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तार लगे खेत में कैद किए आवारा मवेशी
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महमूदाबाद (सीतापुर)। आवारा जानवरों से परेशान किसानों ने तार लगे एक खेत में सैकड़ों मवेशी कैद कर दिए। तहसीलदार ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों को शांत कराने का प्रयास किया लेकिन किसान नहीं माने। इसके बाद तहसीलदार बैरंग लौट गए।
उधर, बंद किए गए मवेशी दो दिन से भूख-प्यास से तड़प रहे हैं लेकिन उनके चारे-पानी का किसी को ख्याल नहीं है। बेतरतीब ढंग से बंद मवेशियों में से कुछ बुरी तरह से जख्मी हैं। चिकित्सकों की टीम ने गांव पहुंचकर जख्मी मवेशियों का इलाज किया है।
पूरे इलाके में इन दिनों आवारा मवेशियों का आतंक है। खेतों में खड़ी फसल किसान कंटीले और ब्लेडयुक्त तार लगाकर भी किसान नहीं बचा पा रहे हैं। ऐसे में दिन-रात जगाकर किसान खेतों में पहरेदारी कर फसलें बचाने को विवश हैं।
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महमूदाबाद के ग्राम बम्हौरा के परेशान ग्रामीणों ने करीब एक सैकड़ा मवेशियों को इकट्ठा किया और गांव के ही बेचेलाल वर्मा के तार लगे खेत में बंद कर दिया। मवेशियों को खेत में बंद करने के बाद ग्रामीणों ने मामले की जानकारी प्रशासन को दी। सूचना पर तहसीलदार अशोक कुमार मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को शांत कराने का प्रयास किया।
किसान मवेशियों को तत्काल गोशाला भेजे जाने की जिद कर रहे थे। इस पर तहसीलदार चारे-पानी की व्यवस्था कराने का आश्वासन देकर चले गए। तहसीलदार ने बताया कि सोमवार को मवेशियों के चारे-पानी की व्यवस्था किए जाने का प्रयास किया जाएगा। यदि व्यवस्था नहीं हो सकी तो इन्हें गौशाला में भेजा जाएगा।
पशु चिकित्सालय में चार घंटे बंद रहे आवारा मवेशी
ब्लॉक पहला की ग्राम पंचायत सिकंदराबाद के ग्रामीणों ने छुट्टा मवेशियों से आजिज आकर रविवार को गांव में ही बने पशु चिकित्सालय में बंद कर दिया।
करीब चार घंटे से अधिक समय तक किसानों ने मवेशियों को पशु चिकित्सालय में रोके रखा। इसके बाद मौके पर पहुंचे पशु चिकित्साधिकारी पहला डा. अब्दुल, फार्मासिस्ट दीपक कुमार, राम सिंह, पशु मित्र विनीत यादव ने ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया। दो सांडो को संसारपुर गौशाला भिजवाया गया तथा शेष को छोड़ दिया गया।
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उधर, बंद किए गए मवेशी दो दिन से भूख-प्यास से तड़प रहे हैं लेकिन उनके चारे-पानी का किसी को ख्याल नहीं है। बेतरतीब ढंग से बंद मवेशियों में से कुछ बुरी तरह से जख्मी हैं। चिकित्सकों की टीम ने गांव पहुंचकर जख्मी मवेशियों का इलाज किया है।
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पूरे इलाके में इन दिनों आवारा मवेशियों का आतंक है। खेतों में खड़ी फसल किसान कंटीले और ब्लेडयुक्त तार लगाकर भी किसान नहीं बचा पा रहे हैं। ऐसे में दिन-रात जगाकर किसान खेतों में पहरेदारी कर फसलें बचाने को विवश हैं।
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महमूदाबाद के ग्राम बम्हौरा के परेशान ग्रामीणों ने करीब एक सैकड़ा मवेशियों को इकट्ठा किया और गांव के ही बेचेलाल वर्मा के तार लगे खेत में बंद कर दिया। मवेशियों को खेत में बंद करने के बाद ग्रामीणों ने मामले की जानकारी प्रशासन को दी। सूचना पर तहसीलदार अशोक कुमार मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को शांत कराने का प्रयास किया।
किसान मवेशियों को तत्काल गोशाला भेजे जाने की जिद कर रहे थे। इस पर तहसीलदार चारे-पानी की व्यवस्था कराने का आश्वासन देकर चले गए। तहसीलदार ने बताया कि सोमवार को मवेशियों के चारे-पानी की व्यवस्था किए जाने का प्रयास किया जाएगा। यदि व्यवस्था नहीं हो सकी तो इन्हें गौशाला में भेजा जाएगा।
पशु चिकित्सालय में चार घंटे बंद रहे आवारा मवेशी
ब्लॉक पहला की ग्राम पंचायत सिकंदराबाद के ग्रामीणों ने छुट्टा मवेशियों से आजिज आकर रविवार को गांव में ही बने पशु चिकित्सालय में बंद कर दिया।
करीब चार घंटे से अधिक समय तक किसानों ने मवेशियों को पशु चिकित्सालय में रोके रखा। इसके बाद मौके पर पहुंचे पशु चिकित्साधिकारी पहला डा. अब्दुल, फार्मासिस्ट दीपक कुमार, राम सिंह, पशु मित्र विनीत यादव ने ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया। दो सांडो को संसारपुर गौशाला भिजवाया गया तथा शेष को छोड़ दिया गया।