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प्रवेश न मिलने पर भड़के विद्यार्थी, हंगामा
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जीआईसी से टीईटी का पेपर देकर निकलते परीक्षार्थी। - संवाद
- फोटो : SITAPUR
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सीतापुर। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में परीक्षार्थी दिनभर अव्यवस्थाओं से जूझते रहे। किसी केंद्र पर देरी से पहुंचने पर उन्हें वापस कर दिया गया तो किसी केंद्र पर अंतिम वर्ष का अंकपत्र न होने पर उन्हें बैठने नहीं दिया गया। महर्षि विद्या मंदिर में प्रवेश न मिलने पर परीक्षार्थियों ने जमकर हंगामा किया। एसडीएम सदर ने पहुंचकर परीक्षार्थियों को शांत कराया। पहली पाली में 1242 व दूसरी पाली में 939 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी।
28 नवंबर 2021 को टीईटी का पेपर लीक होने के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई थी। उसके बाद रविवार को जिले में दोबारा परीक्षा आयोजित की गई। पहली पाली में प्राथमिक स्तर की परीक्षा आयोजित की गई। इस परीक्षा के लिए जिले में 33 केंद्र बनाए गए थे। विद्यार्थी समय से पहले ही केंद्र पर पहुंच गए। पहले उनकी तलाशी ली गई। उसके बाद कोविड प्रोटोकॉल के अनुसार परीक्षा कराई गई। इस दौरान कई केंद्रों पर अव्यवस्थाएं छाई रही।
महर्षि विद्या मंदिर परीक्षा केंद्र पर करीब 20 मिनट देरी से पहली पाली में परीक्षार्थी पहुंचे। परीक्षार्थियों ने बताया कि पुलिस लाइन की रेलवे क्रॉसिंग बंद हो गई थी। इसकी वजह से परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में देरी हो गई। कॉलेज प्रशासन ने देर की बात कहकर उन्हें अंदर नहीं जाने दिया। इससे परीक्षार्थी भड़क गए। हंगामा करने लगे। इसकी सूचना पाकर मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर व पुलिस ने परीक्षार्थियों को शांत कराया।
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लेकिन परीक्षार्थियों को अंदर नहीं जाने दिया गया। इसी तरह स्टडीवेल स्कूल में अंतिम वर्ष का अंकपत्र परीक्षार्थियों के पास न होने से उन्हें वापस कर दिया गया। इससे परेशान परीक्षार्थियों ने डीएम से शिकायत की। इसी तरह कई अन्य केंद्रों पर पर अव्यवस्थाएं रही।
टीईटी में पहली पाली में 15056 विद्यार्थी पंजीकृत थे। जिसमें 33 केंद्रों पर 13814 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। 1242 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। इसी तरह दूसरी पाली में 9335 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। जिसमें 25 केंद्रों पर 8396 ने परीक्षा दी। 939 विद्यार्थी परीक्षा से गैरहाजिर रहे।
परीक्षार्थियों को अच्छी मेरिट आने की उम्मीद
परीक्षार्थी विमला ने बताया कि पहले आयोजित परीक्षा की अपेक्षा इस बार का प्रश्नपत्र अच्छा आया था। इससे उम्मीद है कि इस बार अच्छे अंक जरूर आएंगे। पूजा अवस्थी का कहना है कि प्रश्नपत्र हल करने में कोई परेशानी नहीं हुई है। पर्याप्त समय दिया गया था। सभी प्रश्न आसानी से हल कर लिए है।
अंकित बाजपेई ने बताया कि कोविड प्रोटोकॉल के अनुसार परीक्षा कराई गई है। प्रश्नों का स्तर न तो बहुत कठिन था, न ही बहुत सरल था। मेरिट अच्छी आएगी। रिषभ गौड़ का कहना है कि कुछ प्रश्न बहुत ही अनसुलझे थे। इसको हल करने में थोड़ा अधिक समय लगा था। फिर भी काफी हद तक ठीक हुआ है।
मुफ्त बस सेवा का मिला लाभ
टीईटी देने आए परीक्षार्थियों को रोडवेज की तरफ से निशुल्क बस सुविधा दी गई थी। इससे परीक्षार्थी आसानी से केंद्रों पर पहुंचे। बसों के लिए कोई मारामारी नहीं दिखाई दी। रोडवेज पर पर्याप्त संख्या में बसें मौजूद रही। आने वाले परीक्षार्थी प्रवेश पत्र दिखाकर अपने केंद्रों की तरफ आते जाते हुए दिखाई दिए। पहली व दूसरी पाली में कहीं पर भी सफर को लेकर दिक्कत नजर नहीं आई। अधिकतर विद्यार्थी अपने प्राइवेट वाहन से ही केंद्रों पर पहुंचे।
शहर में कई केंद्रों पर भटके विद्यार्थी
टीईटी को लेकर शहर में केंद्र बनाए गए थे। दूरदराज के आए विद्यार्थी शहर में पहुंचे तो वह केंद्र की तलाश में भटकते दिखाई दिए। वह रास्ता पूछकर केंद्र पहुंचे। इस दौरान उन्होंने ऑटो रिक्शा का सहारा लिया। परीक्षा केंद्रों के बाहर समय से पहले ही पहुंच गए। जब तक उनको अंदर प्रवेश नहीं दिया गया तब तक वह किताबों को पढ़ते हुए नजर आए।
