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सड़क बनवाने के लिए धरने पर बैठे ग्रामीण
अमर उजाला ब्यूरो/सीतापुर
Updated Wed, 29 Jul 2015 11:07 PM IST
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अफसरों की लापरवाही के कारण लोगों को अब सड़क बनवाने के लिए धरना-प्रदर्शन तक का सहारा लेना पड़ रहा है। मामला परसेंडी ब्लॉक का है।
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यहां गांवों को जिला मुख्यालय से जोड़ने वाली सड़क पिछले कई माह से खराब है। क्षेत्र के करीब 10 गांवों के सैकड़ों लोग पिछले तीन दिनों से घूरेपारा में धरने पर बैठे हैं पर किसी ने सुध नहीं ली। इससे लोगों में आक्रोश है।
परसेंडी ब्लॉक के जीतामऊ से कसरैला के मुख्य मार्ग तक जोड़ने वाली करीब 28 किलोमीटर लंबी सड़क खड्ड में तब्दील हो गई है। राह चलना मुश्किल है।
आए दिन लोग जर्जर मार्ग से गुजर कर हादसों का शिकार हो रहे हैं। बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल हो रहा है। बदहाल मार्ग से बस के संचालन पर भी खतरा मंडरा रहा है।
कई बार शिकायत के बाद भी सड़क नहीं बनी तो ग्रामीणों ने प्रदर्शन का सराहा लिया। तालगांव, सेनपुर, दालियानपुर, बहादुरपुर, खैरूल्लापुर, मानपुर, घूरेपारा, जीतामऊ, बहबूदपुर, सादी फत्तेपुर गांवों के लोग ने अब आंदोलन छेड़ दिया है।
घूरेपारा के आशुतोष त्रिपाठी, सेवानिवृत्त शिक्षक केशवराम वर्मा की अगुवाई में ग्रामीण धरने पर बैठ गए हैं। 27 जुलाई को घूरेपारा चौराहे पर शुरू हुए प्रदर्शन में कई गांवों के लोग जुट गए हैं। उसके बाद भी अफसरों ने सुध नहीं ली। अब ग्रामीण बड़े आंदोलन की तैयारी में हैं।