फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sitapur News ›   shikshamitr have hostage BSA and employees

शिक्षामित्रों ने बीएसए व कर्मचारियों बनाया बंधक

Wed, 06 Sep 2017 11:23 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 06 Sep 2017 11:23 PM IST
विज्ञापन
shikshamitr have hostage BSA and employees
shikshamitras

विज्ञापन

समान कार्य समान वेतन की मांग को लेकर बुधवार को शिक्षामित्र भड़क गए। शासन की ओर से दस हजार रुपये मानदेय के प्रस्ताव को ठुकरा दिया। आक्रोशित शिक्षामित्रों ने बीएसए कार्यालय में तालाबंदी कर दी। अफसर व कर्मचारी कार्यालय के अंदर करीब चार घंटे तक बंधक बने रहे। सिटी मजिस्ट्रेट ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता कर ताला खुलवाया।

समायोजन रद होने के बाद से शिक्षामित्र सरकार से नियुक्ति को लेकर आस लगाए हैं। उधर, शासन ने शिक्षामित्रों को 10 हजार रुपये का मानदेय देेने का प्रस्ताव पास किया तो सभी भड़क उठे। आक्रोशित शिक्षामित्रों ने करीब दो बजे बीएसए कार्यालय में तालाबंदी कर दी। तालाबंदी के समय बीईओ वाईके मिश्र सहित कर्मचारी कार्यालय के अंदर मौजूद थे।
विज्ञापन


कई बार इन लोगों ने ताला खुलवाने की गुहार लगाई। लेकिन शिक्षामित्र वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे। इसके बाद पांच बजे बीएसए अजय कुमार पहुंचे उन्होंने प्रदर्शनकारी शिक्षामित्रों को बुलाकर वार्ता की। फिर भी शिक्षामित्र अड़े रहे। आखिर में बीएसए को भी बंधक बना लिया। शाम करीब छह बजे सिटी मजिस्ट्रेट राकेश चंद्र पटेल फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने प्रदर्शनकारियों से वार्ता कर ताला खुलवाया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि शासन का यह प्रस्ताव हमें नामंजूर है। जब तक समान कार्य-समान वेतन की मांग पूरी नहीं हो जाती है, प्रदर्शन जारी रहेगा। इससे कर्मचारियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा। 

सिटी मजिस्ट्रेट मौके पर पहुंच गए। इस दौरान बीएसए कार्यालय के अंदर मौजूद थे। सिटी मजिस्ट्रेट ने बीएसए को बाहर बुलाया तब प्रदर्शनकारियों ने ताला खोल दिया। इसी दौरान कार्यालय के कुछ कर्मचारी बाहर निकलने का प्रयास करने लगे। लेकिन शिक्षामित्रों ने उन्हें जबरदस्ती अंदर धकेल दिया। इस दौरान कर्मचारियों के साथ धक्कामुक्की भी हुई। 


ऑफिस के अंदर कैद कार्यालय अधीक्षक अरुण श्रीवास्तव शुगर से पीड़ित हं। चिकित्सकों ने हर दो घंटे बाद कुछ न कुछ खाने की सलाह दी है। लेकिन जब कार्यालय में ताला पड़ गया तो वह भूख से तड़पने लगे। इसी प्रकार रामपुर मथुरा से आए एक शिक्षक घर जाने के लिए व्याकुल थे। उनका कहना था अगर देर हो जाएगी तो बस नहीं मिलेगी। इसी प्रकार अन्य कर्मचारी घर जाने के लिए बहुत परेशान दिखे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed