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Sitapur News: पटल सहायक ने मांगा वीआरएस, जांच शुरू
Thu, 02 Jul 2026 11:37 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Thu, 02 Jul 2026 11:37 PM IST
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सीतापुर। बीएसए कार्यालय में तैनात कनिष्क सहायक प्रेमशंकर मौर्या ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) मांगा है। बीएसए को आवेदन देने के बाद विभागीय स्तर पर जांच पड़ताल शुरू हो गई है। इसे लेकर विभागीय स्तर पर चर्चा का दौर तेज हो गया है।
प्रेमशंकर मौर्या तीन साल से अधिक समय से कार्रवाई पटल का कामकाज देख रहे हैं। करीब छह माह पहले तत्कालीन बीएसए अखिलेश प्रताप सिंह की एक शिक्षक ने कार्यालय के अंदर बेल्ट से पिटाई कर दी थी। कार्यालय के अंदर जिस समय घटना हुई थी। उस समय पटल सहायक प्रेमशंकर भी वहीं मौजूद थे। इस घटना के बाद चर्चित हुए बेल्ट कांड में इनकी भूमिका पर भी सवाल उठे थे। सूत्रों का कहना है कि इसके साथ ही इनके पटल से निलंबन के बाद कई शिक्षिकाओं के विद्यालय बदल देने की शिकायत भी शासन स्तर पर हुई थी। विभागीय स्तर पर चर्चा है कि जिले में नए बीएसए के आने के बाद से पटल सहायक को कार्रवाई का डर सताने लगा था। इससे बचने के लिए ही उन्होंने वीआरएस मांगने का आवेदन किया है।
इस संबंध में बीएसए डॉ. गोरखनाथ पटेल का कहना है कि पटल सहायक की तरफ से वीआरएस के आवेदन का पत्र मिला है। हो सकता है कि प्रेमशंकर ने भावावेश में आकर यह कदम उठाया हो।अभी उनकी नौकरी का काफी समय बाकी है। मामले की जांच पड़ताल कर आगे निर्णय लिया जाएगा।
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प्रेमशंकर मौर्या तीन साल से अधिक समय से कार्रवाई पटल का कामकाज देख रहे हैं। करीब छह माह पहले तत्कालीन बीएसए अखिलेश प्रताप सिंह की एक शिक्षक ने कार्यालय के अंदर बेल्ट से पिटाई कर दी थी। कार्यालय के अंदर जिस समय घटना हुई थी। उस समय पटल सहायक प्रेमशंकर भी वहीं मौजूद थे। इस घटना के बाद चर्चित हुए बेल्ट कांड में इनकी भूमिका पर भी सवाल उठे थे। सूत्रों का कहना है कि इसके साथ ही इनके पटल से निलंबन के बाद कई शिक्षिकाओं के विद्यालय बदल देने की शिकायत भी शासन स्तर पर हुई थी। विभागीय स्तर पर चर्चा है कि जिले में नए बीएसए के आने के बाद से पटल सहायक को कार्रवाई का डर सताने लगा था। इससे बचने के लिए ही उन्होंने वीआरएस मांगने का आवेदन किया है।
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इस संबंध में बीएसए डॉ. गोरखनाथ पटेल का कहना है कि पटल सहायक की तरफ से वीआरएस के आवेदन का पत्र मिला है। हो सकता है कि प्रेमशंकर ने भावावेश में आकर यह कदम उठाया हो।अभी उनकी नौकरी का काफी समय बाकी है। मामले की जांच पड़ताल कर आगे निर्णय लिया जाएगा।
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