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Sitapur News: झूठा साबित हुआ झाड़ू-पोछा कराने का छात्रा का आरोप
Sun, 12 Apr 2026 12:09 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Sun, 12 Apr 2026 12:09 AM IST
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सीतापुर। छात्राओं के उत्पीड़न व बदसलूकी के आरोप की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय टीम शनिवार को कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय पहुंची। टीम ने छात्राओं, शिक्षिकाओं व कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। करीब दो घंटे तक जांच-पड़ताल के बाद टीम ने देर शाम जिलाधिकारी को अपनी रिपोर्ट सौंपी। इससे स्पष्ट हुआ कि अमर्यादित आचरण को लेकर शिक्षिकाओं के डांटने पर छात्रा ने झूठे आरोप लगाए थे।
विद्यालय की हाईस्कूल की 16 वर्षीय छात्रा ने तीन शिक्षिकाओं पर झाड़ू-पोछा व निजी काम कराने का दबाव बनाने का आरोप लगाया था। शुक्रवार को छात्रा की तबीयत खराब होने पर स्कूल से परिजनों को सूचना दी गई। परिजन छात्रा को सीएचसी महमूदाबाद लेकर पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे छुट्टी दे दी गई थी। सीएचसी के डॉ. फीरोज ने छात्रा को चक्कर और बेहोशी की हालत में लाने की बात कही। छात्रा ने बताया कि विद्यालय में उसे दो दिन से खाना नहीं दिया गया था। छात्रा ने महमूदाबाद कोतवाली में तहरीर देकर तीनों शिक्षिकाओं पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था।
शनिवार को बीएसए अखिलेश प्रताप सिंह के अवकाश पर होने के चलते बीईओ/प्रभारी बीएसए प्रियांशी सक्सेना, एसडीएम महमूदाबाद बीके सिंह व एसडीएम बिसवां शिखा शुक्ला दोपहर सवा 12 बजे कस्तूरबा गांधी विद्यालय पहुंचीं। टीम ने 22 शिक्षिकाओं व कर्मचारियाें और आठ छात्राओं के बयान दर्ज किए गए। सीसीटीवी फुटेज चेक किए गए, जिसमें छात्रा खाना खाती दिखी।
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जांच में पाया गया कि छात्रा को अपनी सहपाठी के साथ अमर्यादित आचरण करने पर शिक्षिकाओं ने डांट-फटकार लगाई थी। इस वजह से उसने शिक्षिकाओं पर झूठे आरोप लगाए थे। जांच टीम ने दोनों छात्राओं को अन्य छात्राओं के साथ नहीं रखने की संस्तुति की है। जांच टीम की रिपोर्ट में बताया कि इन छात्राओं की उपस्थिति अन्य छात्राओं के शिक्षण व सर्वांगीण विकास में बाधक हो सकती है। इन्हें अन्य छात्राओं के साथ रखने से उन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
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विद्यालय की हाईस्कूल की 16 वर्षीय छात्रा ने तीन शिक्षिकाओं पर झाड़ू-पोछा व निजी काम कराने का दबाव बनाने का आरोप लगाया था। शुक्रवार को छात्रा की तबीयत खराब होने पर स्कूल से परिजनों को सूचना दी गई। परिजन छात्रा को सीएचसी महमूदाबाद लेकर पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे छुट्टी दे दी गई थी। सीएचसी के डॉ. फीरोज ने छात्रा को चक्कर और बेहोशी की हालत में लाने की बात कही। छात्रा ने बताया कि विद्यालय में उसे दो दिन से खाना नहीं दिया गया था। छात्रा ने महमूदाबाद कोतवाली में तहरीर देकर तीनों शिक्षिकाओं पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था।
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शनिवार को बीएसए अखिलेश प्रताप सिंह के अवकाश पर होने के चलते बीईओ/प्रभारी बीएसए प्रियांशी सक्सेना, एसडीएम महमूदाबाद बीके सिंह व एसडीएम बिसवां शिखा शुक्ला दोपहर सवा 12 बजे कस्तूरबा गांधी विद्यालय पहुंचीं। टीम ने 22 शिक्षिकाओं व कर्मचारियाें और आठ छात्राओं के बयान दर्ज किए गए। सीसीटीवी फुटेज चेक किए गए, जिसमें छात्रा खाना खाती दिखी।
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जांच में पाया गया कि छात्रा को अपनी सहपाठी के साथ अमर्यादित आचरण करने पर शिक्षिकाओं ने डांट-फटकार लगाई थी। इस वजह से उसने शिक्षिकाओं पर झूठे आरोप लगाए थे। जांच टीम ने दोनों छात्राओं को अन्य छात्राओं के साथ नहीं रखने की संस्तुति की है। जांच टीम की रिपोर्ट में बताया कि इन छात्राओं की उपस्थिति अन्य छात्राओं के शिक्षण व सर्वांगीण विकास में बाधक हो सकती है। इन्हें अन्य छात्राओं के साथ रखने से उन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।