फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sitapur News ›   Prob

Sitapur : घोटाले में शामिल लिपिक को ही बना दिया जांच कमेटी का सदस्य, चेयरमैन के हस्ताक्षर से निकले पैसे

Thu, 11 Aug 2022 10:26 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमर उजाला, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, अमर उजाला, सीतापुर Published by: लखनऊ ब्यूरो Updated Thu, 11 Aug 2022 10:26 AM IST
सार

नगर पालिका मिश्रिख में स्वच्छ भारत मिशन के तहत पीएफएमएस फंड से 11 बार में 40 लाख रुपये निकाले गए। यह पैसे 1-1-2020 से लेकर 1-05-2021 के बीच में निकले। जबकि इस दौरान यहां की चेयरमैन के अधिकार सीज रहे।

विज्ञापन
Prob
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : amar ujala

विस्तार

मिश्रिख नगर पालिका परिषद में स्वच्छत भारत मिशन के 40 लाख रुपये हड़पने के मामले में डीएम के आदेश पर चार सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया गया है। मजे की बात यह है कि इसमें एसडीएम व लीड बैंक मैनेजर समेत नगर पालिका के एक लिपिक को भी शामिल किया गया है जिसकी इस घोटाले में मिलीभगत उजागर हो चुकी है। ऐसे में जांच कमेटी पर भी सवालिया निशान लगने लगे है।

विज्ञापन


सीतापुर जिले के नैमिषारण्य धाम को मिलाकर बनाई गई मिश्रिख नगर पालिका परिषद में जमकर भ्रष्टाचार का खेल हुआ है। यह पर स्वच्छ भारत मिशन अभियान के तहत खर्च करने के नाम पर बिना कोई काम किए 40 लाख रुपये निकाल लिए गए। इसी साल मार्च माह में जब ऑडिट में बात उजागर हुई तो हड़कंप मच गया।
विज्ञापन


इसके बाद डीएम अनुज सिंह ने पूरे मामले की जांच कमेटी का गठन किया है। लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि इस कमेटी में एसडीएम मिश्रिख, एलडीएम, जिला लेखा परीक्षा अधिकारी व नगर पालिका के एक लिपिक को शामिल किया गया है। सूत्र बताते है कि इस घोटाले के दौरान लिपिक की तैनाती नगर पालिका में रही और उनकी जानकारी में यह खेल हुआ। ऐसे में लिपिक स्तर से जांच कमेटी प्रभावित भी की जा सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अधिकार सीज फिर भी चेयरमैन के हस्ताक्षर से निकले पैसे
नगर पालिका मिश्रिख में स्वच्छ भारत मिशन के तहत पीएफएमएस(पब्लिक फाइनेंसियल मैनेजमेंट सिस्टम) फंड से 11 बार में 40 लाख रुपये निकाले गए। यह पैसे 1-1-2020 से लेकर 1-05-2021 के बीच में निकले। जबकि इस दौरान यहां की चेयरमैन के अधिकार सीज रहे। सूत्र बताते है कि जून 2020 में चेयरमैन के अधिकार सीज किए गए थे जो मई 2021 में बहाल हो सके। लेकिन इस मद से जो पैसों की निकासी हुई उन चेक में चेयरमैन व तत्कालीन ईओ के संयुक्त हस्ताक्षर रहे। पैसे भले ही कंप्यूटर ऑपरेटर के खाते में गए हो लेकिन इसके बाद वह किसने निकाले यह बताने वाला कोई नहीं है। ऐसे में कंप्यूटर ऑपरेटर को ढाल बनाकर घोटाले के दोषी खुद की गर्दन बचाने में लगे हुए है।


मिश्रिख नगर पालिका परिषद में स्वच्छ भारत मिशन के पैसों में हुई गड़बड़ी की जांच के लिए कमेटी बनाई गई है। अभी तक जांच रिपोर्ट नहीं मिली है। रिपोर्ट मिलने के बाद जो दोषी होगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अनुज सिंह, डीएम

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed