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Sitapur News: खिलाड़ियाें से ही खेल, स्टेडियम है नहीं, लखनऊ में करते अभ्यास
Mon, 17 Nov 2025 12:19 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Mon, 17 Nov 2025 12:19 AM IST
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सिधौली। नगर में खिलाड़ियों के लिए कोई सार्वजनिक खेल मैदान व स्टेडियम न होने से खिलाड़ियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैं। कई खिलाड़ी प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए लखनऊ स्टेडियम में जाकर अभ्यास करने को मजबूर हैं। इससे जिले में खेल प्रतिभाएं दम तोड़ रही है। खिलाड़ियों ने स्टेडियम बनवाएं जाने की मांग की है।
गांधी महाविद्यालय के पड़ाव खेल मैदान पर खिलाड़ी क्रिकेट, कबड्डी व अन्य खेलों को खेलते हैं लेकिन इस मैदान पर ज्यादातर राजनीतिक पार्टियों की रैलियां, सर्कस, मेला जैसे अन्य आयोजन भी होते रहते हैं। इस वजह से यह मैदान अधिकतर खिलाड़ियों के लिए खाली नहीं रहता है।
कस्बे के नरोत्तम नगर निवासी महिला खिलाड़ी व क्रिकेट प्रतियोगिताओं का आयोजन करने वाली आरजू सिंह ने कहा कि खिलाड़ियों के लिए बेहतर व्यवस्था न होने से परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पड़ाव मैदान में कभी-कभी जलभराव व गड्ढे होने पर स्वयं के खर्च से ही मैदान को ठीक कराया जाता है। नगर में एक स्टेडियम या खेल मैदान होना आवश्यक है।
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बाड़ी निवासी मो. कैफ ने कहा कि खेल प्रतिभा को निखारने के लिए खिलाड़ियों को एक अच्छे मैदान की आवश्यकता रहती है। कई बार प्रतियोगी प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए खिलाड़ियों को बेहतर तरीके से अभ्यास करने के लिए लखनऊ तक जाना पड़ता है। खिलाड़ियों के लिए यदि स्टेडियम हो तो बड़ी खेल प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जा सकती हैं।
खिलाड़ी सऊद ने कहा कि खेलों का जीवन में स्वास्थ्य व मनोरंजन दोनों से जुड़ाव रहता हैं, इसलिए नवयुवक इसके लिए तत्पर रहते हैं। खेल के लिए बुनियादी सुविधाएं न होने के कारण कई प्रतिभाएं दम तोड़ जाती हैं। खिलाड़ी शिवम ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को इस ओर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि कोई खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचता है तो जिले के साथ-साथ प्रदेश का भी नाम होता है।
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गांधी महाविद्यालय के पड़ाव खेल मैदान पर खिलाड़ी क्रिकेट, कबड्डी व अन्य खेलों को खेलते हैं लेकिन इस मैदान पर ज्यादातर राजनीतिक पार्टियों की रैलियां, सर्कस, मेला जैसे अन्य आयोजन भी होते रहते हैं। इस वजह से यह मैदान अधिकतर खिलाड़ियों के लिए खाली नहीं रहता है।
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कस्बे के नरोत्तम नगर निवासी महिला खिलाड़ी व क्रिकेट प्रतियोगिताओं का आयोजन करने वाली आरजू सिंह ने कहा कि खिलाड़ियों के लिए बेहतर व्यवस्था न होने से परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पड़ाव मैदान में कभी-कभी जलभराव व गड्ढे होने पर स्वयं के खर्च से ही मैदान को ठीक कराया जाता है। नगर में एक स्टेडियम या खेल मैदान होना आवश्यक है।
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बाड़ी निवासी मो. कैफ ने कहा कि खेल प्रतिभा को निखारने के लिए खिलाड़ियों को एक अच्छे मैदान की आवश्यकता रहती है। कई बार प्रतियोगी प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए खिलाड़ियों को बेहतर तरीके से अभ्यास करने के लिए लखनऊ तक जाना पड़ता है। खिलाड़ियों के लिए यदि स्टेडियम हो तो बड़ी खेल प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जा सकती हैं।
खिलाड़ी सऊद ने कहा कि खेलों का जीवन में स्वास्थ्य व मनोरंजन दोनों से जुड़ाव रहता हैं, इसलिए नवयुवक इसके लिए तत्पर रहते हैं। खेल के लिए बुनियादी सुविधाएं न होने के कारण कई प्रतिभाएं दम तोड़ जाती हैं। खिलाड़ी शिवम ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को इस ओर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि कोई खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचता है तो जिले के साथ-साथ प्रदेश का भी नाम होता है।