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Sitapur News: कूड़ा उठाने वाले वाहन ही बन गए कूड़ादान
Fri, 28 Feb 2025 11:49 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Fri, 28 Feb 2025 11:49 PM IST
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सीतापुर। साथ आओ सीतापुर सजाओ... नपा अध्यक्ष की ये पंच लाइन अब शहर की स्वच्छता को मुंह चिढ़ाती नजर आ रही है। साफ-सफाई के लिए लगाए गए कूड़ा वाहन अब कबाड़ में तब्दील होने लगे हैं। करीब चार महीने से इन वाहनों में बैटरी है नहीं, पहियों से हवा गायब है और इनमें जंक भी लगने लगी है। वहीं इन वाहनों पर तैनात कर्मचारियों के वेतन के भी लाले पड़े हैं। उधर जिम्मेदारों का कहना है कि जल्द ही इन वाहनों में नई बैटरी लगवाकर इन्हें ठीक करा लिया जाएगा।
शहर में अधिकतर मोहल्लों में लोगों के घरों से सूखा और गीला कूड़ा उठाने के लिए नगर पालिका ने नए बैटरी चलित करीब 12 कूड़ा वाहन खरीदे थे। इनें केवल 5 वाहन ही मोहल्लों में जाकर कूड़ा उठा रहे हैं। बाकी 7 वाहन पिछले करीब चार महीने से नगर पालिका परिसर में शोपीस बनकर खड़े हुए हैं। इन वाहनों से दुर्गापुरवा, आलम नगर, मछली मंडी, तामसेनगंज, नईबस्ती सहित अन्य मोहल्ले शामिल हैं।
आलम नगर की निवासी जूही का कहना है कि बैटरी वाली कूड़ा गाड़ी न आने से बहुत परेशानी हो रही है। अब घर का कूड़ा डालने के लिए घर के बाहर मोहल्ले के अंतिम छोर पर रखे कूड़ेदान में डालने जाना पड़ता है। वहीं नई बस्ती के अमित का कहते है कि कूड़ा गाड़ी न आने की वजह से गलियों में कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। उधर नगर पालिका के सूत्रों का कहना है कि नगर पालिका से कार्यमुक्त हो चुके शिव प्रकाश त्रिपाठी ही वाहन प्रभारी थे, लेकिन कार्यमुक्त होने के बाद भी वाहनों की देख-रेख करते है। कूड़ा वाहन चलाने वाले कर्मचारियों ने इस बात की शिकायत कई बार शिव प्रकाश त्रिपाठी से की थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
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वेतन न मिलने से हो रही परेशानी
इन कूड़ा वाहनों पर तैनात कर्मचारियों को जीवकोपार्जन में कठिनाइयां हो रही है। इन कर्मचारियों को पिछले करीब चार महीनों से वेतन नहीं मिला है। जब इसके लिए नगर पालिका के जिम्मेदारों से बात करते हैं तो कहते है कि आश्वासन देकर टाल देते है।
अधिशासी अधिकारी को पता ही नहीं
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी वैभव त्रिपाठी का कहना है कि कूड़ा उठाने वाले वाहनों की बैटरी खराब हैं। इस बात की जानकारी नहीं है। अधिकतर मोहल्लों में बड़े वाहनों से कूड़ा उठान कराया जाता है। जल्द ही नई बैटरी डलवाई जाएगी।
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शहर में अधिकतर मोहल्लों में लोगों के घरों से सूखा और गीला कूड़ा उठाने के लिए नगर पालिका ने नए बैटरी चलित करीब 12 कूड़ा वाहन खरीदे थे। इनें केवल 5 वाहन ही मोहल्लों में जाकर कूड़ा उठा रहे हैं। बाकी 7 वाहन पिछले करीब चार महीने से नगर पालिका परिसर में शोपीस बनकर खड़े हुए हैं। इन वाहनों से दुर्गापुरवा, आलम नगर, मछली मंडी, तामसेनगंज, नईबस्ती सहित अन्य मोहल्ले शामिल हैं।
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आलम नगर की निवासी जूही का कहना है कि बैटरी वाली कूड़ा गाड़ी न आने से बहुत परेशानी हो रही है। अब घर का कूड़ा डालने के लिए घर के बाहर मोहल्ले के अंतिम छोर पर रखे कूड़ेदान में डालने जाना पड़ता है। वहीं नई बस्ती के अमित का कहते है कि कूड़ा गाड़ी न आने की वजह से गलियों में कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। उधर नगर पालिका के सूत्रों का कहना है कि नगर पालिका से कार्यमुक्त हो चुके शिव प्रकाश त्रिपाठी ही वाहन प्रभारी थे, लेकिन कार्यमुक्त होने के बाद भी वाहनों की देख-रेख करते है। कूड़ा वाहन चलाने वाले कर्मचारियों ने इस बात की शिकायत कई बार शिव प्रकाश त्रिपाठी से की थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
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वेतन न मिलने से हो रही परेशानी
इन कूड़ा वाहनों पर तैनात कर्मचारियों को जीवकोपार्जन में कठिनाइयां हो रही है। इन कर्मचारियों को पिछले करीब चार महीनों से वेतन नहीं मिला है। जब इसके लिए नगर पालिका के जिम्मेदारों से बात करते हैं तो कहते है कि आश्वासन देकर टाल देते है।
अधिशासी अधिकारी को पता ही नहीं
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी वैभव त्रिपाठी का कहना है कि कूड़ा उठाने वाले वाहनों की बैटरी खराब हैं। इस बात की जानकारी नहीं है। अधिकतर मोहल्लों में बड़े वाहनों से कूड़ा उठान कराया जाता है। जल्द ही नई बैटरी डलवाई जाएगी।