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4.5 लाख विद्युत उपभोक्ताओं पर बढ़ा बोझ
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सीतापुर। बिजली उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। कारण ये है गुरुवार से बिजली की बढ़ी दरें प्रभावी हो गई हैं। इस बढ़ोत्तरी को उपभोक्ताओं ने आर्थिक बोझ बताते हुए सरकार से इसे वापस लेने की मांग की है। उपभोक्ताओं का कहना है कि दरें बढ़ाने से पहले पावर कॉर्पोरेशन को सुविधाएं बढ़ानी चाहिए।
तभी ये व्यवस्था लागू करनी चाहिए है। इस बढ़ोत्तरी से जिले के करीब साढ़े चार लाख उपभोक्ता प्रभावित हुए हैं। शासन ने बिजली की दरों में 12 फीसदी तक की बढ़ोत्तरी कर दी है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाके तक के रेट में इजाफा हुआ है। इससे पहले जो उपभोक्ता 300 रुपये प्रतिमाह बिल अदा करते थे, उन्हें अब 336 रुपये अदा करने पड़ेंगे।
यानी एक माह में 36 रुपये का खर्च बढ़ गया है। सरकार ने गुरुवार से इस बढ़ोत्तरी को लागू कर दिया है। उपभोक्ताओं का कहना है कि ये भार घर का बजट ही बिगाड़ देगा। साथ ही महंगाई भी बढ़ेगी। सरकार ने बिना जनता की राय लिए आनन-फानन में बढ़ोत्तरी कर दी है। अगर बढ़ोत्तरी करनी ही थी तो कुछ कम करते।
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वहीं सरकार को जनता पर बोझ बढ़ाने से पहले सुविधाएं अपडेट करनी चाहिए थीं। तभी इसे लागू करते। इस मनमानी के चलते आम उपभोक्ता परेशान हैं।
पांच फीसदी से अधिक न हो बढ़ोत्तरी
विकासनगर के रहने वाले सौरभ मिश्र का कहना है कि सरकार को पांच फीसद से अधिक की बढ़ोत्तरी नहीं करनी थी। एकसाथ 12 फीसदी दरें बढ़ाना कहां का न्याय है। रामनरेश का कहना है कि सरकार उद्योग धंधे चलाने के लिए कोई सहूलियत तो दे नहीं रही है। बल्कि आर्थिक बोझ ही बढ़ा रही है।
अगर इतनी बिजली महंगी कर देंगे तो धंधा चलाना मुश्किल हो जाएगा। रवि वर्मा का कहना है कि पहले घर का बिजली बिल 500 रुपये आता था। अब 60 रुपये अतिरिक्त देेने पड़ेंगे। ये बढ़ोत्तरी आम जनता के हित में नहीं है।
छह हजार की आबादी है अंधेरे में
रेउसा विकासखंड की ग्राम पंचायत गोलोककोडर के मजरा टपरी, जंगल टपरी, पासिनपुरवा, लोधनपुरवा, परमेश्वर पुरवा की आबादी करीब छह हजार है। मगर अभी तक इन मजरों का विद्युतीकरण नहीं हो सका है। ग्रामीणों का कहना है करीब दो साल पहले पोल लगाकर तार खींचे गए थे। मगर विद्युत आपूर्ति अभी तक शुरू नहीं हो सकी।
नई बस्ती चहलारी के मजरा धन्नीपुरवा की आबादी करीब 300 है। यहां पर भी न तो पोल लगे हैं और न ही लाइन खींची जा सकी है। इससे ग्रामीण अंधेरे में जीवन यापन कर रहे हैं।
रामपुर मथुरा विकासखंड की ग्राम पंचायत रायसेनपुर के मजरा नयापुरवा में विद्युत पोल लगा दिए गए हैं। मगर तार की लाइन नहीं खींची गई है। गोंडा देवरिया ग्राम पंचायत का मजरा छेदूपुरवा में गांव के बाहर विद्युतीकरण है। मगर गांव के अंदर विद्युतीकरण न होने से ग्रामीणों को बिजली का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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तभी ये व्यवस्था लागू करनी चाहिए है। इस बढ़ोत्तरी से जिले के करीब साढ़े चार लाख उपभोक्ता प्रभावित हुए हैं। शासन ने बिजली की दरों में 12 फीसदी तक की बढ़ोत्तरी कर दी है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाके तक के रेट में इजाफा हुआ है। इससे पहले जो उपभोक्ता 300 रुपये प्रतिमाह बिल अदा करते थे, उन्हें अब 336 रुपये अदा करने पड़ेंगे।
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यानी एक माह में 36 रुपये का खर्च बढ़ गया है। सरकार ने गुरुवार से इस बढ़ोत्तरी को लागू कर दिया है। उपभोक्ताओं का कहना है कि ये भार घर का बजट ही बिगाड़ देगा। साथ ही महंगाई भी बढ़ेगी। सरकार ने बिना जनता की राय लिए आनन-फानन में बढ़ोत्तरी कर दी है। अगर बढ़ोत्तरी करनी ही थी तो कुछ कम करते।
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वहीं सरकार को जनता पर बोझ बढ़ाने से पहले सुविधाएं अपडेट करनी चाहिए थीं। तभी इसे लागू करते। इस मनमानी के चलते आम उपभोक्ता परेशान हैं।
पांच फीसदी से अधिक न हो बढ़ोत्तरी
विकासनगर के रहने वाले सौरभ मिश्र का कहना है कि सरकार को पांच फीसद से अधिक की बढ़ोत्तरी नहीं करनी थी। एकसाथ 12 फीसदी दरें बढ़ाना कहां का न्याय है। रामनरेश का कहना है कि सरकार उद्योग धंधे चलाने के लिए कोई सहूलियत तो दे नहीं रही है। बल्कि आर्थिक बोझ ही बढ़ा रही है।
अगर इतनी बिजली महंगी कर देंगे तो धंधा चलाना मुश्किल हो जाएगा। रवि वर्मा का कहना है कि पहले घर का बिजली बिल 500 रुपये आता था। अब 60 रुपये अतिरिक्त देेने पड़ेंगे। ये बढ़ोत्तरी आम जनता के हित में नहीं है।
छह हजार की आबादी है अंधेरे में
रेउसा विकासखंड की ग्राम पंचायत गोलोककोडर के मजरा टपरी, जंगल टपरी, पासिनपुरवा, लोधनपुरवा, परमेश्वर पुरवा की आबादी करीब छह हजार है। मगर अभी तक इन मजरों का विद्युतीकरण नहीं हो सका है। ग्रामीणों का कहना है करीब दो साल पहले पोल लगाकर तार खींचे गए थे। मगर विद्युत आपूर्ति अभी तक शुरू नहीं हो सकी।
नई बस्ती चहलारी के मजरा धन्नीपुरवा की आबादी करीब 300 है। यहां पर भी न तो पोल लगे हैं और न ही लाइन खींची जा सकी है। इससे ग्रामीण अंधेरे में जीवन यापन कर रहे हैं।
रामपुर मथुरा विकासखंड की ग्राम पंचायत रायसेनपुर के मजरा नयापुरवा में विद्युत पोल लगा दिए गए हैं। मगर तार की लाइन नहीं खींची गई है। गोंडा देवरिया ग्राम पंचायत का मजरा छेदूपुरवा में गांव के बाहर विद्युतीकरण है। मगर गांव के अंदर विद्युतीकरण न होने से ग्रामीणों को बिजली का लाभ नहीं मिल पा रहा है।