फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sitapur News ›   Stipend of students can be stopped

साढ़े छह हजार विद्यार्थियों का रुक सकता वजीफा

Thu, 16 Jan 2020 11:45 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 16 Jan 2020 11:45 PM IST
विज्ञापन
Stipend of students can be stopped
सीतापुर। जिले के करीब साढ़े छह हजार विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति फंस सकती है। कारण, इन विद्यार्थियों ने अपने आवेदन पत्र में खाता नंबर सहित अन्य जानकारियां गलत फीड कर दी हैं। इसका खुलासा ऑनलाइन जांच में सामने आया है। इस पर इन विद्यार्थियों का डाटा संदेहास्पद की श्रेणी में डाल दिया गया है। इससे इनकी छात्रवृत्ति रोक दी गई है।
विज्ञापन

समाज कल्याण अधिकारी ने डीआईओएस को पत्र लिखकर तीन दिन में कॉलेजों से डाटा को दुरुस्त करने का मौका दिया है। अगर निर्धारित समय सीमा के अंदर डाटा सही नहीं होता है तो विद्यार्थी छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना से बाहर हो जाएंगे। पूर्व दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के तहत कक्षा 9 व 10 के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति मिलती है।
विज्ञापन

इसी प्रकार दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के तहत कक्षा 11 से डिग्री तक के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति मिलती है। छात्रवृत्ति में हो रही धांधली रोकने के लिए शासन ने आवेदन करने की प्रक्रिया में बदलाव कर दिया था। विद्यार्थियों से ऑनलाइन आवेदन लिए गए थे। आवेदन भरने की जिम्मेदारी कॉलेजों को दी गई थी। लेकिन कॉलेजों ने मनमाने ढंग से आवेदन कर दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

अक्तूबर तक आवेदन प्रक्रिया चलती रही, जिसके बाद आवेदनों को शासन को भेज दिया गया था, जहां पर इसकी जांच पड़ताल हुई। जिसमेें करीब 6626 आवेदन अपूर्ण मिले है। इसमें सामान्य वर्ग के 2954 व एससी वर्ग के 3672 आवेदन शामिल है। इसमें गलतियां की गई हैं। इससे इनके आवेदन को संदेहास्पद की श्रेणी में डाल दिया गया है। एक आवेदन में करीब तीन से चार गलतियां हुई है।
कुछ में जानकारी भरी ही नहीं गई है। ऐसे में यह मानकों पर खरे नहीं उतरे है। जिस पर शासन ने विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए अंतिम अवसर दिया है। आवेदन पत्रों को आपत्ति के साथ कॉलेजों को वापस कर दिए है। तीन दिन के अंदर जानकारी दुरुस्त करके जमा करने के निर्देश दिए है। अगर इस दौरान विद्यार्थी अपने डाटा को सही नहीं करते है तो उनकी छात्रवृत्ति रोक दी जाएगी।

आवेदनों में हुईं कई गलतियां
हाईस्कूल के आवेदन में कक्षा नौ का जिक्र ही नहीं किया। आय प्रमाणपत्र व जाति प्रमाणपत्र का ऑनलाइन सत्यापन में रजिस्ट्रेशन नंबर मेल नहीं खा रहा है। जन्मतिथि प्रमाणपत्रों से भिन्नता है। आय प्रमाणपत्र मानक से अधिक लगा दिया है। कोर्स की डिटेल भरी ही नहीं है। बैंक खाता संख्या व आईएफसी कोड गलत है। आधार नंबर मैच नहीं कर रहा है। इसके अलावा अन्य गलतियां आवेदन फॉर्मों में मिली है। इससे इन विद्यार्थियों का डाटा लॉक नहीं हो सका है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed