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दुधवा से भटककर लहरपुर पहुंचा गैंडा

Mon, 12 Dec 2016 10:43 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 12 Dec 2016 10:43 PM IST
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Rhinoceros came from Dudhwa in Laharpur

दुधवा के जंगल से भटककर एक गैंडा रविवार रात सीतापुर जिले में पहुंच गया। उसे सोमवार को लहरपुर क्षेत्र के जयपुर गांव के समीप देखा गया। उधर, गैंडे ने खेत गए एक किसान पर हमला कर दिया।

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हालांकि इस हमले में किसान को गंभीर चोटें नहीं आईं हैं। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम गैंडे को लखीमपुर वापस भेजने के लिए कॉम्बिंग कर रही है। ग्राम जयपुर किशुनपुर निवासी शादाब व उसका भाई एकलाख प्रतिदिन सुबह दौड़ लगाते हैं।
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सोमवार सुबह दोनों घर से दौड़ने निकले तो गांव के बाहर सड़क किनारे एक गैंडे को घूमते देख दोनों के होश उड़ गए। दोनों भाई उलटे पांव गांव लौट आए और अन्य लोगों को खबर दी। ग्रामीणों ने आननफानन आसपास के गांवों में सचेत रहने की सूचना दी और 100 नंबर पर खबर दे दी।
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इससे पहले कि वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचती जयपुर, किशुनपुर, पोंगलीपुर, कौम नगर, बिलरिया आदि गांवों के सैकड़ों ग्रामीण लाठी-डंडे समेत वहां पहुंच गए और गैंडे को खदेड़ने लगे। बताते हैं कि इस दौरान किशनपुर निवासी कैलाश (40) अपने खेत में मौजूद था।

उधर, ग्रामीणों द्वारा खदेड़ा जा रहा गैंडा अचानक कैलाश के सामने आ गया। इससे पहले कि कैलाश कुछ समझ पाता गैंडे ने उस पर हमला कर दिया। हालांकि ग्रामीणों का शोर सुनकर गैंडा वहां से आगे जंगल की ओर बढ़ गया। गैंडे के हमले में कैलाश को मामूली चोटें आईं हैं।

कैलाश का कहना था कि सब कुछ इतनी जल्दी हुआ, कि उसे खतरे का अहसास ही नहीं हो पाया। गैंडे ने उसे उठाकर फेंक दिया था लेकिन नम मिट्टी में गिरने की वजह से चोट नहीं आईं। मौके पर पहुंचे रेंजर जीडी यादव ने वन कर्मियों की टीम के साथ लोगों को रोक दिया।


रेंजर ने बताया कि यह गैंडा हिंसक नहीं है। यदि कोई छेड़ेगा, तभी वह अपने बचाव में हमला कर सकता है। वन विभाग की टीम उसे खेतों के रास्ते वापस लखीमपुर के जंगलों की तरफ भेजने के प्रयास में जुटी थी। समाचार लिखे जाने तक गैंडे को पकरिया पुरवा के निकट खेतों में खदेड़ा जा रहा था। गैंडा खेतों में मौजूद गन्ने की फसल का सहारा लेकर आगे बढ़ रहा था।

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