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लापरवाही पर पशुधन प्रसार अधिकारी निलंबित
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सीतापुर। हरगांव विकासखंड के गोवंश आश्रय स्थल कोरैया गंगादास की देखरेख में लापरवाही बरतने पर पशुधन प्रसार अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। इसके पहले इन्हें विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि भी दी जा चुकी है। यहां गोवंश की मृत्यु होने पर जिम्मेदारों की लापरवाही उजागर हुई थी। मौके पर डीएम सहित अन्य अफसर पहुंचे थे। डीडीओ व सीवीओ ने प्रकरण की जांच की थी।
पशुधन प्रसार अधिकारी शरद कुमार जायसवाल को अपर निदेशक डॉ. रामपाल सिंह ने निलंबित कर दिया है। निलंबन का आधार डीडीओ एवं सीवीओ की जांच रिपोर्ट है। इसके अनुसार पशुओं की देखभाल के लिए मौके पर उपस्थित पशु चिकित्साधिकारी (वीओ) से जानकारी की गई। बताया गया कि वह स्वास्थ्य खराब होने के कारण 20 दिन से अवकाश पर थे। क्षेत्र के तीन गोवंश आश्रय स्थल का उत्तदायित्व भी उन पर है।
गोवंश आश्रय स्थल कोरैया गंगादास की देखभाल के लिए पशुधन प्रसार अधिकारी को निर्देशित किया गया है। मौके पर भ्रमण पंजिका देखने से पता चला कि पशुधन प्रसार अधिकारी 10 दिन से आए ही नहीं हैं। सीवीओ ने कहा है कि गोवंश आश्रय स्थल के मृत पशुओं के शवों का निष्पादन ग्राम प्रधान द्वारा समुचित ढंग से नहीं कराया गया। प्रथम दृष्ट्या लापरवाही उजागर होती है।
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प्रस्तावित अनुशासनिक कार्यवाही की जांच करने के लिए संयुक्त निदेशक गायनाकोलोजिस्ट स्टलिटी एंड इन्फर्टीलिटी यूनिट लखनऊ मंडल डॉ. अजीत सिंह को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। निलंबन की अवधि में शरद जायसवाल मुख्य पशु चिकित्साधिकारी के दफ्तर से संबद्ध किया गया है।
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पशुधन प्रसार अधिकारी शरद कुमार जायसवाल को अपर निदेशक डॉ. रामपाल सिंह ने निलंबित कर दिया है। निलंबन का आधार डीडीओ एवं सीवीओ की जांच रिपोर्ट है। इसके अनुसार पशुओं की देखभाल के लिए मौके पर उपस्थित पशु चिकित्साधिकारी (वीओ) से जानकारी की गई। बताया गया कि वह स्वास्थ्य खराब होने के कारण 20 दिन से अवकाश पर थे। क्षेत्र के तीन गोवंश आश्रय स्थल का उत्तदायित्व भी उन पर है।
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गोवंश आश्रय स्थल कोरैया गंगादास की देखभाल के लिए पशुधन प्रसार अधिकारी को निर्देशित किया गया है। मौके पर भ्रमण पंजिका देखने से पता चला कि पशुधन प्रसार अधिकारी 10 दिन से आए ही नहीं हैं। सीवीओ ने कहा है कि गोवंश आश्रय स्थल के मृत पशुओं के शवों का निष्पादन ग्राम प्रधान द्वारा समुचित ढंग से नहीं कराया गया। प्रथम दृष्ट्या लापरवाही उजागर होती है।
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प्रस्तावित अनुशासनिक कार्यवाही की जांच करने के लिए संयुक्त निदेशक गायनाकोलोजिस्ट स्टलिटी एंड इन्फर्टीलिटी यूनिट लखनऊ मंडल डॉ. अजीत सिंह को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। निलंबन की अवधि में शरद जायसवाल मुख्य पशु चिकित्साधिकारी के दफ्तर से संबद्ध किया गया है।