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सुध ले सरकार तो औद्योगिक क्षेत्र हो गुलजार
अमर उजाला ब्यूरो/सीतापुर
Updated Sat, 22 Aug 2015 11:35 PM IST
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व्यापारियों की बात छोड़िए, तहसील प्रशासन तक नहीं जानता कि यहां कोई औद्योगिक क्षेत्र भी है। इलाकाई तहसील के अलादादपुर गांव से सटा 2.41 एकड़ के भूभाग पर औद्योगिक क्षेत्र आवंटित है।
1986 में यहां औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना हुई थी पर औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना के बाद शासन-प्रशासन इसे विकसित करना भूल गया। यहां न कोई बोर्ड लगाया गया है और न बाउंड्री बनवाई गई है।
हालांकि इस औद्योगिक क्षेत्र पर एक बेकरी का कारखाना संचालित है लेकिन बिजली, यातायात, सुरक्षा इत्यादि सुविधाएं न मिलने से बेकरी संचालक काफी आहत हैं। प्रशासन से कई बार समस्याओं के निदान को लेकर गुहार लगा चुके हैं पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
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औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना के कुछ समय बाद ही यहां दो दाल मिलें लगाई गई थीं। करीब चार साल पहले आधुनिक दाल व राइस मिल के नाम से क्षेत्र के सुजौलिया गांव निवासी सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी सुधाकर सिंह के बेटे ने उद्योग लगाया था।
जबकि एक अन्य दाल मिल करीब पांच वर्ष पूर्व लगाई गई थी। सुविधाएं न मिलने से यह दोनों यूनिटें स्थापित होने के चंद समय बाद ही बंद हो गईं।
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1986 में यहां औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना हुई थी पर औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना के बाद शासन-प्रशासन इसे विकसित करना भूल गया। यहां न कोई बोर्ड लगाया गया है और न बाउंड्री बनवाई गई है।
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हालांकि इस औद्योगिक क्षेत्र पर एक बेकरी का कारखाना संचालित है लेकिन बिजली, यातायात, सुरक्षा इत्यादि सुविधाएं न मिलने से बेकरी संचालक काफी आहत हैं। प्रशासन से कई बार समस्याओं के निदान को लेकर गुहार लगा चुके हैं पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
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औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना के कुछ समय बाद ही यहां दो दाल मिलें लगाई गई थीं। करीब चार साल पहले आधुनिक दाल व राइस मिल के नाम से क्षेत्र के सुजौलिया गांव निवासी सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी सुधाकर सिंह के बेटे ने उद्योग लगाया था।
जबकि एक अन्य दाल मिल करीब पांच वर्ष पूर्व लगाई गई थी। सुविधाएं न मिलने से यह दोनों यूनिटें स्थापित होने के चंद समय बाद ही बंद हो गईं।