शांतिपूर्ण निपट गई परीक्षा
सभी केंद्रों पर शांतिपूर्ण तरीके से परीक्षा हो गई है। कुछ जगहों पर देरी से विद्यार्थी पहुंचने की शिकायतें मिली थी। नियमानुसार ही उनको अंदर जाने का प्रवेश दिया गया।
- देवी सहाय तिवारी, डीआईओएस
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28 नवंबर 2021 को टीईटी का पेपर लीक होने के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई थी। उसके बाद रविवार को जिले में दोबारा परीक्षा आयोजित की गई। पहली पाली में प्राथमिक स्तर की परीक्षा आयोजित की गई। इस परीक्षा के लिए जिले में 33 केंद्र बनाए गए थे। विद्यार्थी समय से पहले ही केंद्र पर पहुंच गए। पहले उनकी तलाशी ली गई। उसके बाद कोविड प्रोटोकॉल के अनुसार परीक्षा कराई गई। इस दौरान कई केंद्रों पर अव्यवस्थाएं छाई रही।
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महर्षि विद्या मंदिर परीक्षा केंद्र पर करीब 20 मिनट देरी से पहली पाली में परीक्षार्थी पहुंचे। परीक्षार्थियों ने बताया कि पुलिस लाइन की रेलवे क्रॉसिंग बंद हो गई थी। इसकी वजह से परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में देरी हो गई। कॉलेज प्रशासन ने देर की बात कहकर उन्हें अंदर नहीं जाने दिया। इससे परीक्षार्थी भड़क गए। हंगामा करने लगे। इसकी सूचना पाकर मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर व पुलिस ने परीक्षार्थियों को शांत कराया।
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लेकिन परीक्षार्थियों को अंदर नहीं जाने दिया गया। इसी तरह स्टडीवेल स्कूल में अंतिम वर्ष का अंकपत्र परीक्षार्थियों के पास न होने से उन्हें वापस कर दिया गया। इससे परेशान परीक्षार्थियों ने डीएम से शिकायत की। इसी तरह कई अन्य केंद्रों पर पर अव्यवस्थाएं रही।
टीईटी में पहली पाली में 15056 विद्यार्थी पंजीकृत थे। जिसमें 33 केंद्रों पर 13814 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। 1242 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। इसी तरह दूसरी पाली में 9335 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। जिसमें 25 केंद्रों पर 8396 ने परीक्षा दी। 939 विद्यार्थी परीक्षा से गैरहाजिर रहे।
परीक्षार्थियों को अच्छी मेरिट आने की उम्मीद
परीक्षार्थी विमला ने बताया कि पहले आयोजित परीक्षा की अपेक्षा इस बार का प्रश्नपत्र अच्छा आया था। इससे उम्मीद है कि इस बार अच्छे अंक जरूर आएंगे। पूजा अवस्थी का कहना है कि प्रश्नपत्र हल करने में कोई परेशानी नहीं हुई है। पर्याप्त समय दिया गया था। सभी प्रश्न आसानी से हल कर लिए है।
अंकित बाजपेई ने बताया कि कोविड प्रोटोकॉल के अनुसार परीक्षा कराई गई है। प्रश्नों का स्तर न तो बहुत कठिन था, न ही बहुत सरल था। मेरिट अच्छी आएगी। रिषभ गौड़ का कहना है कि कुछ प्रश्न बहुत ही अनसुलझे थे। इसको हल करने में थोड़ा अधिक समय लगा था। फिर भी काफी हद तक ठीक हुआ है।
मुफ्त बस सेवा का मिला लाभ
टीईटी देने आए परीक्षार्थियों को रोडवेज की तरफ से निशुल्क बस सुविधा दी गई थी। इससे परीक्षार्थी आसानी से केंद्रों पर पहुंचे। बसों के लिए कोई मारामारी नहीं दिखाई दी। रोडवेज पर पर्याप्त संख्या में बसें मौजूद रही। आने वाले परीक्षार्थी प्रवेश पत्र दिखाकर अपने केंद्रों की तरफ आते जाते हुए दिखाई दिए। पहली व दूसरी पाली में कहीं पर भी सफर को लेकर दिक्कत नजर नहीं आई। अधिकतर विद्यार्थी अपने प्राइवेट वाहन से ही केंद्रों पर पहुंचे।
शहर में कई केंद्रों पर भटके विद्यार्थी
टीईटी को लेकर शहर में केंद्र बनाए गए थे। दूरदराज के आए विद्यार्थी शहर में पहुंचे तो वह केंद्र की तलाश में भटकते दिखाई दिए। वह रास्ता पूछकर केंद्र पहुंचे। इस दौरान उन्होंने ऑटो रिक्शा का सहारा लिया। परीक्षा केंद्रों के बाहर समय से पहले ही पहुंच गए। जब तक उनको अंदर प्रवेश नहीं दिया गया तब तक वह किताबों को पढ़ते हुए नजर आए।
शांतिपूर्ण निपट गई परीक्षा
सभी केंद्रों पर शांतिपूर्ण तरीके से परीक्षा हो गई है। कुछ जगहों पर देरी से विद्यार्थी पहुंचने की शिकायतें मिली थी। नियमानुसार ही उनको अंदर जाने का प्रवेश दिया गया।
- देवी सहाय तिवारी, डीआईओएस