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कई परीक्षा केंद्रों पर नहीं पहुंचे कक्ष निरीक्षक
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सीतापुर। डीएलएड परीक्षा गुरुवार को अव्यवस्थाओं के बीच शुरू हुई। कई केंद्रों पर कक्ष निरीक्षक नहीं पहुंचे। डायट प्राचार्य ने बीएसए के माध्यम से शिक्षक उपलब्ध कराए। उसके बाद परीक्षा कराई गई।
डीएलएड प्रशिक्षण 2019 के द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा गुरुवार से शुरू हुई। इसके लिए शहर में सात परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। जिनमें राजकीय इंटर कॉलेज, आरएमपी इंटर कॉलेज, आरआरडी इंटर कॉलेज, म्युनिसिपल इंटर कॉलेज, हिन्दू कन्या पाठशाला, उजागर लाल इंटर कॉलेज शामिल हैं। विद्यार्थी समय से पहले ही कॉलेज पहुंच गए।
गेट पर तलाशी लेकर अंदर प्रवेश दिया गया। कई केंद्रों पर गुरुवार सुबह तक शिक्षक नहीं पहुंचे। इससे प्रधानाचार्यों ने परीक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहे डायट प्राचार्य से शिकायत की। उसके बाद प्राचार्य ने बीएसए से प्राथमिक विद्यालयों से शिक्षक देने को कहा। उसके बाद शिक्षक पहुंचे, तब जाकर परीक्षा हुई।
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जीआईसी प्रधानाचार्य नरेंद्र सिंह ने बताया परीक्षा के लिए 14 कमरे आरक्षित किए गए थे। एक कमरे में दो शिक्षकों की आवश्यकता पड़ती है। इसके अलावा सचल दल व अन्य व्यवस्थाओं में शिक्षक लगाए जाते हैं। परीक्षा के लिए 42 शिक्षकों की आवश्यकता थी। 33 शिक्षक पहुंचे, जिनके जरिए परीक्षा कराई गई।
कई वित्तविहीन इंटर कॉलेजों से भी शिक्षक बुलाए गए थे। एचकेपी में भी शिक्षक कम होने की शिकायतें आई। यही हाल अन्य केंद्रों का भी रहा। डीआईओएस नरेंद्र शर्मा ने बताया, जहां पर शिक्षकों की कमी की शिकायत मिली थी, वहां पर शिक्षक भेजे गए।
वहीं, परीक्षार्थी राहुल यादव का कहना है प्रश्नपत्र अच्छा था। अधिकतर प्रश्न पढ़े हुए थे। इनको सॉल्व करने में कोई दिक्कत नहीं आई। पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि बहु विकल्पीय प्रश्नों की संख्या अधिक थी। इनको सॉल्व करने में कोई परेशानी नहीं हुई। अच्छे अंक आएंगे।
गायत्री ने बताया कि परीक्षा केंद्र पर व्यवस्थाएं भी ठीक थी। कोरोना प्रोटोकॉल के अनुसार सीटिंग प्लान बनाया गया था। मानसी देवी ने बताया कि सभी प्रश्न सब्जेक्ट से ही थे। अच्छी तरीके से पढ़ाई की थी, मेरिट अच्छी आएगी।
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डीएलएड प्रशिक्षण 2019 के द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा गुरुवार से शुरू हुई। इसके लिए शहर में सात परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। जिनमें राजकीय इंटर कॉलेज, आरएमपी इंटर कॉलेज, आरआरडी इंटर कॉलेज, म्युनिसिपल इंटर कॉलेज, हिन्दू कन्या पाठशाला, उजागर लाल इंटर कॉलेज शामिल हैं। विद्यार्थी समय से पहले ही कॉलेज पहुंच गए।
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गेट पर तलाशी लेकर अंदर प्रवेश दिया गया। कई केंद्रों पर गुरुवार सुबह तक शिक्षक नहीं पहुंचे। इससे प्रधानाचार्यों ने परीक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहे डायट प्राचार्य से शिकायत की। उसके बाद प्राचार्य ने बीएसए से प्राथमिक विद्यालयों से शिक्षक देने को कहा। उसके बाद शिक्षक पहुंचे, तब जाकर परीक्षा हुई।
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जीआईसी प्रधानाचार्य नरेंद्र सिंह ने बताया परीक्षा के लिए 14 कमरे आरक्षित किए गए थे। एक कमरे में दो शिक्षकों की आवश्यकता पड़ती है। इसके अलावा सचल दल व अन्य व्यवस्थाओं में शिक्षक लगाए जाते हैं। परीक्षा के लिए 42 शिक्षकों की आवश्यकता थी। 33 शिक्षक पहुंचे, जिनके जरिए परीक्षा कराई गई।
कई वित्तविहीन इंटर कॉलेजों से भी शिक्षक बुलाए गए थे। एचकेपी में भी शिक्षक कम होने की शिकायतें आई। यही हाल अन्य केंद्रों का भी रहा। डीआईओएस नरेंद्र शर्मा ने बताया, जहां पर शिक्षकों की कमी की शिकायत मिली थी, वहां पर शिक्षक भेजे गए।
वहीं, परीक्षार्थी राहुल यादव का कहना है प्रश्नपत्र अच्छा था। अधिकतर प्रश्न पढ़े हुए थे। इनको सॉल्व करने में कोई दिक्कत नहीं आई। पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि बहु विकल्पीय प्रश्नों की संख्या अधिक थी। इनको सॉल्व करने में कोई परेशानी नहीं हुई। अच्छे अंक आएंगे।
गायत्री ने बताया कि परीक्षा केंद्र पर व्यवस्थाएं भी ठीक थी। कोरोना प्रोटोकॉल के अनुसार सीटिंग प्लान बनाया गया था। मानसी देवी ने बताया कि सभी प्रश्न सब्जेक्ट से ही थे। अच्छी तरीके से पढ़ाई की थी, मेरिट अच्छी आएगी।