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दीवार ढहने से पिता और पुत्र की मौत
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सीतापुर। बारिश अब आफत बन गई है। कच्ची दीवारें ढहने से पिता-पुत्र की मौत हो गई। मलबे में दबने से चार बकरियों ने भी दम तोड़ दिया। एक महिला बाल-बाल बच गई। विधायक महोली ने घर वालों को सांत्वना देते हुए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।
नेरी प्रतिनिधि के अनुसार कोतवाली महोली क्षेत्र के मिर्जापुर मजरा कारीपाकर में रहने वाला लेखई (70) शनिवार भोर घर में छप्पर के नीचे सो रहा था। पड़ोस में ही उसका लड़का फेरूलाल (40) लेटा था। बारिश से सुबह करीब 4 बजे कच्ची दीवार अचानक भर भराकर ढह गई।
पिता-पुत्र मलबे के नीचे दब गए। चीख-पुकार सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने मलबा हटाकर उन्हें बाहर निकाला। तब तक दोनों की मौत हो गई थी। हादसे की खबर पाकर क्षेत्रीय विधायक शशांक त्रिवेदी ने गांव पहुंचकर मृतकों के परिवारीजनों को ढांढस बंधाया। विधायक ने 24 घंटे में आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया।
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राजस्व निरीक्षक ने रिपोर्ट तहसील प्रशासन को भेज दी है। अटरिया प्रतिनिधि के अनुसार सिधौली तहसील के ग्राम कोल मजरा अकबरपुर निवासी मेड़ीलाल के घर की कच्ची दीवार शुक्रवार रात लगभग दो बजे ढह गई। मलबे में दबकर मेड़ीलाल की चार बकरियां मर गईं।
बरई जलालपुर प्रतिनिधि के अनुसार खैराबाद थाना इलाके के रसूलपुर निवासी लक्ष्मीकांत के कमरे की छत अचानक ढह गई। हादसे के समय लक्ष्मीकांत की पत्नी अर्चना कमरे में मौजूद थीं। वह बाल-बाल बच गई।
छप्पर के नीचे गुजरा कर रहा परिवार
महोली क्षेत्र के मिर्जापुर में कच्ची दीवार ढहने से जान गंवाने वाले पिता-पुत्र का परिवार छप्पर के नीचे गुजर बसर कर रहा है। मकान के नाम पर इनके पास कच्ची दीवारों पर रखे छप्पर ही हैं। यही इनका आशियाना है। इनका घर गरीबों को छत मुहैया कराने वाली सरकारी योजनाओं को आइना दिखा रहा है।
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नेरी प्रतिनिधि के अनुसार कोतवाली महोली क्षेत्र के मिर्जापुर मजरा कारीपाकर में रहने वाला लेखई (70) शनिवार भोर घर में छप्पर के नीचे सो रहा था। पड़ोस में ही उसका लड़का फेरूलाल (40) लेटा था। बारिश से सुबह करीब 4 बजे कच्ची दीवार अचानक भर भराकर ढह गई।
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पिता-पुत्र मलबे के नीचे दब गए। चीख-पुकार सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने मलबा हटाकर उन्हें बाहर निकाला। तब तक दोनों की मौत हो गई थी। हादसे की खबर पाकर क्षेत्रीय विधायक शशांक त्रिवेदी ने गांव पहुंचकर मृतकों के परिवारीजनों को ढांढस बंधाया। विधायक ने 24 घंटे में आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया।
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राजस्व निरीक्षक ने रिपोर्ट तहसील प्रशासन को भेज दी है। अटरिया प्रतिनिधि के अनुसार सिधौली तहसील के ग्राम कोल मजरा अकबरपुर निवासी मेड़ीलाल के घर की कच्ची दीवार शुक्रवार रात लगभग दो बजे ढह गई। मलबे में दबकर मेड़ीलाल की चार बकरियां मर गईं।
बरई जलालपुर प्रतिनिधि के अनुसार खैराबाद थाना इलाके के रसूलपुर निवासी लक्ष्मीकांत के कमरे की छत अचानक ढह गई। हादसे के समय लक्ष्मीकांत की पत्नी अर्चना कमरे में मौजूद थीं। वह बाल-बाल बच गई।
छप्पर के नीचे गुजरा कर रहा परिवार
महोली क्षेत्र के मिर्जापुर में कच्ची दीवार ढहने से जान गंवाने वाले पिता-पुत्र का परिवार छप्पर के नीचे गुजर बसर कर रहा है। मकान के नाम पर इनके पास कच्ची दीवारों पर रखे छप्पर ही हैं। यही इनका आशियाना है। इनका घर गरीबों को छत मुहैया कराने वाली सरकारी योजनाओं को आइना दिखा रहा है।