बारिश का कहर, दो की मौत: कच्चा मकान और बिजली का खंभा गिरने से हादसा, महिला गंभीर घायल
सीतापुर में बारिश के कहर ने दो की जान ले ली। वहीं, किसानों को भी नुकसान हुआ है। ऐसे में उन्हें उधारी चुकाने की चिंता सताने लगी है।
विस्तार
मूसलाधार बारिश तीसरे दिन रविवार दोपहर थम गई, लेकिन बारिश और तेज हवाओं ने जिले में जमकर तबाही मचाई। कमलापुर और महोली में हुए अलग-अलग हादसों में महिला समेत दो लोगों की मौत हो गई। सिधौली में कच्ची दीवार गिरने से महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। उधर, कई इलाकों में जलभराव से फसलें बर्बाद हो गईं और लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं।
कच्चा मकान ढहने से महिला की मौत
कमलापुर थानाक्षेत्र के किशनखेड़ा गांव में रविवार सुबह करीब पांच बजे बारिश के दौरान बच्चूलाल का कच्चा मकान भरभराकर ढह गया। मलबे में उसकी पत्नी रूपरानी (65) दब गईं। परिजनों और ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
खंभा गिरने से व्यक्ति की जान गई
महोली कोतवाली क्षेत्र के अल्लीपुर गांव में शनिवार देर शाम बिजली के खंभे पर पेड़ गिर गया। इससे खंभा टूटकर राजेश कुमार (50) के सिर पर जा गिरा। गंभीर हालत में उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। भाई विकास कुमार ने बताया कि राजेश गांव में दुकान से सामान लेने जा रहे थे, तभी हादसा हुआ। राजेश के परिवार में पत्नी, दो बेटे और चार बेटियां हैं। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
कच्ची दीवार गिरी, महिला घायल
नैमिषारण्य थानाक्षेत्र के चौपरिया निवासी विनीता (30) पत्नी अनूप अपने मायके सिधौली के मोहद्दीनपुर आई थीं। शनिवार देर शाम बाथरूम की कच्ची दीवार ढहने से वह मलबे में दबकर गंभीर रूप से घायल हो गईं। परिजन उन्हें सीएचसी सिधौली ले गए। बड़ी बहन चक्रवती ने बताया कि प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहां उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई।
मकान की छत और दीवार गिरी
बेहटा क्षेत्र के संहिजर कला निवासी उपेंद्र कुमार मिश्रा के घर के एक कमरे की छत और दीवार शनिवार रात गिर गई। हादसे के समय उपेंद्र पत्नी को दवा दिलाने लखनऊ गए थे। सूचना पर लेखपाल विचित्र वर्मा ने मौके का निरीक्षण किया। उन्होंने नुकसान की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजने की बात कही।
फसलें बर्बाद, उधारी की चिंता
बेहटा विकासखंड में भारी बारिश से किसानों को भी नुकसान हुआ है। राजकुमार मिश्रा ने बताया कि 40 बीघा केला गिरकर नष्ट हो गया। सुभाष चंद्र मिश्र की 25 बीघा गन्ने की फसल चौपट हो गई। उन्होंने बताया कि फसल के लिए उधार लिया था, अब कर्ज चुकाने की चिंता है। नवल किशोर गिरी की 10 बीघा मक्का और दिलीप कुमार मिश्रा की मक्का व उड़द की फसल भी नष्ट हो गई।
घर और कारखाने में घुसा पानी
जलभराव से किसान रामसिंह के घर और कारखाने में पानी घुस गया। उन्होंने बताया कि करीब 10 हजार रुपये का भूसा खराब हो गया। खेत में खड़ी फसल भी डूब गई है। पवन कुमार, प्रदीप कुमार, रामचंद्र, नवल किशोर मिश्रा, भगौती शुक्ला, सन्तराम यादव, राकेश कुमार यादव, दीपक और अवधेश कुमार मिश्रा ने जल्द पानी निकासी की मांग की।
बारिश थमी, जलभराव बरकरार
रविवार को बारिश थमने से लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन जलभराव से परेशानी बनी रही। पूर्णागिरिनगर, आवास विकास और घूरामऊ बंगला समेत कई मोहल्लों की सड़कों पर पानी भरा है। शाम करीब चार बजे बादल छंटे और धूप निकली तो बाजार में चहलपहल बढ़ी। अधिकतम तापमान दो डिग्री बढ़कर 25 और न्यूनतम एक डिग्री बढ़कर 22 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार सोमवार को बादलों की आवाजाही रहेगी और बारिश से राहत की उम्मीद है।