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गांव के लिए कुछ कर गुजरने के जज्बे ने मल्लिका को बना दिया प्रधान
सीतापुर/अमरउजाला ब्यूरो
Updated Sat, 19 Dec 2015 10:49 PM IST
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ऊंची तालीम हासिल कर पूने सरीखे चकाचौंध कर देने वाले शहर में आला ओहदे पर नौकरी कर चुकीं मल्लिका सिंह को गांव के विकास का सपना प्रधानी के चुनाव में खींच ले गया। बुनियादी जरूरतों के लिए सिसक रहे गांव में खुशहाली लाने के इरादे से वह पंचायत चुनाव के मैदान में उतर गईं। ग्रामीणों ने भी विकास की नई इबारत गढ़ने का ताना-बाना बुनते हुए गांव का नेतृत्व मल्लिका को सौंप दिया। प्रधान बनने के बाद अपनी आंखो में गांव के चहुंमुखी विकास के पल रहे सपनों में हकीकत के रंग भरने को अब मल्लिका तैयार हैं।
जी हां, हम बात कर रहे हैं, ब्लॉक मछरेहटा की ग्राम पंचायत बीहट बीरम से नव निर्वाचित प्रधान मल्लिका सिंह शेखावत की। महाराष्ट्र के पुणे शहर से एमबीए की डिग्री हासिल कर मल्लिका ने एक नामी कंपनी में ऊंचे ओहदे पर नौकरी शुरू की।
चकाचौंध करने वाले पूने शहर में मल्लिका ने खुद के दम पर वह सारे ऐशो-आराम हासिल किए। इसी बीच मल्लिका की शादी सीतापुर के ब्लॉक मछरेहटा की ग्राम पंचायत बीहट बीरम में रहने वाले शेखावत परिवार में तय हो गई। विवाह बंधन में बंधने के बाद मल्लिका ने नौकरी छोड़कर पति सिद्धार्थ के साथ नई जिंदगी में कदम रखा।
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शहर की चकाचौंध से वह सीधे ग्रामीण अंचल में आ गईं। करीब चार साल पहले जब वह अपनी ससुराल पहुंची तो गंवई जिंदगी को करीब से देखकर बेहद मायूस हुई। मल्लिका बताती हैं, कि गांव के हालात देख उन्हें बेहद खराब लगा। देखा कि गांव में लोग बुनियादी जरूरतों को तरस रहे हैं।
यह देख उन्होंने अपने गांव के लिए कुछ कर गुजरने की ठान ली। अब उनके सामने संकट आया कि किस तरह वह गांव में खुशहाली ला सकती हैं? ऐसे में उनकी प्रेरणा बने ससुर एसपी सिंह। पूर्व जिला पंचायत सदस्य एसपी सिंह की पुत्रवधू होने के नाते उन्होंने सियासत के जरिए अपने मंसूबों को साकार करने की ठानी।
पंचायत चुनाव का बिगुल बजा तो मल्लिका भी मैदान में उतर पड़ी। गांव के लिए कुछ करने का उनमें हिलोरें मारते जज्बे को देख ग्रामीणों ने भी उनकी ताजपोशी कर दी। नतीजे आए तो वह प्रधान निर्वाचित की गई। मल्लिका अब बीहट बीरम में विकास के नए आयाम स्थापित करने का खाका खींचने में जुट गई हैं।
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जी हां, हम बात कर रहे हैं, ब्लॉक मछरेहटा की ग्राम पंचायत बीहट बीरम से नव निर्वाचित प्रधान मल्लिका सिंह शेखावत की। महाराष्ट्र के पुणे शहर से एमबीए की डिग्री हासिल कर मल्लिका ने एक नामी कंपनी में ऊंचे ओहदे पर नौकरी शुरू की।
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चकाचौंध करने वाले पूने शहर में मल्लिका ने खुद के दम पर वह सारे ऐशो-आराम हासिल किए। इसी बीच मल्लिका की शादी सीतापुर के ब्लॉक मछरेहटा की ग्राम पंचायत बीहट बीरम में रहने वाले शेखावत परिवार में तय हो गई। विवाह बंधन में बंधने के बाद मल्लिका ने नौकरी छोड़कर पति सिद्धार्थ के साथ नई जिंदगी में कदम रखा।
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शहर की चकाचौंध से वह सीधे ग्रामीण अंचल में आ गईं। करीब चार साल पहले जब वह अपनी ससुराल पहुंची तो गंवई जिंदगी को करीब से देखकर बेहद मायूस हुई। मल्लिका बताती हैं, कि गांव के हालात देख उन्हें बेहद खराब लगा। देखा कि गांव में लोग बुनियादी जरूरतों को तरस रहे हैं।
यह देख उन्होंने अपने गांव के लिए कुछ कर गुजरने की ठान ली। अब उनके सामने संकट आया कि किस तरह वह गांव में खुशहाली ला सकती हैं? ऐसे में उनकी प्रेरणा बने ससुर एसपी सिंह। पूर्व जिला पंचायत सदस्य एसपी सिंह की पुत्रवधू होने के नाते उन्होंने सियासत के जरिए अपने मंसूबों को साकार करने की ठानी।
पंचायत चुनाव का बिगुल बजा तो मल्लिका भी मैदान में उतर पड़ी। गांव के लिए कुछ करने का उनमें हिलोरें मारते जज्बे को देख ग्रामीणों ने भी उनकी ताजपोशी कर दी। नतीजे आए तो वह प्रधान निर्वाचित की गई। मल्लिका अब बीहट बीरम में विकास के नए आयाम स्थापित करने का खाका खींचने में जुट गई हैं।