने बाघ देखे जाने का दावा किया। इसके बाद समूचे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सिहानीपारा निवासी दिनेश व मनोज ने बताया कि बाघ देखे जाने के बाद गांव में डर का माहौल बना हुआ है। वन विभाग को भी सूचना दी गई लेकिन कोई भी जिम्मेदार मौके पर नहीं पहुंचा। वन क्षेत्राधिकारी सुयश श्रीवास्तव ने बताया कि ग्रामीणों से जंगली जानवर देखे जाने की सूचना मिली है। ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। शनिवार सुबह टीम भेजकर मुआयना किया जाएगा।