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Sitapur News: 500 गांवों के 20 हजार उपभोक्ता बिजली संकट से त्रस्त

Fri, 02 Oct 2026 12:31 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर Updated Fri, 02 Oct 2026 12:31 AM IST
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20,000 consumers across 500 villages are grappling with a power crisis.
रामपुर मथुरा। करीब एक सप्ताह पूर्व आई तेज आंधी और बारिश से क्षेत्र की चरमराई विद्युत व्यवस्था अभी भी पटरी पर नहीं लौट सकी है। क्षेत्र के बांसुरा पावर स्टेशन से जुड़े करीब 500 गांवों के 20 हजार से अधिक उपभोक्ता बिजली संकट से जूझते हुए परेशानहाल हैं। बारिश के दौरान क्षेत्र में 250 से अधिक बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हुए थे। बिजली विभाग के एसडीओ का कहना है कि जलभराव के कारण मरम्मत कार्य में बाधा आ रही है।
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बांसुरा पावर स्टेशन से रामपुर मथुरा, बहादुरगंज-गोंडादेवरिया और चांदपुर सहित तीन फीडरों के माध्यम से विद्युत आपूर्ति की जाती है। इनमें रामपुर मथुरा फीडर की विद्युत लाइन सड़क के किनारे होने के कारण टूटे हुए पोल और तारों की मरम्मत का कार्य शुरू किया गया है। वहीं, बहादुरगंज और चांदपुर फीडरों की विद्युत लाइन खेतों के बीच से निकली है और करीब 27 किलोमीटर दूर तक विभिन्न गांवों में फैली है। ऐसे में इन फीडरों की क्षतिग्रस्त लाइनों की मरम्मत करना विद्युत विभाग के लिए बड़ी चुनौती बना है।
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क्षेत्र में जगह-जगह जलभराव की स्थिति बनी हुई है। एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं होने से ग्रामीणों की परेशानियां भी बढ़ने लगी हैं। बिजली के अभाव में समस्त ऑनलाइन कार्य, बैंकिंग कार्य व घरेलू कामकाज, पेयजल की व्यवस्था और अन्य जरूरी कार्य प्रभावित हैं। दवा व्यापारियों के सामने उचित तापमान पर रखी जाने वाली कुछ दवाओं व इंजेक्शन को बचाए रखने भी चुनौती बना है।
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एसडीओ बांंसुरा प्रदीप गोयल ने बताया कि तेज बारिश व आंधी से क्षेत्र में करीब 250 से अधिक खंभे टूट गए हैं। मरम्मत कार्य में जलभराव बाधा बन रहा है। 33 केवीए लाइन से सप्लाई शुरू हो गई है, 11 केवीए लाइन की मरम्मत चल रही है। टूटे हुए बिजली के खंभों को दोबारा खड़ा करने के लिए हाइड्रा मशीन की आवश्यकता है, लेकिन खेतों में पानी भरा होने से मशीनों का पहुंचाना मुश्किल हो रहा है। इसके चलते मरम्मत कार्य प्रभावित हो रहा है। शीघ्र आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।
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