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मंत्रिमंडल में इस बार जिले का खुल सकता खाता
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सीतापुर। चुनावी दंगल के बाद अब जिले में मंत्री पद मिलने को लेकर सियासी फिजा में चर्चाएं तेज हो चुकी हैं। पिछली बार मंत्री पद से दूर रहे जिले को इस बार उम्मीदें जगी हैं। दो विधायकों को मौका मिल सकता है, ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं।
नई सरकार के गठन की तारीख करीब आने के साथ जिले में मंत्री पद को लेकर सरगर्मियां बढ़ गई हैं। अब देखना है कि जिले को पिछली बार की कसक इस बार पूरी होती है या फिर सूखा बरकरार रहेगा। 2017 में मोदी लहर में जिले की सात सीटों पर भगवा का परचम फहरा था। सदर, महोली, हरगांव, मिश्रिख, बिसवां, लहरपुर, सेवता में भाजपा के विधायक बने थे, लेकिन किसी को भी मंत्री मंडल में शामिल होने का मौका नहीं मिला था। इसकी कसक पूरे साल कहीं न कहीं देखने को मिली।
2022 का जनादेश आ चुका है। पिछले रिकॉर्ड को तोड़कर भाजपा की झोली में आठ सीट आईं हैं। ऐसे में उम्मीद भी बढ़ी है कि इस बार शायद जिले के विधायकों को मंत्रीमंडल में शामिल होने का मौका मिल जाए। नई सरकार के गठन को लेकर तैयारियां हो चुकी हैं। जल्द ही शपथ ग्रहण हो सकता है। मंत्री पद को लेकर सियासी सरगर्मियां बढ़ चुकी हैं।
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राजनीति के जानकारों की माने तो पार्टी दो चेहरों का कद बढ़ाकर मंत्री पद दे सकती हैं। ऐसी जानकारी सियासी गलियारों से आ रही हैं, अभी पक्के तौर पर कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी, लेकिन राजनीति को करीब से जानने और समझने वाले यह बताते हैं कि इस बार मंत्री पद मिलने का मौका काफी हद तक साफ है। बाकी तस्वीर तो शपथ ग्रहण के बाद ही साफ हो सकेगी। ऐसे में शपथ ग्रहण तक जिले की सियासी फिजा में इसकी चर्चाएं यूं ही जारी रहेंगी।
ब्राह्मण, दलित या फिर ओबीसी चेहरे पर दांव
पार्टी से जुड़े कुछ जानकारों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इस बार जिले के दो विधायकों को मंत्री मंडल में शामिल होने का मौका मिल सकता है। बताया कि पार्टी ब्राह्मण, दलित या फिर ओबीसी चेहरे पर दांव लगा सकती है। जीतकर आए जिन चेहरों की बात हो रही है, उनके नामों को लेकर हाल फिलहाल चर्चाएं तेज हो चुकी हैं।
2024 भी है करीब, इसका भी रखेंगे ध्यान
पिछली बार किसी भी माननीय को मंत्री बनने का सौभाग्य नहीं मिला था, लेकिन इस बार उम्मीदें बलवती होती दिख रहीं हैं। जानकारों की माने तो इसके पीछे कई वजहें भी हैं। एक तो जिले से पार्टी को आठ सीटें मिली हैं, दूूसरा 2024 लोकसभा का चुनाव भी करीब है। ऐसे में अगर मंत्री पद मिलता है तो कहीं न कहीं लोकसभा चुनाव में इसका फायदा मिलने की बात कही जा रही है।
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नई सरकार के गठन की तारीख करीब आने के साथ जिले में मंत्री पद को लेकर सरगर्मियां बढ़ गई हैं। अब देखना है कि जिले को पिछली बार की कसक इस बार पूरी होती है या फिर सूखा बरकरार रहेगा। 2017 में मोदी लहर में जिले की सात सीटों पर भगवा का परचम फहरा था। सदर, महोली, हरगांव, मिश्रिख, बिसवां, लहरपुर, सेवता में भाजपा के विधायक बने थे, लेकिन किसी को भी मंत्री मंडल में शामिल होने का मौका नहीं मिला था। इसकी कसक पूरे साल कहीं न कहीं देखने को मिली।
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2022 का जनादेश आ चुका है। पिछले रिकॉर्ड को तोड़कर भाजपा की झोली में आठ सीट आईं हैं। ऐसे में उम्मीद भी बढ़ी है कि इस बार शायद जिले के विधायकों को मंत्रीमंडल में शामिल होने का मौका मिल जाए। नई सरकार के गठन को लेकर तैयारियां हो चुकी हैं। जल्द ही शपथ ग्रहण हो सकता है। मंत्री पद को लेकर सियासी सरगर्मियां बढ़ चुकी हैं।
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राजनीति के जानकारों की माने तो पार्टी दो चेहरों का कद बढ़ाकर मंत्री पद दे सकती हैं। ऐसी जानकारी सियासी गलियारों से आ रही हैं, अभी पक्के तौर पर कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी, लेकिन राजनीति को करीब से जानने और समझने वाले यह बताते हैं कि इस बार मंत्री पद मिलने का मौका काफी हद तक साफ है। बाकी तस्वीर तो शपथ ग्रहण के बाद ही साफ हो सकेगी। ऐसे में शपथ ग्रहण तक जिले की सियासी फिजा में इसकी चर्चाएं यूं ही जारी रहेंगी।
ब्राह्मण, दलित या फिर ओबीसी चेहरे पर दांव
पार्टी से जुड़े कुछ जानकारों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इस बार जिले के दो विधायकों को मंत्री मंडल में शामिल होने का मौका मिल सकता है। बताया कि पार्टी ब्राह्मण, दलित या फिर ओबीसी चेहरे पर दांव लगा सकती है। जीतकर आए जिन चेहरों की बात हो रही है, उनके नामों को लेकर हाल फिलहाल चर्चाएं तेज हो चुकी हैं।
2024 भी है करीब, इसका भी रखेंगे ध्यान
पिछली बार किसी भी माननीय को मंत्री बनने का सौभाग्य नहीं मिला था, लेकिन इस बार उम्मीदें बलवती होती दिख रहीं हैं। जानकारों की माने तो इसके पीछे कई वजहें भी हैं। एक तो जिले से पार्टी को आठ सीटें मिली हैं, दूूसरा 2024 लोकसभा का चुनाव भी करीब है। ऐसे में अगर मंत्री पद मिलता है तो कहीं न कहीं लोकसभा चुनाव में इसका फायदा मिलने की बात कही जा रही है।