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पचीसा गांव घाघरा के निशाने पर
Amar ujala Bureau
Updated Sun, 26 Jun 2016 12:13 AM IST
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नदी
- फोटो : अमर उजाला
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घाघरा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। इससे तटीय क्षेत्र में बसने वाले ग्रामीणों की धड़कनें तेज होती जा रही हैं। बैराजों से लगातार छोड़े जा रहे हजारों क्यूसेक पानी ने जिले के गांजरी क्षेत्र में हलचल पैदा कर दी है।
रेउसा क्षेत्र में कुछ दिन पहले जिस घाघरा में रेत के मैदान नजर आ रहे थे, वहां पर पानी का तेज बहाव नजर आ रहा है। जबकि रामपुर मथुरा क्षेत्र में घाघरा खेतों का कटान कर रही है। नदी का पानी दुबे पुरवा व अंगरौरा के निकट कटान कर रहा है। यहां पर बीती रात पांच किसानों की पांच बीघा जमीन कटकर नदी में बह गई है।
रेउसा क्षेत्र के ग्राम निर्मलपुरवा, गोड़ियन पुरवा, कोनी, सिसैया बाजार, नगीना पुरवा आदि गांव के पास घाघरा का पानी तेजी से बह रहा है। कुछ दिन पहले निर्मलपुरवा से नदी के बीच टापू पर बसे पचीसा गांव जाने के लिए लोगों को नदी में रेत का मैदान पार करना होता था।
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अब बैराजों से छोड़े गए पानी से वह मैदान पानी की गोद में समा गया है। अब नगीना पुरवा से पचीसा गांव तक करीब चार किलोमीटर की दूरी तक नदी का पानी हिलोरे मार रहा है। चहलारी पुल के नीचे घाघरा नदी तेजी से बह रही है। इसकी वजह से पुल ने नीचे चलने वाला निर्माण कार्य ठप कर दिया गया है।
पुल के नीचे बसे कर्मचारियों के अस्थाई घरों को हटाने का काम शुरू हो गया है। निर्माण कार्य में लगे कर्मचारी अब चहलारी सड़क पर मशीनें व अन्य सामान पहुंचा रहे हैं। नदी में बढ़ते पानी को देख तटीय क्षेत्र में बसने वाले ग्रामीण काफी भयभीत हैं, जो सुरक्षित ठिकानों की तलाश में जुट गए हैं।
रामपुर मथुरा क्षेत्र में अंगरौरा के निकट घाघरा तेजी से खेतों में कटान कर रही है। शुक्रवार की रात नदी ने अंगरौरा निवासी राजेंद्र, राजू व रमेश की पांच बीघा कृषि भूमि काट दी है। नदी अब भी कटान कर रही है। कटान के कारण क्षेत्र की खेती प्रभावित हो रही है। किसान फसलों के नुकसान से लेकर खेतों के कटान तक को लेकर चिंतित हैं।
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रेउसा क्षेत्र में कुछ दिन पहले जिस घाघरा में रेत के मैदान नजर आ रहे थे, वहां पर पानी का तेज बहाव नजर आ रहा है। जबकि रामपुर मथुरा क्षेत्र में घाघरा खेतों का कटान कर रही है। नदी का पानी दुबे पुरवा व अंगरौरा के निकट कटान कर रहा है। यहां पर बीती रात पांच किसानों की पांच बीघा जमीन कटकर नदी में बह गई है।
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रेउसा क्षेत्र के ग्राम निर्मलपुरवा, गोड़ियन पुरवा, कोनी, सिसैया बाजार, नगीना पुरवा आदि गांव के पास घाघरा का पानी तेजी से बह रहा है। कुछ दिन पहले निर्मलपुरवा से नदी के बीच टापू पर बसे पचीसा गांव जाने के लिए लोगों को नदी में रेत का मैदान पार करना होता था।
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अब बैराजों से छोड़े गए पानी से वह मैदान पानी की गोद में समा गया है। अब नगीना पुरवा से पचीसा गांव तक करीब चार किलोमीटर की दूरी तक नदी का पानी हिलोरे मार रहा है। चहलारी पुल के नीचे घाघरा नदी तेजी से बह रही है। इसकी वजह से पुल ने नीचे चलने वाला निर्माण कार्य ठप कर दिया गया है।
पुल के नीचे बसे कर्मचारियों के अस्थाई घरों को हटाने का काम शुरू हो गया है। निर्माण कार्य में लगे कर्मचारी अब चहलारी सड़क पर मशीनें व अन्य सामान पहुंचा रहे हैं। नदी में बढ़ते पानी को देख तटीय क्षेत्र में बसने वाले ग्रामीण काफी भयभीत हैं, जो सुरक्षित ठिकानों की तलाश में जुट गए हैं।
रामपुर मथुरा क्षेत्र में अंगरौरा के निकट घाघरा तेजी से खेतों में कटान कर रही है। शुक्रवार की रात नदी ने अंगरौरा निवासी राजेंद्र, राजू व रमेश की पांच बीघा कृषि भूमि काट दी है। नदी अब भी कटान कर रही है। कटान के कारण क्षेत्र की खेती प्रभावित हो रही है। किसान फसलों के नुकसान से लेकर खेतों के कटान तक को लेकर चिंतित हैं।