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Sitapur News: विवेचक ने दर्ज किए खनन अधिकारी के बयान
Sun, 17 Nov 2024 12:59 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Sun, 17 Nov 2024 12:59 AM IST
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सीतापुर। रामकोट में खनन अधिकारी से अभद्रता व छेड़छाड़ के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। शनिवार को विवेचक ने खनन अधिकारी शालिनी कुमार के कलमबंद बयान दर्ज किए। वहीं इस मामले के मुख्य आरोपी अरजीत शुक्ला व उसका साथी दिवाकर अब तक पुलिस की पकड़ में नहीं आ सके हैं। सूत्रों की मानें तो दोनों ही न्यायालय की शरण लेकर गिरफ्तारी से बचने की फिराक में हैं। ऐसा में हो सकता है कि बयानों के आधार पर धाराओं में बढ़ोतरी हो, यदि ऐसा होता है तो खनन माफिया पर शिकंजा और भी कस जाएगा।
रामकोट के धनईखेड़ा गांव में छह नवंबर को अवैध खनन की सूचना पर पहुंची खनन अधिकारी शालिनी कुमारी से खनन माफिया ने अभद्रता की थी। मौके पर मौजूद जेसीबी व ट्रैक्टर-ट्रॉली का वीडियो बनाते समय उनका मोबाइल छीन लिया। छेड़छाड़ की गई। खनन अधिकारी के हमराही से मारपीट की गई। इस मामले को एससी/एसटी आयोग ने भी संज्ञान में लिया और डीएम को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसी के बाद डीएम ने जांच समिति बनाई। मामले में खनन माफिया अरजीत शुक्ला, उसके गुर्गे दिवाकर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया। हालांकि केस दर्ज होने के बाद से आरोपी भूमिगत हो गए हैं। पुलिस को उनकी लोकेशन नहीं मिल रही है। पुलिस इन दोनों आरोपियों के परिजनों व परिचितों से पूछताछ कर रही है।
अपराध से अर्जित संपत्ति खंगाल रहा जिला प्रशासन
सूत्रों की मानें तो जिला प्रशासन अब खनन अधिकारी पर हमले के आरोपी अरजीत शुक्ला, दिवाकर प्रसाद, अरिजीत के बाबा रामकुमार शुक्ला की अवैध खनन व अपराध से अर्जित संपत्ति का ब्योरा खंगाल रहा है। इसके लिए टीम गठित की गई है। सूत्र यह भी बताते हैं कि एक सरकारी जमीन को कब्जाने के प्रयास के मामले में इनको भूमाफिया के रूप में भी चिह्नित किया जा सकता है। वहीं, इनकी संपत्तियों पर जिला प्रशासन बड़ी कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है।
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मुख्य आरोपी के बाबा, पिता व भाई संगीन मुकदमों में आरोपी
खनन अधिकारी पर हमले के आरोपी अरजीत के बाबा रामकुमार शुक्ला पर 19 मुकदमे हैं। बता दें कि इन पर करीब सात वर्ष पूर्व लखीमपुर में तैनात एक सिपाही की हत्या के प्रयास का आरोप भी लग चुका है। इसके साथ वह एक हत्या के मामले में भी नामजद रहे हैं। वहीं, अरजीत के पिता विमलेश शुक्ला पर इमलिया सुल्तानपुर थाने में वर्ष 2019 में हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके अलावा चार अन्य मुकदमों में शहर कोतवाली, इमलिया सुल्तानपुर व कोतवाली देहात में केस दर्ज हैं। अरजीत के भाई अमित शुक्ला पर भी हत्या के प्रयास के साथ दो अन्य केस दर्ज हैं।
बिसवां पुलिस से शिकायत के बाद भी नहीं हुई थी कार्रवाई
सीतापुर। खनन के मामले में बिसवां तहसील भी अछूती नहीं है। यहां शिकायत किए जाने पर हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं को धमकी भी मिल चुकी है। बिसवां में राष्ट्रीय बजरंग दल के कार्यकर्ताओं संदीप अवस्थी, सीटू वर्मा, लाल जी, राजन सैनी के मुताबिक ग्राम पंचायत पुरैनी में काफी समय से खनन हो रहा था। इस कारण उन्होंने 26 फरवरी को मामले की शिकायत एसडीएम बिसवां से की थी। ज्ञापन देने के बाद आरोपियों ने अभद्रता की। आरोपियों ने धमकी भरा एक स्टेटस अपने सोशल मीडिया पर डाल दिया। इसकी शिकायत बिसवां पुलिस से भी की गई थी। पुलिस ने भी इस मामले को हल्के में लिया। इसी वजह से खनन माफिया के हौसले बढ़े हैं।
