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अब खोजे नहीं मिल रहे आरक्षण के अभिलेख
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जिला पंचायतराज दफ्तर में ग्राम पंचायत सदस्यों के आरक्षण संबंधी तलाशे जाते अभिलेख। (संवाद)
- फोटो : SITAPUR
सीतापुर। शासन से जारी समय सारिणी के अनुसार पंचायत के चार पदों के प्रस्तावित आरक्षण बनाने का काम चल रहा है। इसे दो मार्च को सार्वजनिक करना है। तीन पदों का कार्य तो प्रगति पर है, लेकिन सदस्य ग्राम पंचायतों के प्रस्तावित आरक्षण का कार्य रुका है। इसे बनाने के लिए पूर्व के चुनावों का आरक्षण सहित संबंधित अन्य आंकड़ों की आवश्यकता है। पंचायत राज विभाग के पास यह रिकार्ड अधूरा है। इसकी कई दिन से ब्लाक से लेकर जिला मुख्यालय तक खोजबीन हो रही है। इससे प्रस्तावित आरक्षण बनाने में बाधा आ सकती है।
जिले में 1599 ग्राम पंचायतें हैं। जबकि 20215 ग्राम पंचायत सदस्यों के वार्ड हैं। ग्राम पंचायतवार निर्धारित संख्या में वार्डों का आरक्षण किया जाना है। यह कार्य संबंधित एडीओ पंचायत एवं बीडीओ को संयुक्त रूप से करना है। इसके बाद समिति के अन्य सदस्य इसका परीक्षण कर प्रस्तावित सूची पर हस्ताक्षर करेंगे। यह कार्य एक मार्च तक किया जाना है। इसके लिए मात्र चार दिन शेष बचे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पंचायत राज विभाग के अधीन प्रस्तावित आरक्षण बनाने के लिए बीते साल के चुनावों का आरक्षण सहित 2015 की रैपिड सर्वे की प्रति की आवश्यकता है।
इस संबंध में 18 फरवरी को कलेक्ट्रेट सभागार में सीडीओ ने आरक्षण संबंधी प्रशिक्षण के दौरान सभी बीडीओ एवं एडीओ पंचायत को संबंधित अभिलेख उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। संबंधित समय बीत जाने के बाद भी यह अभिलेख नहीं उपलब्ध हो सके हैं। गुरुवार को देर शाम तक पंचायत राज दफ्तर ग्राम पंचायत सदस्यों के पूर्व के आरक्षण संबंधी दस्तावेज ढूंढ़ने का कार्य चलता रहा। डीपीआरओ मनोज कुमार ने बताया है अधिकांश अभिलेख मिल गए हैं। समय से कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।
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सीडीओ को दी गई जानकारी
बीडीओ कसमंडा ने सीडीओ को पत्र भेजकर अवगत कराया है कि ब्लाक स्तर पर 2010, 2015 की आरक्षण सूची उपलब्ध है। शेष अभिलेख नहीं हैं। आरक्षण के संबंध में दिशा निर्देश देने का कष्ट करें। बताया जा रहा है कि कमोवेश सभी ब्लाकों की यही स्थित है। आधे-अधूरे दस्तावेज ही उपलब्ध हैं। इन्हें ढूंढ़ने का कार्य चल रहा है। पंचायत कर्मी सहित सफाई कर्मी इस कार्य में लगे हैं। कुछ अभिलेखों को चूहों ने कतर दिया है।
कायदे से यह अभिलेख ब्लाक पर होने चाहिए। इसकी एक प्रति जिले पर होनी चाहिए। ब्लाक के एडीओ पंचायतों ने संयुक्त हस्ताक्षर से पहले ही डीपीआरओ को बताया जा चुका है कि यह अभिलेख उपलब्ध कराएं। ताकि सीडीओ को इसके लिए निर्धारित तिथि 25 फरवरी तक प्रारूप पर आरक्षण तैयार कर प्रस्तुत किया जा सके। लेकिन समय से अभिलेख नहीं मिल सके हैं।
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जिले में 1599 ग्राम पंचायतें हैं। जबकि 20215 ग्राम पंचायत सदस्यों के वार्ड हैं। ग्राम पंचायतवार निर्धारित संख्या में वार्डों का आरक्षण किया जाना है। यह कार्य संबंधित एडीओ पंचायत एवं बीडीओ को संयुक्त रूप से करना है। इसके बाद समिति के अन्य सदस्य इसका परीक्षण कर प्रस्तावित सूची पर हस्ताक्षर करेंगे। यह कार्य एक मार्च तक किया जाना है। इसके लिए मात्र चार दिन शेष बचे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पंचायत राज विभाग के अधीन प्रस्तावित आरक्षण बनाने के लिए बीते साल के चुनावों का आरक्षण सहित 2015 की रैपिड सर्वे की प्रति की आवश्यकता है।
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इस संबंध में 18 फरवरी को कलेक्ट्रेट सभागार में सीडीओ ने आरक्षण संबंधी प्रशिक्षण के दौरान सभी बीडीओ एवं एडीओ पंचायत को संबंधित अभिलेख उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। संबंधित समय बीत जाने के बाद भी यह अभिलेख नहीं उपलब्ध हो सके हैं। गुरुवार को देर शाम तक पंचायत राज दफ्तर ग्राम पंचायत सदस्यों के पूर्व के आरक्षण संबंधी दस्तावेज ढूंढ़ने का कार्य चलता रहा। डीपीआरओ मनोज कुमार ने बताया है अधिकांश अभिलेख मिल गए हैं। समय से कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।
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सीडीओ को दी गई जानकारी
बीडीओ कसमंडा ने सीडीओ को पत्र भेजकर अवगत कराया है कि ब्लाक स्तर पर 2010, 2015 की आरक्षण सूची उपलब्ध है। शेष अभिलेख नहीं हैं। आरक्षण के संबंध में दिशा निर्देश देने का कष्ट करें। बताया जा रहा है कि कमोवेश सभी ब्लाकों की यही स्थित है। आधे-अधूरे दस्तावेज ही उपलब्ध हैं। इन्हें ढूंढ़ने का कार्य चल रहा है। पंचायत कर्मी सहित सफाई कर्मी इस कार्य में लगे हैं। कुछ अभिलेखों को चूहों ने कतर दिया है।
कायदे से यह अभिलेख ब्लाक पर होने चाहिए। इसकी एक प्रति जिले पर होनी चाहिए। ब्लाक के एडीओ पंचायतों ने संयुक्त हस्ताक्षर से पहले ही डीपीआरओ को बताया जा चुका है कि यह अभिलेख उपलब्ध कराएं। ताकि सीडीओ को इसके लिए निर्धारित तिथि 25 फरवरी तक प्रारूप पर आरक्षण तैयार कर प्रस्तुत किया जा सके। लेकिन समय से अभिलेख नहीं मिल सके हैं।