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Sitapur News: कचरे से अटी पड़ी स्वस्थ व सभ्य समाज की बुनियाद
Fri, 02 Oct 2026 12:12 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Fri, 02 Oct 2026 12:12 AM IST
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सीतापुर। गांधीजी ने स्वच्छता को स्वस्थ और सभ्य समाज की बुनियाद माना था। आज उनकी जयंती पर स्वच्छता के संकल्प और जिले की जमीनी हकीकत को परखना जरूरी है। शहर के कई मोहल्लों में नियमित कूड़ा उठान, शहर को साफ-सुथरा रखने के लिए नगर पालिका की ओर से हर साल करीब 25 करोड़ रुपये सफाई व्यवस्था पर खर्च किए जाते हैं।
शहर में 30 वार्डों में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की व्यवस्था का दावा है। जमीनी तौर पर शहर के 20 से अधिक मोहल्लों में नियमित रूप से कूड़ा उठान का काम नहीं हो रहा है। कई स्थानों पर तीन से चार दिन तक कूड़े के ढेर लगे रहते हैं।
शहरवासियों का आरोप है कि कूड़ा उठाने वाली गाड़ियां अधिकतर वीआईपी कॉलोनियों और प्रमुख मार्गों तक ही सीमित रहती हैं। अंदरूनी गलियों में सफाई के लिए लोगों को शिकायत करनी पड़ती है। नगर पालिका क्षेत्र में रोजाना करीब 50 टन कूड़ा निकलता है। इसके निस्तारण के लिए पुराना सीतापुर, बट्सगंज और लालकुर्ती में तीन एफआरएफ केंद्र बनाए गए हैं, लेकिन केवल एक ही पुराना सीतापुर का केंद्र संचालित है। दो केंद्र मशीन आने के अभाव में बंद पड़े हैं। इससे महज 10 से 15 टन कूड़े का ही निस्तारण हो पाता है। शहर के प्रेमनगर, लोहारबाग, दरी मंडी, ग्वालमंडी, विकास नगर, चुंगी चौकी, भार्गव कॉलोनी सहित अन्य तमाम जगह-जगह कूड़े के ढेर व्यवस्था की हकीकत बयां कर रहे हैं।
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n शिकायतों का भी नहीं हो रहा निस्तारण : सफाई व्यवस्था को लेकर नगर पालिका में रोजाना करीब 10 से 15 शिकायतें पहुंच रही हैं। इनमें कूड़ा उठान, नाली की सफाई और गंदगी से संबंधित शिकायतें शामिल हैं। इनमें से महज पांच से आठ शिकायतों का ही निस्तारण हो पाता है।
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शहर में 30 वार्डों में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की व्यवस्था का दावा है। जमीनी तौर पर शहर के 20 से अधिक मोहल्लों में नियमित रूप से कूड़ा उठान का काम नहीं हो रहा है। कई स्थानों पर तीन से चार दिन तक कूड़े के ढेर लगे रहते हैं।
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शहरवासियों का आरोप है कि कूड़ा उठाने वाली गाड़ियां अधिकतर वीआईपी कॉलोनियों और प्रमुख मार्गों तक ही सीमित रहती हैं। अंदरूनी गलियों में सफाई के लिए लोगों को शिकायत करनी पड़ती है। नगर पालिका क्षेत्र में रोजाना करीब 50 टन कूड़ा निकलता है। इसके निस्तारण के लिए पुराना सीतापुर, बट्सगंज और लालकुर्ती में तीन एफआरएफ केंद्र बनाए गए हैं, लेकिन केवल एक ही पुराना सीतापुर का केंद्र संचालित है। दो केंद्र मशीन आने के अभाव में बंद पड़े हैं। इससे महज 10 से 15 टन कूड़े का ही निस्तारण हो पाता है। शहर के प्रेमनगर, लोहारबाग, दरी मंडी, ग्वालमंडी, विकास नगर, चुंगी चौकी, भार्गव कॉलोनी सहित अन्य तमाम जगह-जगह कूड़े के ढेर व्यवस्था की हकीकत बयां कर रहे हैं।
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n शिकायतों का भी नहीं हो रहा निस्तारण : सफाई व्यवस्था को लेकर नगर पालिका में रोजाना करीब 10 से 15 शिकायतें पहुंच रही हैं। इनमें कूड़ा उठान, नाली की सफाई और गंदगी से संबंधित शिकायतें शामिल हैं। इनमें से महज पांच से आठ शिकायतों का ही निस्तारण हो पाता है।