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उफनाती लहरों ने बढ़ाई धुकधुकी, सहमे ग्रामीण
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रेउसा इलाके में नदियों का जलस्तर बढ़ने पर नांव से जातेे ग्रामीण। -संवाद
- फोटो : SITAPUR
रेउसा (सीतापुर)। पहाड़ों पर हो रही बारिश से जिले में नदियां उफनाने लगी हैं। बैराजों से छोड़े गए पानी से तराई इलाके में शारदा व सरयू नदी का जलस्तर बढ़ गया है। इससे नदी के किनारे पर बसे 10 से अधिक गांवों के पास पानी पहुंच गया है। बाढ़ की आशंका से ग्रामीण सहमे हुए हैं। तहसील प्रशासन ने ग्रामीणों को अलर्ट किया है।
पहाड़ों पर बारिश होने से बैराजों से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। बिसवां तहसील में शारदा व सरयू नदी बह रही हैं। इन नदियों का गुरुवार को अचानक जलस्तर बढ़ गया है। तहसील प्रशासन के मुताबिक शारदा बैराज से जहां 72126 क्यूसेक व सरयू बैराज से 157290 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। एक साथ 2.29 लाख क्यूसेक पानी आने से नदियां उफना गईं हैं।
इसकी वजह से शेखूपुर कम्हरिया, बढ़ईनपुरवा, त्यागी महराज आश्रम, गोलोक कोडर, पासिनपुरवा सहित 10 से अधिक गांवों के किनारे पहुंच गया है। ग्रामीण बाढ़ की आशंका को लेकर दहशत में हैं। तहसील प्रशासन ने ग्रामीणों को अलर्ट कर दिया है। तहसीलदार अविचल प्रताप सिंह ने बताया नदियों का जलस्तर जरूर बढ़ा है लेकिन बाढ़ जैसे हालात नहीं हैं। पानी पर बराबर नजर बनाए रखी जा रही है।
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सुरक्षित हैं गांव
बैराजों से छोड़े गये पानी से नदियों का जलस्तर बढ़ा है। बाढ़ राहत परियोजनाओं को कोई नुकसान नहीं हुआ है। सभी गांव पूरी तरह से सुरक्षित हैं।
- विशाल पोरवाल, अधिशासी अभियंता, नहर विभाग
खेतों में हिलोरे मार रहा पानी
पासिनपुरवा के बुजुर्ग रामदेव नदी किनारे सिर पर दोनों हाथ रखकर बैठे हुए नजर आए। बोले, पिछले साल बाढ़ सब कुछ बहा ले गई थी। इस साल भी कुछ ऐसे ही हालात बन रहे हैं। वहीं पर लक्ष्मी एक पेड़ के पास बैठी नजर आईं। कहा, बड़ी मेहनत से मक्का बोया था। जमीन कट चुकी है।
अब फसल नदी में समा जाएगी तो बहुत दिक्कतें आएंगी। नगीनापुरवा के शौखीलाल, राजू नाव से बाढ़ के पानी को पार कर रहे थे। पानी तेजी से बह रहा है। खेतों में पानी हिलोरे मार रहा है।
कई घरों में घुसा पानी
रामपुर मथुरा (सीतापुर)। शारदा व सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से महमूदाबाद तहसील के तटवर्ती गांवों में समस्याएं बढ़ने लगी हैं। नदी किनारे बसे गांव अखरी, अंगरौरा, फतेपुरवा, कनरखी, बगस्ती, शुकुल पुरवा आदि गांवों के ग्रामीण दहशत में हैं। सरयू नदी खतरे के निशान 119 सेंटीमीटर से महज 30 सेमी. नीचे बह रही है।
अखरी व अंगरौरा गांव के रास्ते पर पानी बह रहा है। अंगरौरा में मुन्नू, ज्ञानी, नरेश, दयाराम, रामविजय, रघुनाथ के घरों में भी पानी भर रहा है। अखरी व शंकरपुरवा में भी गांव के चारों तरफ पानी भर गया है। जलस्तर बढ़ने से कटान में कुछ कमी आई है। पानी अधिक होने के कारण जानवरों के चारा, शौचालय, लाइट, पेयजल की समस्या उत्पन्न हो गई है। तहसीलदार महमूदाबाद मनीष कुमार ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नजर बनाए हुए हैं। समस्त लेखपाल अपनी ड्यूटी पर तैनात हैं। लोगों की हरसंभव मदद की जाएगी।
