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Sitapur News: लखनऊ की दूरी बढ़ा रही दिल के मरीजों का दर्द
Sat, 28 Feb 2026 11:38 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Sat, 28 Feb 2026 11:38 PM IST
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सीतापुर। जिला अस्पताल आने वाले मरीजों की धड़कनें बढ़ रही हैं तो इनको इलाज मिलना मुश्किल हो रहा है। इलाज के अभाव में वह 90 किलोमीटर दूर लखनऊ पहुंचकर इलाज कराने को मजबूर हैं। कई बार तत्काल इलाज के अभाव में लखनऊ पहुंचने से पहले ही दम तोड़ देते हैं। अस्पताल में न तो हृदय रोग विशेषज्ञ हैं और न ही जांच व दवाओं का इंतजाम है।
जिला अस्पताल के फिजिशियन की ओपीडी में रोजाना 400 से 500 मरीज आ रहे हैं। इन मरीजों में कम से कम 100 ऐसे मरीज होते हैं जिनको दिल की बीमारी है। इन मरीजों को इलाज की जरूरत पड़ती है तो फिजिशियन ही इलाज करते हैं। हृदय रोग विशेषज्ञ का पद करीब 12 साल से खाली चल रहा है। अस्पताल के हृदय रोग यूनिट है में केवल एक ईसीजी मशीन है। ऐसे में कामचलाऊ तरीके से फिजिशियन डॉ. अनुपम मिश्रा मरीजों का इलाज करते हैं।
इसके अलावा जिले के किसी भी सीएचसी पर भी हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। वहीं, अगर इमरजेंसी की बात की जाए तो रोजाना तीन से चार ऐसे मरीज आते हैं जिनमें हार्ट अटैक के लक्षण होते हैं। इनको तत्काल इलाज की जरूरत होती है। लेकिन चिकित्सकों के अभाव में इन्हें मेडिकल कॉलेज लखनऊ रेफर कर दिया जाता है।
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जिला अस्पताल के फिजिशियन की ओपीडी में रोजाना 400 से 500 मरीज आ रहे हैं। इन मरीजों में कम से कम 100 ऐसे मरीज होते हैं जिनको दिल की बीमारी है। इन मरीजों को इलाज की जरूरत पड़ती है तो फिजिशियन ही इलाज करते हैं। हृदय रोग विशेषज्ञ का पद करीब 12 साल से खाली चल रहा है। अस्पताल के हृदय रोग यूनिट है में केवल एक ईसीजी मशीन है। ऐसे में कामचलाऊ तरीके से फिजिशियन डॉ. अनुपम मिश्रा मरीजों का इलाज करते हैं।
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इसके अलावा जिले के किसी भी सीएचसी पर भी हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। वहीं, अगर इमरजेंसी की बात की जाए तो रोजाना तीन से चार ऐसे मरीज आते हैं जिनमें हार्ट अटैक के लक्षण होते हैं। इनको तत्काल इलाज की जरूरत होती है। लेकिन चिकित्सकों के अभाव में इन्हें मेडिकल कॉलेज लखनऊ रेफर कर दिया जाता है।
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