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तीन दिन बाद दुरुस्त हो सकी नहर पटरी
अमर उजाला ब्यूरो/सीतापुर
Updated Fri, 12 Feb 2016 11:18 PM IST
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लहरपुर क्षेत्र के मोहिद्दीनपुर गांव के निकट कटी नहर पटरी तीन दिन बाद शुक्रवार की शाम दुरुस्त की जा सकी। इस बीच 250 बीघा से अधिक फसल पानी के कारण बर्बादी के कगार पर पहुंच गई है। किसान सिंचाई विभाग पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं।
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मोहिद्दीनपुर गांव के निकट लहरपुर नहर की पटरी कट गई थी। इससे नहर का पानी करीब के खेतों में भर गया था। गुरुवार की सुबह तक 250 बीघा से अधिक खेतों में पानी ही पानी नजर आ रहा था। गुरुवार को दोपहर बाद क्षेत्र के अवर अभियंता अनूप राजवंशी विभाग के कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे जरूर, लेकिन नहर पटरी को दुरुस्त नहीं किया जा सका।
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शुक्रवार को उदनापुर रेगुलेटर से नहर में पानी का बहाव रोका गया, जिसके बाद सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने नहर पटरी को दुरुस्त किया। हालांकि इस बीच पटरी को दुरुस्त करने में तीन दिन का समय लग गया। जिससे क्षेत्र के खेत पानी में डूबे रहे।
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क्षेत्र के गुलरी पुरवा, मोहिद्दीनपुर, बरगदहा, मूड़ी खेरा, दर्जिन पुरवा आदि गांवों के किसानों का कहना है कि पहले जनवरी में इसी जगह पर नहर कटी, फिर अब बुधवार को नहर कट गई। दोनों ही बार खेतों में पानी भर गया था, इससे फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है।
सिंचाई विभाग चाहता तो नहर पटरी कटने के बाद ही दुरुस्त की जा सकती थी, लेकिन दो दिन तक जिम्मेदार लापरवाही बरतते रहे। जिससे मटर, मसूर, मेंथा आयल की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। गेहूं व सरसों की फसल को भी नुकसान पहुंचा है।
उधर, सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि रेगुलेटर जर्जर है, जिससे गुरुवार को नहर में पानी का बहाव रोका नहीं जा सका। शुक्रवार को नहर में पानी का बहाव रोका गया, जिसके बाद नहर पटरी को दुरुस्त किया जा सका है।