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सर्द हवा व गलन से छूटी कंपकंपी
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सीतापुर। सर्दी का सितम कम होने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार सुबह जिला कोहरे की चपेट में रहा। कोहरे और गलन से लोग बेहाल रहे। ऐसे में सड़कों पर वाहन चालकों को लाइट जलाकर धीमी गति से चलना पड़ा। अलाव व हीटर के सहारे लोग ठंड से बचाव करते नजर आए।
पछुवा हवा का दबाव कुछ कम होने से न्यूनतम पारा मामूली वृद्धि के साथ छह डिग्री पर पहुंच गया। कड़ाके की ठंड से लोगों को राहत नहीं मिली। गुरुवार सुबह घने कोहरे, शीतलहर व गलन के बीच हुई। कोहरे की घनी चादर ने दृश्यता शून्य कर दी। लिहाजा, 20 से 30 मीटर दूरी तक भी कुछ नजर नहीं आ रहा था।
हेडलाइट जलाने के बावजूद वाहन धीमी गति से रेंगकर आगे बढ़ते दिखाई दिए। कड़ाके की ठंड से लोग देर तक बिस्तर में दुबके रहे। सर्दी के तेवरों में नरमी आती न देख मजबूरन लोगों ने बिस्तर से निकलकर दिनचर्या शुरू की। अत्यधिक ठंड के चलते ज्यादातर लोगों ने घर में दुबके रहने में ही भलाई समझी। जिन्हें बाहर निकलना पड़ा वह गर्म कपड़ों का बोझ लादने के बाद भी ठिठुरते रहे। राहत को अलाव, हीटर का सहारा लेने को लोग मजबूर हो गए।
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दोपहर करीब 12 बजे कड़ी मशक्कत कर सूरज ने दर्शन तो दिए, लेकिन तीन किमी. प्रति घंटे की स्पीड से चलने वाली बफीर्ली हवा और बादलों की आवाजाही से धूप बेअसर रही। शाम पांच बजे से गलन में और इजाफा हो गया। जान की आफत बन गई ठंड से बचने को हर कोई घर में दुबक गया। रात आठ बजे शहर की सड़कें सूनी हो गईं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार गुरुवार को अधिकतम तापमान 17 डिग्री और न्यूनतम तापमान छह डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। ठंड का प्रकोप अभी जारी रहने की संभावना है।
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पछुवा हवा का दबाव कुछ कम होने से न्यूनतम पारा मामूली वृद्धि के साथ छह डिग्री पर पहुंच गया। कड़ाके की ठंड से लोगों को राहत नहीं मिली। गुरुवार सुबह घने कोहरे, शीतलहर व गलन के बीच हुई। कोहरे की घनी चादर ने दृश्यता शून्य कर दी। लिहाजा, 20 से 30 मीटर दूरी तक भी कुछ नजर नहीं आ रहा था।
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हेडलाइट जलाने के बावजूद वाहन धीमी गति से रेंगकर आगे बढ़ते दिखाई दिए। कड़ाके की ठंड से लोग देर तक बिस्तर में दुबके रहे। सर्दी के तेवरों में नरमी आती न देख मजबूरन लोगों ने बिस्तर से निकलकर दिनचर्या शुरू की। अत्यधिक ठंड के चलते ज्यादातर लोगों ने घर में दुबके रहने में ही भलाई समझी। जिन्हें बाहर निकलना पड़ा वह गर्म कपड़ों का बोझ लादने के बाद भी ठिठुरते रहे। राहत को अलाव, हीटर का सहारा लेने को लोग मजबूर हो गए।
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दोपहर करीब 12 बजे कड़ी मशक्कत कर सूरज ने दर्शन तो दिए, लेकिन तीन किमी. प्रति घंटे की स्पीड से चलने वाली बफीर्ली हवा और बादलों की आवाजाही से धूप बेअसर रही। शाम पांच बजे से गलन में और इजाफा हो गया। जान की आफत बन गई ठंड से बचने को हर कोई घर में दुबक गया। रात आठ बजे शहर की सड़कें सूनी हो गईं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार गुरुवार को अधिकतम तापमान 17 डिग्री और न्यूनतम तापमान छह डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। ठंड का प्रकोप अभी जारी रहने की संभावना है।