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Sitapur News: 10 सेमी घटा सरयू का पानी
Tue, 28 Jul 2026 11:44 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Tue, 28 Jul 2026 11:44 PM IST
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रामपुर मथुरा इलाके में धीमी गति से कटान करती सरयू नदी व रेउसा में नाव बनाते ग्रामीण। -संवाद
रामपुर मथुरा/रेउसा। सरयू व शारदा नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव जारी है। इससे तटवर्ती गांवों के लोगों की मुसीबत बढ़ती जा रही है। मंगलवार को 10 सेंटीमीटर घटने से सरयू का जलस्तर 118.10 मीटर दर्ज किया गया। पानी अब खतरे के निशान 119 मीटर से 90 सेमी नीचे है। शारदा नदी खतरे के निशान से 0.74 मीटर नीचे बह रही है। उधर, बैराजों से मंगलवार को 2.54 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
रामपुर मथुरा इलाके में सरयू का जलस्तर कम होने से किसानों को कुछ राहत मिली है। खेतों में भरा बाढ़ का पानी कम हो रहा है। रास्तों पर भरा पानी भी निकलने लगा है। किसान बेनीराम ने बताया कि पानी सोमवार को नदी से बाहर आ गया था। तटवर्ती क्षेत्र स्थित खेतों में पानी भरने लगा था। जलस्तर घटने से अब पानी निकल रहा है। मुन्नू ने बताया कि इस समय पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण बैराजों से पानी छोड़ा जा रहा है। इस वजह से नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव हो रहा है। बारिश के सीजन भर खतरा बना रहेगा।
वहीं, सरयू नदी के तटवर्ती व निचले क्षेत्र में बसे बाबाकुटी व प्यारेपुरवा गांवों के आसपास भरा बाढ़ का पानी भी मंगलवार को कम होने लगा। रेउसा इलाके में सरयू व शारदा के जलस्तर में कमी आने से फिलहाल लोगों को राहत मिली है। हालांकि, ग्रामीण अब कटान तेज होने की आशंका जता रहे हैं। नगीनापुरवा के जवाहिर, रामऔतार, अनिरुद्ध, कमलेश व राजभर ने बताया कि लहरें खेतों में धीमी गति से कटान कर रही हैं। कटान तेज हुआ तो लोगों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। तटवर्ती पासिनपुरवा, इंदलपुरवा, मरैली, गार्गीपुरवा, मेवड़ी छोलहा, गोड़ियन पुरवा आदि गांवों के लोगों की मानें तो बाढ़ का खतरा अभी टला नहीं है।
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नाव बनवा रहे प्रधान
रेउसा। बैराजों से लगातार छोड़े जा रहे पानी के कारण गांजरवासी बाढ़ की आशंका जता रहे हैं। बाढ़ आने पर हालात से निपटने के लिए ग्रामीण तैयारियों में जुटे हैं। मंगलवार को कई लोग नाव बनवाते दिखाई दिए। गौलोक कोडर के पूर्व प्रधान श्याम सुंदर व चहलारी नई बस्ती के पूर्व प्रधान जाकिर अली राजू गैस एजेंसी के सामने नई नावें बनवा रहे थे। इन लोगों ने बताया कि नदियों का जलस्तर फिलहाल घटा है, लेकिन बाढ़ का खतरा अभी टला नहीं है। अचानक बाढ़ आने पर आवागमन का साधन नावें ही बनती हैं। इसलिए नावें बनवा रहे हैं।
पानी घटने से लोगों को मिली राहत
सरयू का जलस्तर कम होने से लोगों को काफी राहत मिली है। तहसील प्रशासन बाढ़ की हर स्थिति से निपटने की तैयारी पूर्ण कर चुका है। बाढ़ में लगी टीमें नदी के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं।
- उमाशंकर त्रिपाठी, तहसीलदार महमूदाबाद
