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Sitapur News: मचान से बाघिन को ट्रैंकुलाइज करने की तैयारी
Fri, 24 Jul 2026 12:10 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Fri, 24 Jul 2026 12:10 AM IST
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संदना क्षेत्र में कॉम्बिंग करती वन विभाग की टीम। खेत में मिले बाघिन के पगचिह्न व बनाया गया मच
संदना। वन विभाग की टीम को बृहस्पतिवार को इमलीपुरवा के करीब बाघिन के ताजा पगचिह्न मिले हैं। हमेशा की तरह काॅम्बिंग करते हुए वन विभाग की टीमें खेतों की खाक छानती रहीं। मगर पगचिह्न के अलावा उनके हाथ कुछ नहीं लगा। गेंधरिया के पास दूसरा पड़वा बांधने के साथ बाघिन को ट्रैंकुलाइज करने के लिए मचान बनाई गई है।
रसुलवा में किसान कमल किशोर पर हमला करने वाली बाघिन आठवें दिन भी वन विभाग को छकाती रही। किसान की मौत के बाद हरकत में आए वन विभाग के हाथ फिलहाल खाली हैं। हर रोज अलग-अलग जगह पगचिह्न मिलने, मंगलवार को पड़वे का शिकार करने और बुधवार को ट्रैप कैमरे में कैद होने के बाद भी बाघिन वन विभाग की पकड़ से दूर है। मचान बनाकर बाघिन को ट्रैंकुलाइज करने की योजना भी अब तक बेनतीजा साबित हुई है। इस बीच बृहस्पतिवार को इमलीपुरवा में बाघिन के ताजा पगचिह्न मिले हैं। कॉम्बिंग के साथ वनकर्मियों ने गेंधरिया क्षेत्र में फिर से पड़वा बांधा है, ताकि बाघिन उसका शिकार करने आए और उसे मचान से ट्रैंकुलाइज किया जा सके।
मचान पर ट्रैंकुलाइज करने वाली टीम लगातार पहरा दे रही है। इसके साथ ही ट्रैप कैमरों से बाघिन की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। वन विभाग आसपास के गांवों में जागरूकता अभियान भी चला रहा है। प्रमुख स्थानों पर चेतावनी संबंधी पोस्टर लगाए गए हैं। लाउडस्पीकर से लोगों से अकेले खेत या जंगल की ओर न जाने, समूह में निकलने और किसी भी जंगली जानवर के दिखने या पगचिह्न मिलने पर तत्काल सूचना देने की अपील की जा रही है।
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खेती के साथ ही बच्चों की पढ़ाई प्रभावित
गेंधारिया निवासी गुड्डू ने बताया कि बाघिन की दहशत के कारण ग्रामीणों का खेतों तक जाना मुश्किल हो गया है। खेती-किसानी का काम प्रभावित हो रहा है। भगवानदीन ने बताया कि बच्चों की पढ़ाई पर भी असर पड़ रहा है। कई बच्चे डर के कारण विद्यालय नहीं जा रहे हैं, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
मचान बनाकर रखी जा रही नजर
बाघिन को पकड़ने के लिए वन विभाग की स्थानीय टीम के साथ अन्य क्षेत्रों से आई टीमें भी लगातार कॉम्बिंग कर रही हैं। हर संभावित स्थान पर निगरानी रखी जा रही है और जल्द ही बाघिन को सुरक्षित पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है। गेंधरिया के पास जहां बाघिन ने पड़वा का शिकार किया था और ट्रैप कैमरे में कैद हुई थी, वहां दूसरा पड़वा बांधकर मचान बनाई गई है। बाघिन को ट्रैंकुलाइज करने के लिए दुधवा के डॉ. दीपक कुमार मचान पर मुस्तैद हैं।
- सिकंदर सिंह, रेंजर मिश्रिख
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रसुलवा में किसान कमल किशोर पर हमला करने वाली बाघिन आठवें दिन भी वन विभाग को छकाती रही। किसान की मौत के बाद हरकत में आए वन विभाग के हाथ फिलहाल खाली हैं। हर रोज अलग-अलग जगह पगचिह्न मिलने, मंगलवार को पड़वे का शिकार करने और बुधवार को ट्रैप कैमरे में कैद होने के बाद भी बाघिन वन विभाग की पकड़ से दूर है। मचान बनाकर बाघिन को ट्रैंकुलाइज करने की योजना भी अब तक बेनतीजा साबित हुई है। इस बीच बृहस्पतिवार को इमलीपुरवा में बाघिन के ताजा पगचिह्न मिले हैं। कॉम्बिंग के साथ वनकर्मियों ने गेंधरिया क्षेत्र में फिर से पड़वा बांधा है, ताकि बाघिन उसका शिकार करने आए और उसे मचान से ट्रैंकुलाइज किया जा सके।
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मचान पर ट्रैंकुलाइज करने वाली टीम लगातार पहरा दे रही है। इसके साथ ही ट्रैप कैमरों से बाघिन की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। वन विभाग आसपास के गांवों में जागरूकता अभियान भी चला रहा है। प्रमुख स्थानों पर चेतावनी संबंधी पोस्टर लगाए गए हैं। लाउडस्पीकर से लोगों से अकेले खेत या जंगल की ओर न जाने, समूह में निकलने और किसी भी जंगली जानवर के दिखने या पगचिह्न मिलने पर तत्काल सूचना देने की अपील की जा रही है।
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खेती के साथ ही बच्चों की पढ़ाई प्रभावित
गेंधारिया निवासी गुड्डू ने बताया कि बाघिन की दहशत के कारण ग्रामीणों का खेतों तक जाना मुश्किल हो गया है। खेती-किसानी का काम प्रभावित हो रहा है। भगवानदीन ने बताया कि बच्चों की पढ़ाई पर भी असर पड़ रहा है। कई बच्चे डर के कारण विद्यालय नहीं जा रहे हैं, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
मचान बनाकर रखी जा रही नजर
बाघिन को पकड़ने के लिए वन विभाग की स्थानीय टीम के साथ अन्य क्षेत्रों से आई टीमें भी लगातार कॉम्बिंग कर रही हैं। हर संभावित स्थान पर निगरानी रखी जा रही है और जल्द ही बाघिन को सुरक्षित पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है। गेंधरिया के पास जहां बाघिन ने पड़वा का शिकार किया था और ट्रैप कैमरे में कैद हुई थी, वहां दूसरा पड़वा बांधकर मचान बनाई गई है। बाघिन को ट्रैंकुलाइज करने के लिए दुधवा के डॉ. दीपक कुमार मचान पर मुस्तैद हैं।
- सिकंदर सिंह, रेंजर मिश्रिख

संदना क्षेत्र में कॉम्बिंग करती वन विभाग की टीम। खेत में मिले बाघिन के पगचिह्न व बनाया गया मच

संदना क्षेत्र में कॉम्बिंग करती वन विभाग की टीम। खेत में मिले बाघिन के पगचिह्न व बनाया गया मच