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पहाड़ों पर बारिश होने से बैराजों से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। बिसवां तहसील में शारदा व सरयू नदी बह रही हैं। इन नदियों का गुरुवार को अचानक जलस्तर बढ़ गया है। तहसील प्रशासन के मुताबिक शारदा बैराज से जहां 72126 क्यूसेक व सरयू बैराज से 157290 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। एक साथ 2.29 लाख क्यूसेक पानी आने से नदियां उफना गईं हैं।
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इसकी वजह से शेखूपुर कम्हरिया, बढ़ईनपुरवा, त्यागी महराज आश्रम, गोलोक कोडर, पासिनपुरवा सहित 10 से अधिक गांवों के किनारे पहुंच गया है। ग्रामीण बाढ़ की आशंका को लेकर दहशत में हैं। तहसील प्रशासन ने ग्रामीणों को अलर्ट कर दिया है। तहसीलदार अविचल प्रताप सिंह ने बताया नदियों का जलस्तर जरूर बढ़ा है लेकिन बाढ़ जैसे हालात नहीं हैं। पानी पर बराबर नजर बनाए रखी जा रही है।
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सुरक्षित हैं गांव
बैराजों से छोड़े गये पानी से नदियों का जलस्तर बढ़ा है। बाढ़ राहत परियोजनाओं को कोई नुकसान नहीं हुआ है। सभी गांव पूरी तरह से सुरक्षित हैं।
- विशाल पोरवाल, अधिशासी अभियंता, नहर विभाग
खेतों में हिलोरे मार रहा पानी
पासिनपुरवा के बुजुर्ग रामदेव नदी किनारे सिर पर दोनों हाथ रखकर बैठे हुए नजर आए। बोले, पिछले साल बाढ़ सब कुछ बहा ले गई थी। इस साल भी कुछ ऐसे ही हालात बन रहे हैं। वहीं पर लक्ष्मी एक पेड़ के पास बैठी नजर आईं। कहा, बड़ी मेहनत से मक्का बोया था। जमीन कट चुकी है।
अब फसल नदी में समा जाएगी तो बहुत दिक्कतें आएंगी। नगीनापुरवा के शौखीलाल, राजू नाव से बाढ़ के पानी को पार कर रहे थे। पानी तेजी से बह रहा है। खेतों में पानी हिलोरे मार रहा है।
कई घरों में घुसा पानी
रामपुर मथुरा (सीतापुर)। शारदा व सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से महमूदाबाद तहसील के तटवर्ती गांवों में समस्याएं बढ़ने लगी हैं। नदी किनारे बसे गांव अखरी, अंगरौरा, फतेपुरवा, कनरखी, बगस्ती, शुकुल पुरवा आदि गांवों के ग्रामीण दहशत में हैं। सरयू नदी खतरे के निशान 119 सेंटीमीटर से महज 30 सेमी. नीचे बह रही है।
अखरी व अंगरौरा गांव के रास्ते पर पानी बह रहा है। अंगरौरा में मुन्नू, ज्ञानी, नरेश, दयाराम, रामविजय, रघुनाथ के घरों में भी पानी भर रहा है। अखरी व शंकरपुरवा में भी गांव के चारों तरफ पानी भर गया है। जलस्तर बढ़ने से कटान में कुछ कमी आई है। पानी अधिक होने के कारण जानवरों के चारा, शौचालय, लाइट, पेयजल की समस्या उत्पन्न हो गई है। तहसीलदार महमूदाबाद मनीष कुमार ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नजर बनाए हुए हैं। समस्त लेखपाल अपनी ड्यूटी पर तैनात हैं। लोगों की हरसंभव मदद की जाएगी।