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घाघरा में समा गए सौ बीघा खेत
Amar ujala Bureau
Updated Sun, 21 Aug 2016 12:16 AM IST
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बाढ़ से घिरे गांजरी इलाके में कटान के साथ अब संक्रामक रोग पांव पसार रहे हैं। इससे लोगों को दोहरी मुसीबत से जूझना पड़ रहा है। शनिवार को धीमी गति से घाघरा की लहरें कटान करती रहीं। करीब सौ बीघा खेत फसल समेत पानी में समा गए। दर्जनों गांवों में पानी भरा होने से अब वहां संक्रामक रोग फैला रहा है।
नगीनापुरवा, खानी हुसैनपुर व ठेकेदारपुरवा में वायरल बुखार, उल्टी-दस्त से 50 लोग पीड़ित हैं। इन गांवों में चिकित्सीय सेवाएं न पहुंचने से पीड़ित निजी चिकित्सकों से इलाज करा रहे हैं।
रेउसा में घाघरा की बाढ़ का कहर थमता नजर नहीं आ रहा है। गांव में कई दिनों से बाढ़ का पानी भरे होने पर संक्रामक रोगों ने भी दस्तक दे दी है। शनिवार को जलस्तर में बढ़ोतरी नहीं हुई पर कटान हुई। पचीसा के अलावा निर्मलपुरवा, कोनी, परमेश्वरपुरवा में धीमी रफ्तार से नदी कटान कर रही है।
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शनिवार को भाईलाल की 8 बीघा, रामफल की 10 बीघा, लालजी की 10 बीघा, सदानंद की 8 बीघा, दर्शन की 5 बीघा, खुषी की 20 बीघा, रामलखन की 8 बीघा और निर्मलदास की 25 बीघा समेत करीब 100 बीघा जमीन घाघरा ने लील ली है।
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नगीनापुरवा, खानी हुसैनपुर व ठेकेदारपुरवा में वायरल बुखार, उल्टी-दस्त से 50 लोग पीड़ित हैं। इन गांवों में चिकित्सीय सेवाएं न पहुंचने से पीड़ित निजी चिकित्सकों से इलाज करा रहे हैं।
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रेउसा में घाघरा की बाढ़ का कहर थमता नजर नहीं आ रहा है। गांव में कई दिनों से बाढ़ का पानी भरे होने पर संक्रामक रोगों ने भी दस्तक दे दी है। शनिवार को जलस्तर में बढ़ोतरी नहीं हुई पर कटान हुई। पचीसा के अलावा निर्मलपुरवा, कोनी, परमेश्वरपुरवा में धीमी रफ्तार से नदी कटान कर रही है।
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शनिवार को भाईलाल की 8 बीघा, रामफल की 10 बीघा, लालजी की 10 बीघा, सदानंद की 8 बीघा, दर्शन की 5 बीघा, खुषी की 20 बीघा, रामलखन की 8 बीघा और निर्मलदास की 25 बीघा समेत करीब 100 बीघा जमीन घाघरा ने लील ली है।