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रामकोट के धनईखेड़ा गांव में छह नवंबर को अवैध खनन की सूचना पर पहुंची खनन अधिकारी शालिनी कुमारी से खनन माफिया ने अभद्रता की थी। मौके पर मौजूद जेसीबी व ट्रैक्टर-ट्रॉली का वीडियो बनाते समय उनका मोबाइल छीन लिया। छेड़छाड़ की गई। खनन अधिकारी के हमराही से मारपीट की गई। इस मामले को एससी/एसटी आयोग ने भी संज्ञान में लिया और डीएम को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसी के बाद डीएम ने जांच समिति बनाई। मामले में खनन माफिया अरजीत शुक्ला, उसके गुर्गे दिवाकर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया। हालांकि केस दर्ज होने के बाद से आरोपी भूमिगत हो गए हैं। पुलिस को उनकी लोकेशन नहीं मिल रही है। पुलिस इन दोनों आरोपियों के परिजनों व परिचितों से पूछताछ कर रही है।
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अपराध से अर्जित संपत्ति खंगाल रहा जिला प्रशासन
सूत्रों की मानें तो जिला प्रशासन अब खनन अधिकारी पर हमले के आरोपी अरजीत शुक्ला, दिवाकर प्रसाद, अरिजीत के बाबा रामकुमार शुक्ला की अवैध खनन व अपराध से अर्जित संपत्ति का ब्योरा खंगाल रहा है। इसके लिए टीम गठित की गई है। सूत्र यह भी बताते हैं कि एक सरकारी जमीन को कब्जाने के प्रयास के मामले में इनको भूमाफिया के रूप में भी चिह्नित किया जा सकता है। वहीं, इनकी संपत्तियों पर जिला प्रशासन बड़ी कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है।
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मुख्य आरोपी के बाबा, पिता व भाई संगीन मुकदमों में आरोपी
खनन अधिकारी पर हमले के आरोपी अरजीत के बाबा रामकुमार शुक्ला पर 19 मुकदमे हैं। बता दें कि इन पर करीब सात वर्ष पूर्व लखीमपुर में तैनात एक सिपाही की हत्या के प्रयास का आरोप भी लग चुका है। इसके साथ वह एक हत्या के मामले में भी नामजद रहे हैं। वहीं, अरजीत के पिता विमलेश शुक्ला पर इमलिया सुल्तानपुर थाने में वर्ष 2019 में हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके अलावा चार अन्य मुकदमों में शहर कोतवाली, इमलिया सुल्तानपुर व कोतवाली देहात में केस दर्ज हैं। अरजीत के भाई अमित शुक्ला पर भी हत्या के प्रयास के साथ दो अन्य केस दर्ज हैं।
बिसवां पुलिस से शिकायत के बाद भी नहीं हुई थी कार्रवाई
सीतापुर। खनन के मामले में बिसवां तहसील भी अछूती नहीं है। यहां शिकायत किए जाने पर हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं को धमकी भी मिल चुकी है। बिसवां में राष्ट्रीय बजरंग दल के कार्यकर्ताओं संदीप अवस्थी, सीटू वर्मा, लाल जी, राजन सैनी के मुताबिक ग्राम पंचायत पुरैनी में काफी समय से खनन हो रहा था। इस कारण उन्होंने 26 फरवरी को मामले की शिकायत एसडीएम बिसवां से की थी। ज्ञापन देने के बाद आरोपियों ने अभद्रता की। आरोपियों ने धमकी भरा एक स्टेटस अपने सोशल मीडिया पर डाल दिया। इसकी शिकायत बिसवां पुलिस से भी की गई थी। पुलिस ने भी इस मामले को हल्के में लिया। इसी वजह से खनन माफिया के हौसले बढ़े हैं।
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