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उफान पर घाघरा, प्रशासन अलर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 02 Jul 2017 11:02 PM IST
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जिले के गांजरी क्षेत्र में घाघरा का जलस्तर निरंतर बढ़ता ही जा रहा है। इससे तटीय क्षेत्र के लोग बाढ़ आने का संदेह जताने लगे हैं। दुर्गापुरवा गांव के निकट नदी का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। जहां पर नदी तटीय इलाके में कटान कर रही है।
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उधर, बैराजों से रविवार को भी करीब 90 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जिसकी वजह से जलस्तर में और वृद्धि हो रही है। हालांकि नदी के बढ़ते जलस्तर को देख प्रशासन अलर्ट हो गया है।
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घाघरा नदी में पानी के बढ़ने का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। तटीय क्षेत्र में बसे लोगों की माने तो अब तक पानी करीब 15 फीट ऊंचाई तक पहुंच गया है। रविवार को शारदा, घाघरा व बनबसा बैराजों से 89610 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
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यह पानी नदी के जलस्तर में और इजाफा करेगा। जानकारों का कहना है कि एक तो बैराजों से छोड़ा जा रहा हजारों क्यूसेक पानी और ऊपर से इन दिनों हो रही बरसात से नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है।
रेउसा के ग्राम दुर्गापुरवा व कोनी के निकट घाघरा नदी कटान कर रही है। दुर्गापुरवा जाने वाली सड़क नदी के निशाने पर है, जिसको नदी तेजी से काट रही है। इस क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है कि नदी के कटान की रफ्तार अगर इसी तरह से जारी रही, तो जल्द सड़क खत्म हो जाएगी।
इससे कोनी व दुर्गापुरवा मार्ग खत्म हो जाएगा। बीते वर्ष दुर्गापुरवा के लोगों ने पड़ोस के निर्मल पुरवा का अस्तित्व समाप्त होते देखा था। लोग इससे डरे हैं। निर्मलपुरवा गांव के बाशिंदे आज भी सड़कों व दुर्गापुरवा गांव में डेरा डाले पड़े हैं।
दूसरी तरफ टापू पर बसे पचीसा, रेती पुरवा, बदहाली पुरवा गांव के लोग भी संकट में नजर आ रहे हैं। अभी तक इन गांवों को पहुंचने के लिए महज एक किलोमीटर पानी पर चलना पड़ता था। घाघरा का जलस्तर इस कदर बढ़ा है, कि टापू पर पहुंचने के लिए लोगों को करीब 4 किलोमीटर का फासला पानी में ही तय करना पड़ रहा है।
टापू पर भी नदी कटान कर रही है, जिसके चलते तटीय इलाके में बसे परिवारों ने अपने आशियानों को समेटना शुरू कर दिया है। इधर परमेश्वरदीन पुरवा, लोधपुरवा, गार्गी पुरवा, राम लालपुरवा, कोनी, फौजदार पुरवा, नगीना पुरवा के बाशिंदे भी बाढ़ के खौफ से भयभीत हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि जिस तरह से नदी में पानी बढ़ रहा है, उससे बाढ़ आना लगभग तय है। हालांकि नदी के बढ़ते जलस्तर को देखकर प्रशासन अलर्ट हो गया है। नदी पर निगरानी के लिए प्रशासन ने राजस्व कर्मियों की तैनाती कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि नदी के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। नदी में अभी इतना पानी नहीं बढ़ा है, जिससे बाढ़ आ जाए। इसके बावजूद एहतियात बरता जा रहा है।