खतरे के निशान से नीचे है पानी
नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे है। बाढ़ के अभी कोई हालात नहीं हैं। बाढ़ की स्थिति आने पर प्रशासन की ओर से हर संभव मदद उपलब्ध कराए जाने की सभी तैयारियां पूरी हैं। टीमें लगातार स्थितियों पर नजर बनाए हुए हैं।
- राहुल सिंह, एसडीएम बिसवां
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रामपुर मथुरा इलाके में सरयू का जलस्तर कम होने से किसानों को कुछ राहत मिली है। खेतों में भरा बाढ़ का पानी कम हो रहा है। रास्तों पर भरा पानी भी निकलने लगा है। किसान बेनीराम ने बताया कि पानी सोमवार को नदी से बाहर आ गया था। तटवर्ती क्षेत्र स्थित खेतों में पानी भरने लगा था। जलस्तर घटने से अब पानी निकल रहा है। मुन्नू ने बताया कि इस समय पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण बैराजों से पानी छोड़ा जा रहा है। इस वजह से नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव हो रहा है। बारिश के सीजन भर खतरा बना रहेगा।
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वहीं, सरयू नदी के तटवर्ती व निचले क्षेत्र में बसे बाबाकुटी व प्यारेपुरवा गांवों के आसपास भरा बाढ़ का पानी भी मंगलवार को कम होने लगा। रेउसा इलाके में सरयू व शारदा के जलस्तर में कमी आने से फिलहाल लोगों को राहत मिली है। हालांकि, ग्रामीण अब कटान तेज होने की आशंका जता रहे हैं। नगीनापुरवा के जवाहिर, रामऔतार, अनिरुद्ध, कमलेश व राजभर ने बताया कि लहरें खेतों में धीमी गति से कटान कर रही हैं। कटान तेज हुआ तो लोगों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। तटवर्ती पासिनपुरवा, इंदलपुरवा, मरैली, गार्गीपुरवा, मेवड़ी छोलहा, गोड़ियन पुरवा आदि गांवों के लोगों की मानें तो बाढ़ का खतरा अभी टला नहीं है।
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नाव बनवा रहे प्रधान
रेउसा। बैराजों से लगातार छोड़े जा रहे पानी के कारण गांजरवासी बाढ़ की आशंका जता रहे हैं। बाढ़ आने पर हालात से निपटने के लिए ग्रामीण तैयारियों में जुटे हैं। मंगलवार को कई लोग नाव बनवाते दिखाई दिए। गौलोक कोडर के पूर्व प्रधान श्याम सुंदर व चहलारी नई बस्ती के पूर्व प्रधान जाकिर अली राजू गैस एजेंसी के सामने नई नावें बनवा रहे थे। इन लोगों ने बताया कि नदियों का जलस्तर फिलहाल घटा है, लेकिन बाढ़ का खतरा अभी टला नहीं है। अचानक बाढ़ आने पर आवागमन का साधन नावें ही बनती हैं। इसलिए नावें बनवा रहे हैं।
पानी घटने से लोगों को मिली राहत
सरयू का जलस्तर कम होने से लोगों को काफी राहत मिली है। तहसील प्रशासन बाढ़ की हर स्थिति से निपटने की तैयारी पूर्ण कर चुका है। बाढ़ में लगी टीमें नदी के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं।
- उमाशंकर त्रिपाठी, तहसीलदार महमूदाबाद
खतरे के निशान से नीचे है पानी
नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे है। बाढ़ के अभी कोई हालात नहीं हैं। बाढ़ की स्थिति आने पर प्रशासन की ओर से हर संभव मदद उपलब्ध कराए जाने की सभी तैयारियां पूरी हैं। टीमें लगातार स्थितियों पर नजर बनाए हुए हैं।
- राहुल सिंह, एसडीएम बिसवां

रामपुर मथुरा इलाके में धीमी गति से कटान करती सरयू नदी व रेउसा में नाव बनाते ग्रामीण। -संवाद